गाजा के पल्ली पुरोहित : युद्ध विराम वार्ता हमें शांति के 'चमत्कार' की ओर ले जाये
वाटिकन न्यूज
गाजा, शनिवार 17 अगस्त 2024 : कतर के दोहा में, गाजा में युद्ध विराम के लिए वार्ता समाप्त हो गई है, जहां लोग लगातार मर रहे हैं। गुरुवार को जबालिया और नुसेरात के शरणार्थी शिविरों पर भारी बमबारी की गई।
अब, काहिरा में वार्ता जारी रहने की उम्मीद है। गाजा पट्टी का ख्रीस्तीय समुदाय, गाजा में पवित्र परिवार के लैटिन-रीति के पल्ली पुरोहित फादर गाब्रियल रोमानेली के नेतृत्व में, इन वार्ताओं के लिए बड़ी उम्मीद के साथ प्रार्थना कर रहा है। 15 अगस्त को, उन्होंने एक छोटे जुलूस के साथ धन्य कुंवारी मरियम के स्वर्गोद्ग्रहण का महोत्सव भी मनाया।
बमबारी जारी है, लेकिन उम्मीद अभी भी कायम है
वाटिकन मीडिया के साथ एक साक्षात्कार में, फादर रोमानेली ने उम्मीद जताई कि वार्ता के नतीजे अगले सप्ताह तक सामने आ जाएंगे।
गाजा के पुरोहित अभी भी इस बात पर दुखी हैं कि, इसके बावजूद, "बमबारी की आवाज़ें सुनी जा सकती हैं।"
जारी दुख के बावजूद, उन्होंने कहा कि यह अच्छी खबर होगी अगर "युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई" के माध्यम से इस युद्ध को समाप्त कर दिया जाए, जो "शांति की दिशा में पहला कदम" होगा।
माता मरियम का स्वर्गोद्ग्रहण शानदार मनाया गया
फादर गाब्रियल ने धन्य कुंवारी माता के स्वर्गोद्ग्रहण का महोत्सव को याद करते हुए कहा कि कैसे वे दर्द और थकान के बावजूद "शानदार तरीके से" उनके स्वर्गोद्ग्रहण का महोत्सव को मनाने में सक्षम थे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शरणार्थी कितने "अद्भुत" हैं जो हमारी माता मरियम का जश्न मनाना चाहते थे और उन्होंने येरूसालेम के लैटिन प्राधिधर्माध्यक्ष कार्डिनल पियरबतिस्ता पिज़ाबाल्ला के अनुरोध का तुरंत स्वागत किया, जिन्होंने उन्हें शांति के लिए कुंवारी माँ मरियम और महादूत मिखाएल की मध्यस्थता से प्रार्थना करने के लिए कहा था।
गाजा के पल्ली पुरोहित ने प्रशंसा की कि शांति के चमत्कार के लिए प्रार्थना करके उन्होंने दिन की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि "एक घंटे तक मौन में, फिर अरबी में स्तुति, रोजरी माला और फिर मिस्सा समारोह मनाया। इससे पहले "हमने गाजा पट्टी के पवित्र परिवार पल्ली के प्रत्येक परिवार को समर्पित कर दिया था।"
'शांत हवा' माता मरिया का चमत्कार है
फादर रोमानेली ने आध्यात्मिक यात्रा के बारे में बताया जो हाल के दिनों में परिपक्व हुई है।
उन्होंने कहा, " हमने इस समारोह के लिए तीन सालों से तैयारी की थी। पहला साल येसु के पवित्र हृदय को समर्पित था, दूसरा कुंवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित था और तीसरा साल संत जोसेफ को समर्पित था।"
उन्होंने गिरजाघर के प्रांगण में माता मरियम के महोत्सव पर होने वाले जुलूस का भी उल्लेख किया, जिसमें धन्य माता को समर्पित गीत गाए गए। उन्होंने कहा कि इस के बाद काथलिक और ऑरथोडॉक्स परिवारों की एक बैठक हुई और कुछ बुनियादी ज़रूरतें जैसे भोजन और सफाई किट का वितरण किया गया।
उन्होंने याद करते हुए कहा, "हर कोई खुश था और मुझे लगता है कि हमारी माता मरिया और उनके बेटे भी खुश थे," उन्होंने आगे कहा, "हमें उम्मीद है कि शांति की यह हवा, जिसे हम महसूस कर रहे हैं, हमारी माता का चमत्कार है।"
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