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ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा फ्राँसिस ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा फ्राँसिस 

कठिनाई हमें एकता की ओर अग्रसर करे, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार के ख्रीस्तयाग में एकता की खोज करने का निमंत्रण दिया जो हर प्रकार के विभाजन से बढ़कर है। उन्होंने आग्रह किया कि हम अपनी सुरक्षा ईश्वर में खोजें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 14 अप्रैल 2020 (रेई)- वाटिकन के संत मर्था में पास्का अठवारे के दूसरे दिन मंगलवार को, ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए संत पापा ने प्रार्थना की कि ईश्वर हमें एकता की कृपा प्रदान करे। उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में, वे हमें एकता की खोज करने की कृपा दें जो एकजुट करता है और एकता जो विभाजन से हमेशा बड़ा होता है।”

भ्रम से पश्चाताप

अपने उपदेश में संत पापा ने विश्वासियों का ध्यान, पेतेंकोस्त के दिन पेत्रुस द्वारा पश्चाताप के निमंत्रण की ओर आकृष्ट किया। (प्रे.च 2:36-41) पेत्रुस येरूसालेम में एकत्रित लोगों को पश्चाताप करने और ईश्वर की ओर लौटने का निमंत्रण देते हैं। संत पापा ने कहा, “पश्चाताप करने का अर्थ है वफादारी की ओर लौटना है। भ्रम हमेशा हमारा ध्यान अपनी ओर खींचता है और हम उसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं किन्तु हम अच्छे और बुरे दोनों समय में वफादार बनने के लिए बुलाये गये हैं।”

सिर्फ अपने पर भरोसा हमें अविश्वासी बनता

संत पापा ने यूदा के राजा रेहोबोआम की याद की। रेहोबोआम को लगा कि उसका राज्य सुरक्षित है अतः उसने प्रभु को छोड़ दिया और सभी इस्राएलियों ने भी वैसा ही किया। (2 इतिहास 12:1). संत पापा ने कहा कि यह ऐतिहासिक घटना है जिसका एक विश्वव्यापी मूल्य है। “कई बार जब हम सुरक्षित महसूस करते हैं, हम योजनाएँ बनाने लगते हैं और धीरे-धीरे हम प्रभु से दूर ले जाते हैं। हम वफादार नहीं रह जाते। हमारी सुरक्षा उसमें नहीं रह जाती जिसको प्रभु प्रदान करते हैं। यह एक मूर्तिपूजा है। रेहोबोआम और इस्राएली लोगों के साथ यही हुआ। उन्होंने सुरक्षित महसूस किया और अपने राज्य को सुदृढ़ समझा एवं संहिता को छोड़ दूसरे देवी-देवताओं की पूजा करने लगे।”

देवमूर्तियों की उपासना

संत पापा ने कहा कि हम मूर्ति पूजा से इन्कार करते हुए कह सकते हैं कि हमने कभी देवमूर्तियों के सामने घुटनी नहीं टेकी। उन्होंने कहा कि आप घुटनी न भी टेकते हों, पर आपने उनकी खोज की है और अपने हृदय में अक्सर उसकी आराधना की है। खुद पर भरोसा रखना बुराई के लिए द्वार खोलना है। सुरक्षित महसूस करना बुरा नहीं है, यह एक कृपा है यदि हम इस बात से सुरक्षित महसूस करे कि प्रभु मेरे साथ हैं। अन्यथा सुरक्षा एक बैशाखी बन जाती है और पाप की ओर ले जाती है जब हम अपने आपको केंद्र में रखते और विश्वस्त रहना छोड़ देते हैं।

संत पापा ने कहा कि इस्राएल एवं कलीसिया का इतिहास अविश्वासनीयता से भरा है। यह अहंकारी व्यवहार और आत्म-आश्वासन से भरा है जो लोगों को ईश्वर को त्यागने के लिए प्रेरित किया। यहाँ तक कि हम भी वफादारी के सदगुण को अधिक महत्व नहीं देते हैं।

निष्ठा का प्रतीक मगदलेना 

संत पापा ने कहा कि मरिया मगदलेना जब वह येसु की कब्र के बाहर प्रतीक्षा करती और रोती है हमें निष्ठा को समझने की कुँजी प्रदान करती है। (यो. 21:11-18).निष्ठा की प्रतीक, वफादार महिला ने प्रभु के सभी कार्यों को नहीं भूला। वह असंभव लगने वाली बात के सामने भी निष्ठावान बनी रही। अपनी निष्ठा में वह येसु के शव को उठाकर ले जाना चाहती थी।

सच्ची सुरक्षा ईश्वर से आती है

अंततः संत पापा ने सभी विश्वासियों को वफादार बने रहने की कृपा हेतु प्रार्थना करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “आइये हम प्रभु से वफादार बने रहने की कृपा के लिए प्रार्थना करें और उन्हें धन्यवाद दें जब वे हमें सुरक्षा प्रदान करते हैं, हम कई कब्रों और कल्पनाओं के ध्वस्त हो जाने पर भी विश्वस्त रह पाने की कृपा के लिए प्रार्थना करें।”

14 April 2020, 16:15
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