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फिलीपिन्स के एक महागिरजाघर में  एकत्र काथलिक श्रद्धालु - (प्रतीकात्मक तस्वीरः 02.03.2022)   फिलीपिन्स के एक महागिरजाघर में एकत्र काथलिक श्रद्धालु - (प्रतीकात्मक तस्वीरः 02.03.2022)   (AFP or licensors)

फिलीपिन्स में वोट के लिए 40 दिनों का प्रार्थना अभियान

फिलीपिन्स में आगामी 09 मई को होनेवाले राजनैतिक चुनावों के मद्देनज़र, सामाजिक-राजनीतिक नवीनीकरण के लिए कलीसियाई आंदोलन द्वारा प्रचारित "दिलाब" नामक न्यास एवं विश्वव्यापी काथलिक उदारता संगठन कारितास की फिलीपिनी शाखा के तत्वाधान में, 40 दिवसीय प्रार्थना एवं विवेक अभियान शुरु कर दिया गया है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

मनीला, शुक्रवार, 1 अप्रैल 2022 (रेई,वाटिकन रेडियो): फिलीपिन्स में आगामी 09 मई को होनेवाले राजनैतिक चुनावों के मद्देनज़र, सामाजिक-राजनीतिक नवीनीकरण के लिए कलीसियाई आंदोलन द्वारा प्रचारित "दिलाब" नामक न्यास एवं विश्वव्यापी काथलिक उदारता संगठन कारितास की फिलीपिनी शाखा के तत्वाधान में, 40 दिवसीय प्रार्थना एवं विवेक अभियान शुरु कर दिया गया है।   

कारितास फिलीपिन्स के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष कॉलिन बागाफोरो ने कहा कि समस्त विश्वासियों के प्रति अभिमुख उक्त पहल का उद्देश्य इस बात पर ज़ोर देना है कि "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक गतिविधियाँ ईश प्रेरित हों।" उन्होंने कहा कि हम समस्त विश्वासियों को आमंत्रित करते हैं कि वे अपने निर्णयों को समझें और ईश्वर को अपने निर्णयों के केंद्र में रखें, विशेष रूप से, इन आगामी चुनावों में।"

"आई वोट गॉड" अभियान 

"दिलाब" न्यास के संस्थापक फादर विक्टर कारमेलो दियोला के अनुसार, लगभग 10 में 06 या 08 मतदाता अभी तक यह निर्णय नहीं ले पायें हैं कि किसको अपना मत प्रदान करें। मतदाताओं में मार्गदर्शन की कमी को रेखांकित करते हुए फादर दियोला ने कहा कि लोगों को यह तय करने में मदद करना कि बिना किसी बाहरी प्रभाव के किस अभ्यर्थी को वे अपना वोट प्रदान करें एक ग़ैर-पक्षपातपूर्ण अभियान है।

उनका कहना था कि मतदाताओं की पसंद अभी भी उनके व्यक्तित्व पर आधारित होती है और बाहरी एवं प्रभावशाली लोगों के दबाव पर निर्भर करती है; इसलिए "परिवर्तन की संस्कृति" की आवश्यकता पर बल देना अनिवार्य हो जाता है। फादर दियोला ने फिलीपिनी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के प्रेरितिक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि समस्त काथलिक धर्मानुयायियों से आग्रह किया गया है कि वे उसी अभ्यर्थी को अपना क़ीमती मत प्रदान करें जो व्यक्ति की गरिमा के सम्मान एवं समाज के उसकी प्रतिष्ठा एवं अधिकारों के लिये प्रतिबद्ध हो।

जागरूकता के साथ मतदान का महत्व

फादर दियोला ने कहा, "महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे मतदाता वास्तव में जानें कि उम्मीदवार कौन हैं ताकि वे मतदान केवल इसलिये न करें क्योंकि उन्हें उस तरह से मतदान करने के लिये कहा गया है या फिर सोशल मीडिया पर उन्होंने जो पढ़ा है उससे प्रभावित हुए हैं।"

उन्होंने आशा व्यक्त की कि अधिकाधिक लोग इस 40 दिवसीय प्रार्थना अभियान से जुड़ेंगे तथा एक अच्छे विकल्प के लिये मार्गदर्शन पा सकेंगे।  

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01 April 2022, 11:44