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कार्डिनल पारोलीन, कारीतास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कार्डिनल पारोलीन, कारीतास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में   (Caritas Internationalis.)

कार्डिनल पारोलिनः नारी शक्तिकरण हेतु बहुत कुछ अब भी बाकी है

वाटिकन सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने कारीतास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के संबोधन में महिला सशक्तिकारण के बारे मेें जोर देते हुए और भी अधिक कार्य करने की जरुरत की बात कही।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2022 (रेई) वाटिकन राज्य के सचिव ने पेरिस में चल रहे कारीतास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि नारी शक्तिकारण हेतु अब भी बहुत कुछ करना बाकी है।

वाटिकन सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने कारीतास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के किये गये अपने संबोधन में दुनिया भर में महिलाओं द्वारा सामना किये जाने वाले कठोर वास्तविकताओं और अन्याय को उजागर करते हुए कहा “हमें एक अधिक न्यायपूर्ण और एकतामय समाज बनाने के लिए प्रतिबद्धता में मिलकर काम करने की जरुरत है।”

“मानवता का सम्पूर्ण चेहराः न्यायपूर्ण समाज हेतु नारियों का नेतृत्व” की विषयवस्तु से यूनेस्को और कारीतास अंतरराष्ट्रीय के तत्वधान आयोजित 27-28 अक्टूबर तक चले वाली अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रथम दिन कार्डिनल पारोलीन के नारियों के संदर्भ में एक आँकड़ा प्रस्तुत किया जो यह दर्शता है कि 115 मिलियन लड़कियाँ विद्यालय से वंचित हैं। मानवीय सहायता का 3% से भी कम महिला सशक्तिकरण पर काम करने वाले संगठनों को जाता है। दुनिया की सीईओ में केवल 5% महिलाएं हैं।

पेरिस सम्मेलन के लक्ष्य

इस सम्मेलन के लक्ष्य हैं, समाज के सभी स्तरों पर महिलाओं की चुनौतियों का पता लगाना,  उन बाधाओं पर ध्यान केंद्रित करना जो महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने की स्थिति तक पहुँचने में अड़चन उत्पन्न करती हैं  और उन बाधाओं के निदान में योगदान देने हेतु ठोस रणनीतियां प्रस्तावित करना है।

विश्व की नारियों को संत पापा का समर्थन

अपने संबोधन में वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल परोलीन ने माहिलाओं की शिक्षा और मानवता के लिए नारी को एक उपहार निरूपित किया। इस संदर्भ में उन्होंने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि शैक्षिक असमानताएँ “अक्सर आय, जातियता और भेदभाव की विभिन्न स्थितियों से जुड़ी हैं जो अभी भी कई लड़कियों और युवा महिलाओं को हाशिए पर ढ़केल देती हैं।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के अधिकार बिना,  महिलाओं के विकास की चर्चा करना सिर्फ एक “बयानबाजी” होगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का अर्थ महिलाओं के लिए आध्यात्मिक,  बौद्धिक और व्यावसायिक विकास की प्रक्रियाओं के मौलिक अधिकार तथा महत्व पर जोर देना है जो उन्हें पुरुषों के साथ समाज में खुद को स्थापित करने के योग्य बनाता है। इस संदर्भ में सरकारों को चाहिए की नारियों की शिक्षा प्रर्याप्त निवेश करें।

अपने संबोधन में कार्डिनल पारोलिन ने संत पापा को ओर से उन सारे शिक्षकों और कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी कृतज्ञता के भाव व्यक्त किये जो दूर-दराज स्थानों में पूर्ण समर्पण के साथ अपने कार्यो का निर्वाहन कर रहे हैं “जिनमें से अधिकांश धर्मसंधी और लोकधर्मी महिलाएं शामिल हैं।” वाटिकन राज्य सचिव ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “हालांकि महिलाओं की उन्नति के संबंध में बहुत से कार्य किये जा रहे हैं लेकिन अब भी  बहुत कुछ किया जाना बाकी है।”

महिलाएँ भेदभाव का शिकार

वाटिकन का प्रतिनिधित्व करने वाले सुश्री एरिक सोविगुइदी,  यूनेस्को की स्थायी पर्यवेक्षक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे महिलाओं के संग भेदभाव करते हुए उन्हें दंडित किया जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी इस असमानता और भेदभाव के शिकार होते हैं। महिलाएं दुनिया की आधी आबादी का हिस्सा हैं और “आधी मानवता की क्षमता को खत्म करना अनुचित और अमानवीय है।”

कारितास में महिलाएं

अंतरराष्ट्रीय कारीतास के महासचिव, एलॉयसियस जॉन ने उन कार्यों की ओर ध्यान आकर्षित कराया जो अब भी कारीतास के भीतर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किए जाने की आवश्यकता है। वर्तमान में, कारीतास की 53 प्रतिशत कार्यकर्ता केवल महिलाएं हैं, “हमें थोड़ा और आगे बढ़ने की जरूरत है, ताकि महिलाओं को बड़े पदों पर ले जाने में सक्षम बनाया जा सके।”

महिलाओं के विरूध हिंसा

सम्मेलन में सहभागी हो रहे जसविंदरा संगहेरा ने अपने जीवन की घटनाओं को साझा करते हुए महिलाओं के विरूध हो रहे हिंसा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भी कितने ही जवान लड़कियों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है लेकिन वे आपबीती की चर्चा नहीं करते हैं। एक अन्य हिंसा का शिकार हुई पत्रकार ने अपने ऊपर हुए शारीरिक शोषण का जिक्र करते हुए कहा, "पीड़ितों और बचाये गये लोगों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करने की जरूरत है और उन्हें यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि उन्होंने कुछ गलत किया है।” आस्था-आधारित अगुवे आगे आते हुए ऐसी महिलाओं की आवाज बनने में मददगार हो सकते हैं।

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28 October 2022, 16:23