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मोरक्को में भूकम्प के कारण बेघर लोग मोरक्को में भूकम्प के कारण बेघर लोग  (AFP or licensors)

ग्लोबल भिंसेनशियन परिवार की 10,000 लोगों को आवास देने की कोशिश

जब दुनियाभर में बेघर लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, भिंसेनशियन परिवार ने 2024 तक 10,000 लोगों को आवास पाने में मदद करने का अभियान जारी किया है।

नीना बेनेदिक्ता क्रापिक वीएमजेड

कलीसिया 27 सितम्बर को संत भिंसेन्ट दी पॉल का पर्व मनाती है। इस उपलक्ष्य में संत भिंसेन्ट दी पॉल से प्रेरित, दुनिया के 160 से अधिक संस्थान और 4 लाख लोगों से बना भिंसेनशियन परिवार, वैश्विक संदर्भ में कई अलग-अलग गतिविधियों के साथ पर्व मनायेगा।

इस वर्ष के पर्व के केंद्र में बेघर लोग हैं। वैश्विक परिवार बेघर लोगों की समस्या से निपटने के लिए व्यावहारिक और प्रणालीगत समाधान प्रदान करने पर केंद्रित है।

बेघर लोगों के लिए फैमविन एलायंस विश्वव्यापी विन्सेंशियन परिवार की एक पहल है। अब 6 वर्षों से यह बेघर लोगों की संख्या को कम करने और जहां संभव हो, समाप्त करने के लिए समर्पित है।

13 घरों का अभियान

पहल की सक्रिय परियोजनाओं में से एक "13 घर" अभियान है। अभियान के हिस्से के रूप में, भिंसेंशियन के स्थानीय समूह गरीबों तक पहुंच रहे हैं और उन्हें एक जगह प्रदान कर रहे हैं जिसे वे घर कह सकते हैं।

दी पॉल के अध्यक्ष एवं परियोजना के संयोजक मार्क मैकग्रीवे ओबीई ने पहल के लक्ष्य के बारे वाटिकन न्यूज से बातें कीं।

मार्क मैकग्रीवे ने कहा, “करीब 63 देशों में हमारे पास 101 अलग-अलग परियोजनाएँ हैं जिनके द्वारा 9,350 से अधिक लोगों को फायदा हो रहा है। हमारा लक्ष्य है कि इसे अगले साल के अंत तक बढ़ाकर 10,000 लोगों को घर पाने में मदद दिया जा सके।”

मैकग्रीवे ने कहा कि उन्हें उन क्षेत्रों में किए जा रहे अच्छे काम पर विशेष रूप से गर्व है जहां धन जुटाना या लोगों को एक साथ लाना बहुत मुश्किल साबित हुआ है।

उन्होंने बुरकिना फासो में उदारता की पुत्रियों के धर्मसमाज के उदाहरण और विस्थापित लोगों के लिए उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। ग्वाटेमाला में, भिंसेनशियन परिवार 35 परिवारों की देखभाल करता है जिन्होंने ज्वालामुखी विस्फोट और मेक्सिको में भूकम्प के कारण अपना घर खो दिया है।

रोमानिया में, संत भिंसेन्ट की पौल सोसाईटी उन परिवारों की देखभाल कर रहा है जिनके बच्चे घर के अभाव में लगातार बीमार हो रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया में संत भिंसेंट दी पॉल सोसाइटी ने पहल के हिस्से के रूप में 500 से अधिक आवास प्रदान की हैं। नाजरेथ की चैरिटी धर्मबहनों ने नेपाल, बेलीज़ और बोत्सवाना में घर बनाए हैं।  

यह अभियान संत भिंसेन्ट दी पौल के जीवन पर आधारित है। संत भिंसेन्ट पेरिस की गलियों में बच्चों को भोजन खिलाते थे लेकिन महसूस किया कि इससे उनके जीवन में अधिक सुधार नहीं हो सकता।

