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मानागुआ में केंद्रीय अमेरीकी विश्वविद्यालय (यूसीए) मानागुआ में केंद्रीय अमेरीकी विश्वविद्यालय (यूसीए)  

निकारागुआ : विश्वविद्यालय की सम्पत्ति जब्त किये जाने की येसु समाजियों ने की निंदा

येसु समाज के सुपीरियर जेनेरल फादर अर्तुरो दी सोसा ने निकारागुआ की सरकार द्वारा, मानागुआ में केंद्रीय अमेरीकी विश्वविद्यालय (यूसीए) को जबरन बंद किये जाने के बाद, केंद्रीय अमेरीका के येसु समाजी प्रोविंस के साथ एकात्मता व्यक्त की है।

वाटिकन न्यूज पत्रकार

निकारागुआ, शनिवार, 19 अगस्त 2023 (रेई) : येसु समाज के सुपीरियर जनरल, फादर अर्तुरो दी सोसा, ने मनागुआ में अपने केंद्रीय अमेरिकन विश्वविद्यालय (यूसीए) को बंद करने की कड़े शब्दों में निंदा की है।

आतंकवाद के झूठे आरोप

63 वर्षीय प्रतिष्ठित जेसुइट-संचालित विश्वविद्यालय, जो राष्ट्रपति डानियल ओर्तेगा के राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के विवादास्पद सुधार के खिलाफ 2018 के विरोध प्रदर्शन का केंद्र था, निकारागुआ के अधिकारियों ने उसपर "आतंकवाद का केंद्र" होने का आरोप लगाकर, 16 अगस्त को इसकी संपत्ति जब्त करने की घोषणा की।

यूसीए ने आरोप को पूरी तरह से "निराधार" और इस जब्ती को निकारागुआ में शिक्षा जगत के लिए एक झटका बताया।

यह कारर्वाई 2018 के विरोध प्रदर्शन के परिणामस्वरूप, काथलिक कलीसिया के खिलाफ दानिएल ओर्तेगा के सांडिनिस्ता शासन द्वारा दमनकारी कार्रवाइयों की श्रृंखला में नवीनतम घटना है।

इस घटना के बाद केंद्रीय अमेरीका के प्रोविंशल फादर जोश डोमिंगो क्वेसता को एक पत्र भेजकर येसु समाजी सुपीरियर जेनेरल ने यूसीए के स्टाफ, विद्यार्थियों और पूरे प्रोविंस के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की।  

मानव अधिकार का व्यवस्थित उल्लंघन

बुधवार को जारी एक बयान में, अल साल्वाडोर स्थित प्रोविंस के कुरिया ने दोहराया कि आतंकवाद का आरोप "पूरी तरह से गलत और निराधार" है।

प्रोविंशल कूरिया ने याद किया कि जेसुइट विश्वविद्यालय के खिलाफ "नई सरकार की आक्रामकता" "एक अकेली घटना नहीं है", लेकिन निकारागुआ की जनता एवं शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों के खिलाफ अनुचित हमलों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जो हिंसा और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा है तथा देश के सामाजिक-राजनीतिक संकट को बढ़ा रहा है।”

बयान में खेद प्रकट की गई है कि “यह सरकारी प्रणाली सिलसिलेवार तरीके से मानव अधिकार का उल्लंघन कर रही है और ऐसा लगता है कि इसका उद्देश्य एक अधिनायकवादी राज्य को मजबूत करना है।''

येसु समाजियों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह केंद्रीय अमेरीकी विश्वविद्यालय को आरोपों के खिलाफ "वैध बचाव के अपने अपरिहार्य अधिकार का प्रयोग करने दे" तथा "न्यायपालिका द्वारा अपनाए गए अनुचित उपाय" को "तुरंत" उलटने और सही करने के लिए का अवसर दे।

बयान में आगे निकारागुआ के अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे येसु समाजी विश्वविद्यालय एवं इसके सदस्यों के खिलाफ आक्रमण करना बंद करे।  

फादर सोसा की एकात्मता

अपने पत्र में जेस्विट सुपीरियर जेनेरल फादर सोसा ने सच्चाई, स्वतंत्रता और युवाओं तथा निकारागुआ के सभी लोगों के लिए शिक्षा के अधिकार पर आधारित “वार्ता के रास्ते” की मांग पर एकजुटता व्यक्त की है।  

उन्होंने कहा है, “पुनः एक बार एवं विशेष रूप से क्रूस के एक समय में, मैं निकारागुआ के केंद्रीय अमेरिकी मिशन के लिए अपना एवं पूरे येसु समाज का समर्थन दोहराता हूँ।”

विपक्ष एवं कलीसिया पर सैंडिनिस्ता सरकार की कारर्वाई

अप्रैल 2018 के बाद सैंडिनिस्ता शासन के साथ संबंधों में भारी गिरावट के बाद से, निकारागुआ में कलीसिया कई हमलों और अपवित्र किये जाने, साथ ही साथ धर्माध्यक्ष और पुरोहितों के उत्पीड़न और धमकी के निशाने पर रहा है, जिनमें से कुछ धर्मसमाज को निष्कासित भी होना पड़ा है।

2019 में मनागुआ के सहायक धर्माध्यक्ष सिलवो जोश बायज को मौत की धमकियाँ दिये जाने पर मनागुआ धर्मप्रांत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।   

2022 में, सरकार ने निकारागुआ के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष वाल्देमर स्टैनिस्लाव सोमरताग को निष्कासित कर दिया, और निकारागुआ सरकार द्वारा राजनयिक संबंधों को निलंबित करने के प्रस्ताव के बाद, इस साल अप्रैल में, परमधर्मपीठ ने मानागुआ में अपना राजदूतावास बंद कर दिया।

फरवरी में मतागाल्पा के धर्माध्यक्ष रॉनाल्डो जोश अल्वारेज लागोस को अन्य आरोपों के अलावा राजद्रोह, राष्ट्रीय अखंडता को कमजोर करने और झूठी खबरें फैलाने के लिए 26 साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई थी।

निष्कासन, बंदी और जब्ती ने केवल कलीसिया को निशाना नहीं बनाया है। अप्रैल 2018 में निकारागुआ सुरक्षा बलों द्वारा बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर रोक लगाने के बाद से हजारों लोग निर्वासन में भाग गए हैं। राष्ट्रपति ओर्तेगा का कहना है कि विरोध प्रदर्शन धर्माध्यक्षों और विदेशी शक्तियों द्वारा समर्थित तख्तापलट का प्रयास था, जिसका उद्देश्य उन्हें उखाड़ फेंकना था।

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19 August 2023, 16:46