खोज

Cookie Policy
The portal Vatican News uses technical or similar cookies to make navigation easier and guarantee the use of the services. Furthermore, technical and analysis cookies from third parties may be used. If you want to know more click here. By closing this banner you consent to the use of cookies.
I AGREE
मध्य गाजा में एक फिलिस्तीनी युवक सामानों को खींचते हुए ले जा रहा है मध्य गाजा में एक फिलिस्तीनी युवक सामानों को खींचते हुए ले जा रहा है  (AFP or licensors)

पवित्र भूमि की कलीसियाओं द्वारा राजनेताओं से शांति समझौते परपहुँचने का आग्रह

येरूसालेम में कलीसियाओं के प्रमुखों द्वारा जारी एक बयान में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जो क्षेत्र को पूर्ण युद्ध के कगार पर खड़ा कर रहा है, तथा शांति के लिए बातचीत के माध्यम से समझौते की अपील की गई है।

वाटिकन  न्यूज

येरुसालेम, मंगलवार 27 अगस्त 2024 : “वर्तमान विनाशकारी युद्ध” के बारहवें महीने के करीब पहुँचने और लेबनान में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह समूह से जुड़े बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण “पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध” की स्थितियाँ पैदा होने का खतरा है, येरुसालेम में कलीसियाओं के नेताओं ने बातचीत के ज़रिए संघर्ष के समाधान का एक और आह्वान किया है। सोमवार को एक संयुक्त बयान में, येरुसालेम में कलीसियाओं के प्राधिधर्माध्यक्षों और प्रमुखों ने युद्ध की भयावह दिशा पर अपनी गंभीर चिंताओं को “एक बार फिर” व्यक्त करने की आवश्यकता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि "हमारे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से हिंसा को कम करने के लिए बार-बार किए गए आह्वान के बावजूद, हमारी प्यारी पवित्र भूमि में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।" बयान में कहा गया है, कि "लाखों शरणार्थी विस्थापित हुए हैं, उनके घर नष्ट हो चुके हैं या उनकी मरम्मत नहीं की जा सकती। अंधाधुंध हमलों में हर हफ़्ते सैकड़ों निर्दोष मारे जाते हैं या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। अनगिनत लोग भूख, प्यास और संक्रामक बीमारी से जूझ रहे हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो हर तरफ़ से कैद में हैं, जिन्हें अपने अपहरणकर्ताओं से दुर्व्यवहार का भी ख़तरा है। युद्ध के मैदानों से दूर रहने वाले कई अन्य लोगों को अपने गाँवों, चरागाहों और खेतों पर अनियंत्रित हमलों का सामना करना पड़ रहा है।"

हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि इस सब के दौरान, युद्ध विराम वार्ता अंतहीन रूप से खिंचती रही। वे लिखते हैं, "युद्धरत दलों के नेता मृत्यु और विनाश की खोज को समाप्त करने की तुलना में राजनीतिक विचारों से अधिक चिंतित प्रतीत होते हैं। बार-बार की गई देरी, अन्य उत्तेजक कृत्यों के साथ मिलकर, केवल तनाव को बढ़ाने का काम करती है, जहाँ हम एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं।"

अपील

इस प्रकार, वे कहते हैं, वे फिर से "युद्धरत दलों के नेताओं से आग्रह करते हैं कि वे हमारे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय (यूएनएससी संकल्प 2735) के आह्वान पर ध्यान दें ताकि युद्ध विराम के लिए एक त्वरित समझौते पर पहुंच सकें, जिसके परिणामस्वरूप युद्ध समाप्त हो, सभी बंदियों की रिहाई हो, विस्थापितों की वापसी हो, बीमार और घायलों का इलाज हो, भूख और प्यास से पीड़ित लोगों को राहत मिले और नष्ट हो चुके सभी सार्वजनिक और निजी नागरिक ढांचों का पुनर्निर्माण हो।"

दो-राज्य समाधान

कलीसियाओं के प्राधिधर्माध्यक्षों और प्रमुखों ने राजनीतिक नेताओं से भी आह्वान किया है कि वे “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर, बिना किसी देरी के राजनयिक चर्चा करें और अपने बीच लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान करें, जिससे ठोस कदम उठाए जा सकें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध दो-राज्य समाधान को अपनाकर हमारे क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति को बढ़ावा मिले।”

ख्रीस्तीय समुदायों के लिए चिंता

अपने बयान में, कलीसियाओं के प्राधिधर्माध्यक्षों और प्रमुखों ने संघर्ष क्षेत्र में ख्रीस्तीय समुदायों के लिए विशेष चिंता व्यक्त करते हैं: "इनमें गाजा में संत पोर्फिरियोस ऑर्थोडॉक्स गिरजाघर और पवित्र परिवार काथलिक गिरजाघर में शरण लेने वाले लोग, साथ ही अल-अहली एंग्लिकन अस्पताल के साहसी कर्मचारी और उनकी देखभाल में रहने वाले मरीज शामिल हैं।"

वे लिखते हैं, "हम उनके लिए अपनी निरंतर प्रार्थना और समर्थन का वचन देते हैं, अब और युद्ध के अंत में, जब हम गाजा में और साथ ही पूरे पवित्र भूमि में ख्रीस्तीय उपस्थिति को फिर से बनाने और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे।"

धन्य हैं शांति स्थापित करने वाले

अंत में, वे "ख्रीस्तियों और दुनिया भर के सभी सद्भावना रखने वाले लोगों से मसीह के शब्दों को याद करते हुए, “धन्य हैं शांति स्थापित करने वाले, क्योंकि वे परमेश्वर की संतान कहलाएँगे" (मत्ती 5:9) अपील करते हैं कि वे हमारे युद्धग्रस्त क्षेत्र में जीवन और शांति के दृष्टिकोण को बढ़ावा दें।”

 

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

27 अगस्त 2024, 16:07
Prev
April 2025
SuMoTuWeThFrSa
  12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930   
Next
May 2025
SuMoTuWeThFrSa
    123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031