उसके बाद, 1643 में, राजा लुई 13वें की मृत्यु हो गई, जिससे विंसेंट को विरासत में दस लाख यूरो के बराबर राशि मिली। इस पैसे से, संत भिंसेंट ने 13 घर खरीदे जहाँ उन्होंने इन बच्चों को रखा और चैरिटी की पुत्रियों ने उनकी देखभाल की।

धर्मबहनें उन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और कौशल प्रदान करने लगीं जिससे बच्चे सड़कों पर न भटकें।

पहले से कहीं अधिक बेघर लोग

मैकग्रीवे के अनुसार सड़कों में हम जो देखते हैं बेघर लोगों की संख्या उससे कहीं अधिक बड़ी है।

उन्होंने कहा, “इसमें शरणार्थी और विस्थापित लोग भी शामिल हैं, जिनकी संख्या इस समय दुनिया भर में लगभग 112 मिलियन है, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। लेकिन यह दुनिया भर में झुग्गी-झोपड़ियों में रहनेवाले उन लोगों को भी प्रभावित करता है जिनके पास कोई सुरक्षा सम्पति नहीं है, वे दैनिक मजदूरी पर निर्भर करते हैं। और यदि दयनीय स्थित में रहनेवाले उन लोगों को भी शामिल किया जाए तो यह संख्या करीब 850 हो जाएगी।'' इस प्रकार, कुल मिलाकर, इस ग्रह पर लगभग 1.4 अरब लोग बेघर हैं और इसके अनुसार हर आठ में से एक व्यक्ति बेघर है।

बेघर होना कोई विकल्प नहीं

बेघर लोगों के साथ काम करते हुए भिनसेंशियन परिवार के सदस्य अक्सर उस पूर्वाग्रह से संघर्ष करते हैं कि बेघर होना एक विकल्प है। (लोग बेघर रहना चाहते है)

मैकग्रीवे ने कहा, "अगर ऐसा है, तो मैं बहुत कम अमीर लोगों से मिला हूँ जिन्होंने बेघर होना चुना है।"

उन्होंने बताया कि दुनिया भर में बेघरता की जड़ गरीबी में पाई जा सकती है।

उन्होंने कहा, ''गरीबी अलग-अलग हो सकती है।'' वह भौतिक हो सकती है, उनके पास पैसा नहीं होगा, कोई संसाधन नहीं होंगे। लेकिन अन्य प्रकार की गरीबी भी हो सकती हैं, जैसे मानसिक स्वास्थ्य, बुरी लत, संबंधपरक मुद्दों - पारिवारिक संरचना के टूटने के कारण।

हर कोई मदद कर सकता है

बेघर होना एक वैश्विक समस्या है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति इसे कम करने में योगदान दे सकता है।

मैकग्रीवे ने कहा, “पहली चीज मैं कहना चाहता हूँ कि आप रूकें और बेघर व्यक्ति से बात करें। अक्सर सड़क पर कई दिनों तक उस व्यक्ति का अकेलापन, कुछ ऐसा होता है जो लंबे समय में बहुत नुकसानदायक हो सकता है। वास्तव में, किसी से बात करने और उनका नाम जानने, उन्हें समझने में समय बिताना एक ऐसी चीज है जिसे हम हर दिन एक स्नेह भाव के रूप में कर सकते हैं।”

भिंसेनशियन परिवार का काम विश्व गरीब दिवस 2023 के लिए पोप फ्राँसिस के संदेश से संबंधित है जिसमें उन्होंने आग्रह किया है: "गरीबों के लिए हमारी चिंता हमेशा सुसमाचार की वास्तविकता से चिह्नित हो। हमारी उदारता दूसरों की ठोस जरूरतों को पूरा करना हो, न कि केवल अनावश्यक वस्तुओं से छुटकारा पाने का एक माध्यम।"

 

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19 September 2023, 16:32