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संत पापा फ्राँसिस ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए संत पापा फ्राँसिस ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए 

इस समय के मौन से हम सुनना सीख सकें, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए कहा कि महामारी के इस समय के मौन से हम सुनना सीख सकें। प्रवचन में उन्होंने प्रथम ख्रीस्तीय समुदाय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पवित्र आत्मा हम में कार्य करते हैं जब हम उनके प्रति खुले होते हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 21 अप्रैल 2020 (रेई)- मंगलवार को ख्रीस्तयाग शुरू करते हुए संत पापा ने कहा, "इस समय में बहुत अधिक मौन है। मौन को भी सुना जा सकता है। यह मौन जो हमारी आदत से जरा नया है हमें सुनना सिखाये, सुनने की कला में बढ़ाये। हम इसके लिए प्रार्थना करें।"

संत पापा ने उपदेश में प्रेरित-चरित से लिए गये पहले पाठ पर चिंतन किया जिसमें प्रथम ख्रीस्तीय समुदाय के जीवन को प्रस्तुत किया गया है, विश्वासियों का समुदाय एक हृदय एवं एक प्राण था। कोई भी अपनी सम्पति अपनी ही नहीं समझता था। जो कुछ उनके पास था उसमें सबों का साझा था (प्रे.च 4, 32-37) और कोई अभावग्रस्त नहीं था। संत पापा ने कहा, "पवित्र आत्मा ही यह चमत्कार कर सकता है।"

ऊपर से जन्म लेना

संत पापा ने कहा कि सुसमाचार के अनुसार "ऊपर से जन्म लेने" का अर्थ है पवित्र आत्मा की शक्ति से जन्म लेना। हम पवित्र आत्मा को अपने आप नहीं ले सकते किन्तु उन्हें अपने आपमें परिवर्तन लाने देते हैं। पहला ख्रीस्तीय समुदाय इसका उदाहरण है। यदि हम उदार हैं तो पवित्र आत्मा क्या कर सकता है यह उसका एक चिन्ह है। पवित्र आत्मा सामंजस्य स्थापित करता है।" उन्होंने कहा कि इस समुदाय में सामंजस्य था क्योंकि पवित्र आत्मा सामंजस्य के स्वामी हैं और वे सब कुछ में सामंजस्य सा सकते हैं।

संत पापा ने ख्रीस्तीय समुदाय में विभाजन पर गौर करते हुए कहा, "बाद में विभाजन एवं समस्याएँ उत्पन्न हुईं। समुदाय को कई चीजें बांट सकती हैं। विभाजन के तीन कारण हैं- पहला है- धन।

धन विभाजित करता है

संत पौलुस कहते हैं, "क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति झटपट अपना अपना भोजन खाने में लग जाता है इस तरह कोई भूखा रह जाता और कोई ज्यादा पी लेता है।" (1 कोर 11:21).

गरीबों के साथ भेदभाव किया जाता था। धन ख्रीस्तीय समुदाय को बांटता है। कई बार धर्म सैद्धांतिक विभाजन के मूल में पैसा होता है जबकि दूसरी ओर गरीबी समुदाय की माता है। वह समुदाय की सुरक्षा करती है। कई परिवार सम्पति के लिए विभाजित हो जाते हैं।

अभिमान बांटता है

विभाजन का दूसरा कारण है, अभिमान। दूसरों से अपने को अच्छा समझना। कई बार संस्कारों का अनुष्ठान भी अभिमान का उदाहरण बन जाता है जिसमें उत्तम वस्त्रधारण किये जाते हैं। अभिमान बांटता है क्योंकि यह मोर के समान दिखावा करने के लिए प्रेरित करता है।

गपशप विभाजन लाता है

समुदाय को बांटने वाला तीसरा कारण है, गपशप, जिसको शैतान हमारे अंदर डालता है जिसके द्वारा हम दूसरों के बारे बहस करने की आवश्यकता महसूस करते हैं। पवित्र आत्मा हमेशा दुनिया के इन प्रलोभनों से हमें बचाने आते हैं क्योंकि पवित्र आत्मा ऐसा चमत्कार कर सकते हैं।

हम प्रभु से पवित्र आत्मा के प्रति उदार होने की कृपा के लिए प्रार्थना करें, जिससे कि हम अपने आपको एवं हमारे समुदायों, पल्लियों, धर्मप्रांतों और धर्मसमाजी समुदायों को बदल सकें और येसु की इच्छा अनुसार समुदाय में सौहार्दपूर्वक आगे बढ़ सकें।

21 April 2020, 16:12
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