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संत मर्था में ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा संत मर्था में ख्रीस्तयाग अर्पित करते संत पापा  (Vatican Media)

जीवन का मूल्य देने में है, संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार 8 फरवरी को वाटिकन स्थित प्रेरितिक आवास संत मर्था के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित किया जहाँ उन्होंने प्रवचन में संत योहन बपतिस्ता की शहादत पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

येसु के अनुसार महान संत योहन बपतिस्ता की शहादत जीवन की सच्चाई का एक बड़ा साक्ष्य है जिसका मूल्य इसी में है कि इसे प्रेम और सच्चाई के साथ दैनिक जीवन और परिवार में दूसरों को अर्पित किया जाए।

प्रवचन में सुसमाचार पाठ पर प्रकाश डालते हुए, संत पापा ने चार व्यक्तियों पर चिंतन किया, योहन जिन्हें शहादत का सामना करना पड़ा, राजा हेरोद का चरित्र जो एक भ्रष्ट व्यक्ति था एवं दुविधा में पड़ा था, उसके भाई की पत्नी हेरोदियस जो केवल घृणा करना जानती थी और सलोमी जो एक निरर्थक नर्तकी थी।

 योहन बपतिस्ता

संत पापा ने कहा कि योहन को मालूम था कि उन्हें घटना है और अपने आपको मृत्यु तक छोटा कर देना है क्योंकि येसु को बढ़ना है। येसु के अग्रदूत के रूप में उनका तिरस्कार किया गया और धीरे धीर घटते हुए वे बंदीगृह के अंधकारमय स्थल में मार डाले गये।  

संत पापा ने शहादत को एक सेवा तथा रहस्य कहा जिसके साथ जीवन का एक महान वरदान जुड़ा है। संत योहन का अंत मनुष्य के उस हिंसक मनोभाव से हुआ जो एक ख्रीस्तीय एवं एक ईमानदार व्यक्ति के जीवन को नष्ट करना और उसे मार डालना चाहता है।

दुविधा में पड़ा हेरोद

संत पापा ने कहा कि पहले हेरोद ने योहन को एक नबी माना, उनकी बातों को सहर्ष स्वीकार किया और कुछ हद तक उनकी रक्षा भी की किन्तु उन्हें बंदीगृह में डाल दिया। वह दुविधा में था, क्योंकि योहन ने व्यभिचार के पाप के लिए उसे फटकारा था।

राजा हेरोद ने जीवन परिवर्तन करने हेतु ईश्वर की आवाज को सुना किन्तु अपने जीवन में बदलाव नहीं ला पाया क्योंकि वह भ्रष्ट था और उस भ्रष्टचार से बाहर निकलना उसके लिए बहुत कठिन था। हेरोद उस उलझन से बाहर नहीं निकल सका क्योंकि वह अपने व्यभिचारी जीवन एवं अन्याय तथा नबी के पवित्र जीवन में राजनयिक संतुलन लाने की कोशिश की।

जीवन का मूल्य

हेरोदियस की घृणा

सुसमाचार बतलाता है कि हेरोदियस योहन से घृणा करती थी क्योंकि वह स्पष्ट रूप से उनका विरोध करता था। संत पापा ने घृणा को शैतान का सांस कहा जो बहुत कठोर होता तथा प्रेम के अलावा हर तरह की बुराई को अंजाम देता है। हेरोदियस में घृणा की शैतानी भावना थी जो नष्ट करती है।

सलोमी की निरर्थकता

हेरोदियस की बेटी एक अच्छी नर्तकी थी जिसने भोज में भाग लेने वालों को प्रसन्नचित कर दिया। उसके नृत्य से प्रसन्न होकर हेरोद ने प्रतिज्ञा की कि वह उनसे जो मांगे वही प्रदान करेंगे, ठीक उसी तरह शैतान ने भी येसु की परीक्षा लेने के लिए कहा था।

संत पापा ने कहा कि इस व्यवहार के पीछे शैतान का हाथ था जिसने महिला में घृणा का बीज बोया, लड़की में घमंड एवं राजा में भ्रष्टाचार।

योहन बपतिस्ता

ख्रीस्त का अग्रदूत जिसके बारे येसु कहते हैं कि वह एक महिला से पैदा हुआ व्यक्ति था जिनका अंत अकेला एक अंधकारमय बंदीगृह में, एक निरर्थक नर्तकी, पैशाचिक महिला की घृणा तथा दुविधा में पड़े राजा के भ्रष्टचार के कारण हुआ। योहन शहीद हुए जिन्होंने अपने को घटाना स्वीकार किया ताकि मसीह को बढ़ने का रास्ता दे सके।

संत पापा ने गौर किया कि जिस तरह योहन एक कमरे में मार डाला गया, उसी तरह हमारे कई शहीद मार डाले जाते हैं। अतः शहादत एक महान व्यक्ति, एक महान संत का साक्ष्य है।  

जीवन देना, हृदय खोलना

जीवन का मूल्य इसी में है कि इसे दूसरों को अर्पित किया जाए, प्रेम एवं सच्चाई से समर्पित किया जाए, परिवारों एवं अपने दैनिक जीवन में दूसरों के लिए दिया जाए।  

संत पापा ने कहा कि यदि कोई अपने आपको सुरक्षित रखता तथा राजा की तरह अपने भ्रष्ट जीवन की रक्षा करता है, महिला की तरह घृणा एवं उसकी बेटी की तरह व्यर्थ बातों को चुनता है, तब उसका जीवन मृतप्राय होता, मुरझाता एवं बेकार हो जाता है।  

संत पापा ने सभी विश्वासियों से आग्रह किया कि वे सुसमाचार के इन चारों व्यक्तियों पर चिंतन करें तथा अपना हृदय खोलें ताकि प्रभु हमसे बातें कर सकें।

 

09 February 2019, 15:26
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