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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस 

हम ईश्वर के प्रेम को महसूस करें, संत पापा

राजा दाऊद का अपने पुत्र की मृत्यु पर शोक, जिसने उनके विरूद्ध युद्ध किया था, पिता ईश्वर का हमारे प्रति प्रेम की भविष्यवाणी है। वह प्रेम जो येसु की क्रूस मृत्यु तक गहरा है। उक्त बातें संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार को वाटिकन के प्रेरितिक आवास संत मर्था में ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए प्रवचन में कही।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलावर, 4 फरवरी 20 (रेई)˸ संत पापा ने कहा, "मेरा पुत्र अबसालोम, यदि तुम्हारे स्थान पर मैं मर गया होता," यह कहते हुए दाऊद ने अपने पुत्र की मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया।" सामुएल का दूसरा ग्रंथ बतलाता है कि अबसालोम ने अपने पिता राजा दाऊद के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी ताकि उनके स्थान पर राजगद्दी पर बैठ सके। संत पापा ने बतलाया कि दाऊद को किस तरह खाली पाँव, सिर बिना ढके, अपमान और पत्थर मारे जाने के बीच येरूसालेम से भागना पड़ा था क्योंकि सभी लोगों ने उनके पुत्र का पक्ष ले लिया था, जिसने लोगों को झूठी प्रतिज्ञा के साथ, धोखा देकर अपनी ओर कर लिया था।    

दाऊद का शोक ईश्वर के हृदय को दिखलाता है

मंगलवार के पहले पाठ में दाऊद को अपने पुत्र के समाचार की प्रतीक्षा करते हुए दिखलाया गया है और अंततः एक संदेशवाहक द्वारा खबर दिये जाने का जिक्र किया गया है जहाँ संदेशवाहक युद्ध में अबसालोम के मौत की खबर देता है। दाऊद इस खबर को सुनकर, शोक से भर गया और रोते हुए कहा, "मेरा बेटा अबसालोम, मेरा बेटा अबसालोम, यदि तुम्हारे स्थान पर मैं मर गया होता।" संत पापा ने कहा कि जो लोग उनके साथ थे वे उन्हें शोक मनाते देखकर आश्चर्यचकित हुए।

उन्होंने उनसे पूछा, "आप क्यों रो रहे हैं? वह आपके विरूद्ध था, उसने आपको इन्कार किया था, उसने आपके पितृत्व को अस्वीकार किया था, आपका अपमान किया था और आपके साथ अत्याचार किया था। आपको खुशी मनानी चाहिए कि आप जीत गये हैं। किन्तु दाऊद ने शोक मनाते हुए कहा, मेरे पुत्र, मेरे पुत्र।" संत पापा ने कहा कि दाऊद का शोक मनाना ऐतिहासिक सच्चाई है बल्कि एक भविष्यवाणी भी है। यह ईश्वर के हृदय को दर्शाता है जो उनसे दूर चले गये लोगों के वापस आने पर उसी तरह खुला रहता है। जब हम पाप द्वारा अपने को नष्ट करते हैं, अपनी दिशा खो देते हैं, तब प्रभु क्या करते हैं। प्रभु पिता हैं और वे अपना पितृत्व कभी नहीं खोते एवं हमसे कहते हैं, मेरे पुत्र, मेरी पुत्री।   

संत पापा ने सुसमाचार में जिक्र येसु के विलाप करने की याद करते हुए कहा कि येसु हमारे लिए रोते हैं क्योंकि हम उन्हें प्यार करने नहीं देते। उन्होंने निमंत्रण दिया कि प्रलोभन की घड़ी में, पाप करते हुए और जब हम ईश्वर से दूर हो जाते हैं तब हम उस आवाज को सुनें, मेरे बेटे, मेरी बेटी, ऐसा क्यों?

संत पापा ने इस बात पर गौर करते हुए कहा कि जब हम पास्वीकार करने जाते हैं तब हम भी हमारे पापों के लिए दुःखी ईश्वर से मुलाकात करते हैं। यह धोबी के पास जाने के समान नहीं है जो हमारे दाग मिटा देता, बल्कि उस पिता के पास जाना है जो मेरे लिए विलाप करते हैं, विशेषकर, इसलिए कि वे एक पिता हैं।

ईश्वर अपना पितृत्व कभी नहीं त्यागते

संत पापा ने कहा, दाऊद के शब्द, "मेरे बेटे अबसालोम, यदि तुम्हारे स्थान पर मैं मर गया होता" एक भविष्यवाणी है। यह दिखलाता है कि ईश्वर ने वास्तव में ऐसा किया है। ईश्वर का प्यार एक पिता के समान प्यार है, इतना गहरा प्यार कि इसके लिए पवित्र तृत्व के दूसरे जन, हमारे स्थान पर मर गये।"

उन्होंने कहा, "वे मनुष्य बने और हमारे लिए मरे। जब हम क्रूस की ओर नजर डालते हैं तब हम इस बात को याद करें कि वे मेरे बदले मरे जिससे हम येसु में पिता की आवाज सुनें, "मेरे बेटे, मेरी बेटी," क्योंकि ईश्वर अपने बच्चों को अस्वीकार नहीं करते वे अपने पितृत्व से इन्कार कभी नहीं करते।"       

येसु में, ईश्वर हमारे स्थान पर मरते हैं

ईश्वर का प्रेम इतना महान है कि ईश्वर के पुत्र, जो स्वयं ईश्वर हैं वे पिता के द्वारा अपना जीवन देने के लिए भेजे गये। संत पापा ने कहा कि हमारे जीवन के कठिन पलों में यह अच्छा है कि हम इस आवाज को अपने हृदय में सुनें, मेरे बेटे, मेरी बेटी, तुम क्या कर रहे हो? अपने आपको मत मारो, मैं तुम्हारे लिए मर चुका हूँ। 

संत पापा ने सुसमाचार में जिक्र येसु के विलाप करने की याद करते हुए कहा कि येसु हमारे लिए रोते हैं क्योंकि हम उन्हें प्यार करने नहीं देते। उन्होंने निमंत्रण दिया कि प्रलोभन की घड़ी में, पाप करते हुए और जब हम ईश्वर से दूर हो जाते हैं हम उस आवाज को सुनें, मेरे बेटे, मेरी बेटी, ऐसा क्यों?

 

04 February 2020, 17:53
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