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यूक्रेनी आपातकालीन सेवा के सदस्य युद्धग्रस्त क्षेत्र को खाली करने के लिए  एक बुजूर्ग व्यक्ति को ट्रेन में चढ़ने में मदद देते हुए यूक्रेनी आपातकालीन सेवा के सदस्य युद्धग्रस्त क्षेत्र को खाली करने के लिए एक बुजूर्ग व्यक्ति को ट्रेन में चढ़ने में मदद देते हुए   (CARLOS BARRIA)

युद्ध की कोलाहल में मानवता को सुनना

रविवार को विश्व संचार दिवस मनाया जाएगा जो सुनने के विषय पर प्रकाश डालता है एवं सूचना के केंद्र में व्यक्ति को रखने पर जोर दिया। संत पापा ने कहा है कि सुनने की क्षमता के बिना अच्छी पत्रकारिता नहीं हो सकती। यह महामारी के समय और इस जब यूक्रेन में युद्ध चल रहा है अधिक स्पष्ट हुई है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

कारितास स्पेस यूक्रेन के महासचिव फादर वेयकेस्लव ग्रेनेवक ने संत पापा से वाटिकन स्थित संत मर्था आवास में मुलाकात के बाद कहा, "संत पापा फ्राँसिस न केवल सुनने वाले व्यक्ति हैं बल्कि वे ध्यानपूर्वक सुनते हैं।" पलोटाईन पुरोहित ने बतलाया कि "सुनना" सबसे महत्वपूर्ण कार्य है जिसको वे कारितास यूक्रेन में दूसरों के साथ काम करते हुए और स्वयंसेवक के रूप में, मानवीय कार्यों के पहले से कर रहे हैं, जब रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला शुरू किया।

उन माताओं को सुनना जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है, उन पिताओं को सुनना जो अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं और नहीं जानते कि क्या वे अपने परिवार को फिर देख पायेंगे। शोकाकुल बच्चों को सुनना जो करीब सौ दिनों से खौफ में जी रहे हैं, क्रूर युद्ध में पड़कर जिनका दैनिक जीवन, खेल, स्कूल और परिवार, बुरी तरह प्रभावित हुआ है। न केवल सुनना बल्कि ध्यानपूर्वक सुनना क्योंकि सुनने के लिए सिर्फ कान की जरूरत होती है लेकिन ध्यान पूर्वक सुनने के लिए हृदय की भी आवश्यकता होती है। सुनने के केंद्र में हृदय होता है।   

जब संत पापा ने ध्यानपूर्वक सुनना विश्व संचार दिवस की विषयवस्तु के रूप में चुना, तब उनका चिंतन कोविड-19 महामारी के दर्दनाक अनुभव पर आधारित था। वे अस्तित्व के अकेलेपन का जिक्र कर रहे थे, जो मानव जाति का एक हिस्सा था, जिसका सामना छूत-विरोधी प्रतिबंधों के कारण हुआ था, जो लोगों को एक-दूसरे के संपर्क में आने से रोकता था।

यह संयोग नहीं है, हम विश्व संचार दिवस के संदेश में पढ़ते हैं जिसको रविवार को मनाया जाएगा, "समाज को सुनने की क्षमता हमेशा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है जब यह लम्बी महामारी से घायल है।"  

पोप फ्राँसिस के अनुसार, "हमें ध्यान देना और गहराई से सुनना है, विशेषकर, उस समाज को, जो कई आर्थिक गतिविधियों की मंदी या समाप्ति से बेचैनी बढ़ गई है। इसलिए, सुनने की इच्छा को पकड़ने में सक्षम होने के लिए, जो उस अप्राकृतिक चुप्पी से बढ़ी है जो कई महीनों तक हमारे समुदायों में रही, जिसमें हमें खुद को दूसरों के करीब लाने की आवश्यकता है। यदि हम एक-दूसरे के करीब होंगे, अपने पड़ोसियों के नजदीक रहेंगे तभी हम सचमुच सुन सकेंगे।"

अतः सुनने की विषयवस्तु सबसे पहले महामारी के अनुभव से उत्पन्न हुई है जिसका मूल्य यूक्रेन के युद्ध की पृष्टभूमि और साथ ही साथ, हर प्रकार के संघर्षों में भी कम नहीं है। यदि महामारी में, सुनने की क्षमता को, मौन में एक सही आवृत्ति खोजने की जरूरत थी, तो अब युद्ध की कोलाहल में हथियारों के गर्जन में, हृदय का मनोभाव होना है उन लोगों की आवाज सुनना जो पीड़ित हैं। संचार के एक कार्यात्मक दृष्टिकोण के अनुसार यह तभी संभव है जब एक प्रेषक, एक प्राप्तकर्ता और एक साझा कोड हो।

इस प्रकार, यह एक ऐसा संचार है जिसमें किसी को सुनने के बजाय कुछ कहना है। महामारी के समान ही युद्ध ने दिखाया है जैसे कि संत पापा फ्राँसिस ने दर्शनशास्त्री अब्राहम कापलान, जिनका जन्म यूक्रेन के ओदेसा में हुआ था, उनका हवाला देते हुए कहा है कि सच्चा संचार दो एकालापों के निकट रहने तक सीमित नहीं है बल्कि आवश्यक है मुझे और आप दोनों को अपने आप से बाहर निकलने का, एक-दूसरे से सीखने का।  

संत पापा ने कहा, "अतः सुनना वार्तालाप एवं अच्छे संचार की पहली अनिवार्य सामग्री है।" एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को नहीं बता सकता यदि उसने नहीं सुनी है और सुनने की क्षमता के अभाव में अच्छी पत्रकारिता संभव नहीं है।

इस वाक्य में हम, सूचना हेतु काम करनेवाले के लिए एक आह्वान एवं कर्तव्य को पाते हैं खासकर, एक नाजुक और अप्रत्याशित ऐतिहासिक मोड़ में जैसा कि हम अनुभव कर रहे हैं, एक अच्छा संचार, अच्छी पत्रकारिता एवं सुनने की जरूरत है। सबसे पहले हमें उन लोगों को सुनना है जिनकी आवाज कमजोर है। इस काम के लिए कई पत्रकार यूक्रेन में और दूसरे यूद्धग्रस्त स्थलों में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।    

सुनने के लिए धीरज एवं विनम्रता की आवश्यकता है। ये सदगुण हमें औसत दर्जे के होने से बचाते हैं। संत पापा ने 18 मई 2019 को इटली में फॉरेन प्रेस एसोसिएशन के पत्रकारों को सम्बोधित करते हुआ कहा था कि विनम्र पत्रकार एक स्वतंत्र पत्रकार होता है। वह शर्त और पूर्वाग्रह से मुक्त होता है, इस प्रकार वह एक साहसी व्यक्ति होता है।

यह जानते हुए कि संचार में संलग्न होना केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि आम अच्छाई की सेवा करने का एक मिशन है। स्वतंत्रता को आज पहले से कहीं अधिक सुरक्षित किया जाना चाहिए।

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26 May 2022, 16:21