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5 सितम्बर को मदर तेरेसा की पुण्य तिथि मनाती चैरिटी धर्मबहनें 5 सितम्बर को मदर तेरेसा की पुण्य तिथि मनाती चैरिटी धर्मबहनें  (AFP or licensors)

कलकत्ता में संत मदर तेरेसा की 25वीं पुण्य तिथि मनायी गई

कलकत्ता के महाधर्माध्यक्ष थॉमस डीसूजा ने 5 सितम्बर को मिशनरीस ऑफ चैरिटी धर्मसमाज के सदस्यों के साथ संत मदर तेरेसा की 25वीं पुण्य तिथि मनायी। 'हाल के वर्षों में चुनौतियाँ एवं गरीबी बढ़ी हैं, लेकिन उनका उत्तर देना हमेशा चैरिटी की प्राथमिकता रही है।' पार्क स्ट्रीट में एक नया केंद्र उन बच्चों के लिए खोला गया जो सड़कों में रहते और स्कूल नहीं जा सकते हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

कलकत्ता, मंगलवार, 6 सितम्बर 2022 (एशियान्यूज) ˸ काथलिक कलीसिया में संत मदर तेरेसा के पर्व दिवस के अवसर पर, कलकत्ता में 5 सितम्बर (1997) को उनकी मृत्यु की 25वीं पुण्य तिथि मनायी गई। मिशनरीस ऑफ चैरिटी की सुपीरियर जेनेरल सिस्टर मेरी जोसेफ ने बतलाया कि इस दिन को मदर तेरेसा की शैली में पूरी तरह गरीबों की सेवा के लिए अर्पित किया गया। 

लेकिन जैसा कि मिशनरीस ऑफ चैरिटी के लिए हर दिन होता है, दिन की शुरूआत यूखरिस्त समारोह से की गई। मूलमठ के प्रार्थनालय में कलकत्ता के महाधर्माध्यक्ष थॉमस डीसूजा ने ख्रीस्तयाग का अनुष्ठान किया। जिन्होंने पवित्र मिस्सा के अंत में, मदर तेरेसा की कब्र पर धर्मबहनों के साथ प्रार्थना की।

पवित्र मिस्सा के दौरान उपदेश में महाधर्माध्यक्ष ने प्रश्न किया, "क्या 1997 के बाद से अब तक मिशरीस ऑफ चैरिटी के लिए कुछ बदला है?" उत्तर था नहीं। परोपकार या चैरिटी का कार्य अब भी मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि हमारे महाधर्मप्रांत में, और विशेष रूप से कलकत्ता शहर में, कालीघाट या प्रेमदान, शांतिदान या दयादान, जीवनदान या शिशुभवन में गरीबों के लिए उनकी पूरी और मुफ्त सेवा जारी है, जैसा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी धर्मबंधुओं, हावड़ा में नवजीवन, या टीटागढ़ में गांधी आश्रम और चिंतनशील (कनटेम्पलेटिव) पुरोहितों और धर्मबहनों के घरों में होता है। यही मॉडल पूरी दुनिया में है। चुनौतियाँ और गरीबी बढ़ी हैं लेकिन जवाब हमेशा परोपकार या प्रेम की प्रधानता रहा है।

महाधर्माध्यक्ष ने शिक्षक दिवस की भी याद की जिसको भारत में 5 सितम्बर को मनाया जाता है। उन्होंने कहा, 'कलकत्ता की संत तेरेसा एक शिक्षिका भी थीं और माता के हृदय से निकलनेवाले शब्दों ने हर प्रकार के लोगों के हृदय एवं मन को बदला, खासकर, गरीब लोगों को।' 

उन्होंने कहा, "इस अवसर पर आइये हम ईश्वर को धन्यवाद दें जिन्होंने एक-दूसरे को प्यार करना सिखाया। हम ईश्वर को पवित्र यूखरिस्त में उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दें। जो हमें इस प्रेम को गरीबों की सेवा में प्रकट करने के लिए शक्ति देते हैं, हम पवित्र आत्मा को उनके निरंतर मार्गदर्शन और चैरिटी की विशिष्ठता को जीने हेतु प्रेरित करने के लिए धन्यवाद देते हैं। हम कलकत्ता की संत तेरेसा को अंत तक गरीबों एवं हमारे समाज द्वारा उपेक्षित लोगों के प्रति प्रेम के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। हम सिस्टर मेरी जोसेफ और उनके मिशनरीस ऑफ चैरिटी धर्मसमाज के लिए धन्यवाद देते हैं जिन्होंने सबसे गरीब लोगों की सेवा द्वारा परोपकार की ज्वाला को प्रज्वलित रखा है।"

महाधर्माध्यक्ष डीसूजा ने कलकत्ता की संत मदर तेरेसा की प्रतिमा को फूलों की माला भी अर्पित की। मिशनरीस ऑफ चैरिटी ने पार्क स्ट्रीट में सड़कों में रहने एवं स्कूल नहीं जा पानेवाले बच्चों के लिए एक नया केंद्र खोला। उन्होंने कहा, "हम उन्हें स्नान करायेंगे, कपड़े बदलेंगे, एक ग्लास दूध, बिस्कुट देंगे और उन्हें लिखना सिखायेंगे।"

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06 September 2022, 17:07