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बादल फटने से हुई त्रासदी के बाद राहत कार्यों का एक दृश्य, जम्मू काश्मीर राज्य बादल फटने से हुई त्रासदी के बाद राहत कार्यों का एक दृश्य, जम्मू काश्मीर राज्य   (AFP or licensors)

त्रासदी के बाद हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए प्रार्थना

उत्तरी जम्मू और काश्मीर राज्य में हुए एक भूस्खलन में 16 लोगों की मौत तथा कई लोगों के लापता होने के उपरान्त भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों ने अमरनाथ की तीर्थयात्रा पर जानेवाले हिंदू तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

नई दिल्ली, शुक्रवार, 15 जुलाई 2022 (ऊका समाचार): उत्तरी जम्मू और काश्मीर राज्य में हुए एक भूस्खलन में 16 लोगों की मौत तथा कई लोगों के लापता होने के उपरान्त भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों ने अमरनाथ की तीर्थयात्रा पर जानेवाले  हिंदू तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है।

उत्तरी जम्मू-कश्मीर राज्य में तीर्थयात्रा के मार्ग पर बादल फटने तथा भूस्खलन से 16 तार्थयात्रियों की मौत हो गई तथा कई लापता हैं।

काथलिक धर्माध्यक्षों का वकतव्य

13 जुलाई को भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों की ओर से संवेदना व्यक्त करते हुए, मुम्बई के काथलिक धर्माधिपति कार्डिनल ऑस्वर्ल्ड ग्रेशियस ने एक वकतव्य प्रकाशित कर कहा, "भारत के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीआई) को अमरनाथ की तीर्थ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की जान जाने पर गहरा दुख हुआ है।"

बादल फटने से अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई, जिससे न केवल मार्ग का एक बड़ा हिस्सा बल्कि श्रद्धालुओं के तंबू भी बह गए। कार्डिनल महोदय ने बताया कि "कश्मीर घाटी में बचाव अभियान जोरों पर है और हेलीकॉप्टर नियमित टोही यात्राएं कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लापता तीर्थयात्रियों को जल्द से जल्द खोजा जा सके और हताहतों की संख्या को कम किया जा सके।"

कार्डिनल के वकतव्य में कहा गया, "(सीबीसीआई) जीवन की क्षति के प्रति शोक व्यक्त करता तथा मृतकों के परिवारों के लिए प्रार्थना करता है। काथलिक धर्माध्यक्ष घायलों के लिए भी प्रार्थना करते तथा उम्मीद करते हैं कि वे शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य-लाभ प्राप्त कर सकें।"

8 जुलाई को मंदिर के पास भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, 37 घायल हो गए और 30 से अधिक लापता हो गए, जबकि 15,000 को बचाया जा सका।

अमरनाथ भगवान शिव का प्रतीक

वार्षिक अमरनाथ यात्रा 30 जून को शुरू हुई थी और 11 अगस्त को समाप्त होगी। ख़राब मौसम के चलते इसे एक दिन के लिये स्थगित कर दिया गया था किन्तु 11 जुलाई से यह पुनः शुरु कर दी गई है। समुद्र तल से 3,800 मीटर ऊपर की ओर स्थित अमरनाथ गुफा तीन मीटर बर्फ की चादर से ढकी है जिसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है।

प्रतिवर्ष, जुलाई और अगस्त के बीच, 60 से अधिक दिनों के लिए, लगभग पाँच लाख से अधिक हिंदू धर्मानुयायी भगवान शिव के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिये अमरनाथ की पाँच दिवसीय ख़तरनाक यात्रा करते हैं।

तीर्थयात्रा के प्रबंधक श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि अब तक 128,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ यात्रा कर ली है, जिसमें 6,415 तीर्थयात्रियों का एक और बड़ा समूह 13 जुलाई को तीर्थ स्थल के लिए जम्मू से रवाना हुआ है।

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15 July 2022, 11:17