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पवित्र बाईबिल को दिखाते हुए पवित्र बाईबिल को दिखाते हुए 

ईश वचन रविवार : धर्मग्रंथ व्यक्ति को ईश्वर से प्रेम करने हेतु प्रेरित करता

येरूसालेम के लातीनी प्राधिधर्माध्यक्ष ने एक संदेश में विश्वासियों को बतलाया है कि पोप फ्राँसिस के आदेश पर 2020 से मनाये जानेवाले ईश वचन रविवार को किस तरह मनाया जाएगा। ईश वचन रविवार को तीसरे सामान्य रविवार को मनाया जाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

पवित्र भूमि, शनिवार, 8 जनवरी 2022 (वाटिकन न्यूज)-पवित्र भूमि में इस साल ईश वचन रविवार को जो 23 जनवरी को पड़ेगा, नये व्यवस्थान के पाठन के लिए समर्पित किया जाएगा।

मोतू प्रोप्रियो अपेरित इल्लिस के द्वारा 30 सितम्बर 2019 को स्थापित ईश वचन रविवार के अनुसार "सामान्य काल के तीसरे रविवार को ईश वचन को मनाने, उसपर चिंतन करने एवं उसका प्रचार करने के लिए समर्पित किया गया है ताकि ईश प्रजा पवित्र धर्मग्रंथ के प्रति भक्ति एवं ज्ञान में बढ़ सके।"

अपने एक संदेश में येरूसालेम के प्राधिधर्माध्यक्ष पियेरबतिस्ता पित्साबाला ने फिलिस्तीन, इस्रराएल, जॉर्डन और साईप्रस के पल्लियों, धर्मसंघी एवं लोकधर्मी समुदायों, युवा दलों, परिवारों एवं विश्वासियों को निमंत्रण दिया है कि वे इस पहल में भाग लें और इस अवसर के लिए अपना समय दें। उन्होंने कहा है कि ईश्वर की कृपा पर भरोसा रखते हुए हम जीवित एवं अनन्त वचन के "अदूषणीय बीज को सुगंधित खुशबू के साथ जो हमें प्रेम करने हेतु प्रेरित करता, पवित्र भूमि एवं पूरे विश्व में फैलायें।"

ईश वचन एकता के साधन के रूप में

हाल के वर्षों में, येरूसालेम की कलीसिया में, ईश वचन रविवार को काथलिक विश्वासी अन्य कलीसिया के भाई बहनों के साथ मनाते आ रहे हैं। वे एक साथ धर्मग्रंथ का पाठ करने के लिए एकत्रित होते हैं।

प्राधिधर्माध्यक्ष पित्साबाला ने कहा है कि इस अभ्यास को वाटिकन द्वितीय महासभा के "देई वेरबुम" से ली गई है- "कलीसिया ने दिव्य वचन का हमेशा सम्मान किया है जैसा ख्रीस्त के पावन शरीर को सम्मान दिया जाता है, वह इससे कभी नहीं चूकती, खासकर, मिस्सा बलिदान में, वह ईश वचन एवं ख्रीस्त के शरीर के दोनों ही मेजों पर जीवन की रोटी से पोषित करती है।"    

येरूसालेम के लातीनी प्राधिधर्माध्यक्ष ने याद किया कि पोप फ्राँसिस ने संत जेरोम की मृत्यु की 1600 वर्षगाँठ की याद की तथा जोर दिया कि बाईबिल ईश प्रजा की पुस्तक है जिससे सुनकर वह विखराव और विभाजन से एकता की ओर बढ़ती है।" "ईश्वर का वचन विश्वासियों को एकजुट करता एवं उन्हें एक प्रजा बनाता है"।

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08 January 2022, 15:05