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कार्डिनल साको कार्डिनल साको  (ANSA)

शांति हेतु ख्लदेइयों का तृदिवसीय उपवास

विश्व में शांति स्थापना हेतु बगदाद के कार्डिनल साको ने इराकी विश्वासियों को 21-23 दिसम्बर तक उपवास करते हुए प्रार्थना करने का आहृवान किया है।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बहस्पतिवार, 15 दिसम्बर 2022 (रेई) बगदाद के कार्डिनल रफायेल साको ने युद्ध और विश्वभर में संकट की स्थिति को देखते हुए, ख्रीस्त जयंती की तैयारी कर रहे विश्व भर के ख्लदेई कलीसिया से आहृवान किया कि वे शांति स्थापना हेतु तृदिवसीय तपस्या और प्रार्थना में अपने को समर्पित करें, जो 21 से 23 दिसम्बर तक जारी रहेगा।

ख्रीस्त जयंती का सही अर्थ

ख्लदेई प्राधिधर्माध्यक्षीय वेबसाइट में ने जारी किये संदेश में कार्डिनल ने विश्वासियों को याद दिलाया,“ख्रीस्त जंयती केवल 2000 साल पहले हुई घटना की यादगारी मनाना मात्र नहीं है, बल्कि यह विश्वास में ईश्वर की प्रेममयी उपस्थिति औऱ करूणा को अनुभव करने का एक समय है, जो हमारे बीच में निवास करते हैं। अतः हम इसकी तैयारी हेतु उपवास करें जो हमें येसु के जन्म संदेश को घोषित करने के योग्य बनाता है। उन्होंने कहा, “यह हमें मानवीय और आध्यात्मिक मूल्यों को अपने में प्रगाढ़ बनाने में मदद करता है।”

विस्थापित ख्रीस्तीय परिवारों की सहायता

कार्डिनल ने ख्रीस्त जयंती की तैयारी के संबंध में इस बात पर भी सुझाव दिया कि उपवास को हमें, जरुरमंद परिवारों को ठोस रुप में सहायता देते हुए करने की जरुरत है। इस संदर्भ में करीबन 120 ख्रीस्तीय परिवारों को जो मोसूल औऱ निनवे प्रांत से हाल ही में प्रवासन का शिकार हुए, सहायता प्रदान की जायेगी जिन्हें बहुमुखी बाजारों के निर्माण को लेकर पूर्वी बगदाद के स्थानीय अधिकारियों द्वारा अपने निवास स्थल से निकाल दिया गया। 

उन परिवारों को सन् 2014 में अपने प्रांत से विस्थापित होना पड़ा था क्योंकि इराक के इस्लामिक स्टेट ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। कार्डिनल ने उन्हें दोरा के ख्लदेई गुरूकुल को शरणस्थल स्वरुप प्रदान किया है जो हाल ही में नवीकृत किया गया। बगदाद के दक्षिणी में स्थित इस उपनगर का यह गुरूकुल 2003 के खाड़ी युद्ध में 150000 ख्रीस्तियों के लिए एक निवास स्थल रुप उपयोग में लाया गया था। 

जरुरतमंदों के लिए करूणा के कार्य

कार्डिनल ने साको ने कहा कि शांति हेतु उपवास के विशेष दिनों में प्रार्थना के साथ त्याग भी किया जायेगा जिससे हम अपने पापमय व्यवहार और मनोभावों से दूर रहते हुए करूणा के कार्य कर सकें। बगदाद के ख्लदेई महाधर्मप्रांत की ओर से इस संदर्भ में 50 मिलियन इराकी दीनार दान किया जायेगा जिससे आवश्यकता में पड़े लोगों की सहायता की जा सके, वहीं स्थानीय कारितास 800 खाने के डिब्बों की व्यवस्था कर रही है।

पूर्वी यूरोप में युद्ध से चिंता का विषय

विगत रविवार को देवदूत प्रार्थना के अंत में संत पापा फ्रांसिस ने बालक येसु के छोटी प्रतिमाओं को आशीष प्रदान करते हुए सभों से आहृवान किया कि हम चरनी के निकट जाकर विश्व में शांति हेतु प्रार्थना करें, विशेषकर उक्रेन वासियों के लिए जो युद्ध की स्थिति से तबाह हैं। संत पापा की तरह ही विगत नौ महीनों में कार्डिनल ने पूर्वी यूरोप में युद्ध की स्थिति को विध्वंसकारी बतलाते हुए इसके नकारात्मक प्रभाव के बारे में कहा है। यह मध्यपूर्व प्रांत के अलावे कलीसिया के करूणामय सेवा कार्य, ख्रीस्तीय समुदायों, जन सुरक्षा, राजनीतिक अस्थितरता और अर्थव्यवस्था को विभिन्न रूपों में प्रभावित कर रहा है।

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15 December 2022, 16:23