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जकार्ता में बाढ़ जकार्ता में बाढ़  

जकार्ता में काथलिकों द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद

जकार्ता के छह जिलों के दर्जनों घरों में पानी भर गया है और 245 हेक्टेयर से अधिक खेत जलमग्न हो गये हैं। 12,000 विस्थापितों सहित लगभग 54,000 लोग प्रभावित हैं। करीब 11 गिरजाघर अनुपयोगी हो गए हैं। धर्माध्यक्ष सामुएल ओटन सिडिन ने आपातकाल के जवाब में सहायता के लिए एक अपील शुरू की है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

जकार्ता, मंगलवार, 23 नवम्बर 2021 (एशियान्यूज)- करीब पूरा क्षेत्र पानी में है। सिनतंग और कापुअस हुलु के कुछ हिस्से में जल स्तर दो मीटर तक ऊपर उठ गया है। बाढ़ ने मेलावी जिला को भी नहीं छोड़ा है।  

कारितास इंडोनेशिया के रिपोर्ट के अनुसार 24 उप-जिले 21 अक्टूबर से बाढ़ से प्रभावित हैं। भारी बारिश से सर्वाधिक प्रभावित परिवारों को सहायता वितरण में बाधा आ रही है।

सिनतंग महागिरजाघर के पल्लीवासी भिक्टर एमानुएल ने वहाँ की स्थित के बारे एशियान्यूज को बतलाया।

धर्मप्रांत के 6 जिलों के दर्जनों घर बाढ़ में ध्वस्त हो गये हैं एवं 245 हेक्टर जमीन जलमग्न है। करीब 54,000 लोग कई तरह से प्रभावित हैं और 12,000 लोगों को अस्थायी शरण स्थानों में जाना पड़ा है। 13,000 बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। कुल 11 गिरजाघर अनुपयोगी हो गए हैं।

भिक्टर एमानुएल ने बतलाया कि वर्तमान परिस्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और आपातकाल की सीमा के संदर्भ में 1963 की विनाशकारी बाढ़ की तरह है।

स्थिति के आलोक में, पोंटियानक के महाधर्मप्रांत में विभिन्न धार्मिक सभाओं और समूहों ने मानवीय सहायता एकत्र करने एवं वितरित करने के लिए एक अभियान शुरू किया है।

संकट के बीच सिनतंग के धर्माध्यक्ष सामुएल ओतोन सिदिन ने इंडोनेशिया के काथलिकों से अपील की है कि वे हजारों जरूरतमंद लोगों की मदद करें।

पोंटियानक में संत अंतोनी की संत फ्राँसिस की धर्मबहनों के धर्मसंघ की सदस्य सिस्टर क्रेसेनसिया याती ने स्थानीय दान दाताओं के बीच एक खाद्य संग्रह का आयोजन करके अपील का जवाब दिया है, जिसे उन लोगों को भेजा जाना है जिन्हें मदद की ज़रूरत है।

मदद सामग्री को भाड़े पर 10 घंटे की यात्रा के बाद अंतिम लक्ष्य तक पहुँचाया जाना है जहाँ कई प्रकार की समस्याएँ होती हैं, उदाहरण के लिए सबसे सुदूर क्षेत्र तक पहुँचने के लिए मोटर नाव ही एकमात्र साधन है।  

संत जीन-एंटाइड थौरेटा की चैरिटी की धर्मबहनें अपनी ओर से विस्थापित एवं आवासहीन लोगों के लिए अपना द्वार खोल दिये हैं।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको "जोकोवी" विदोदो ने भी बाढ़ पर चिंता व्यक्त की और गौर किया कि स्थानीय वर्षा जलग्रहण क्षेत्र में भारी क्षति हुई थी।  

उनके विचार अनुसार, स्थानीय पर्यावरणीय गिरावट के साथ अत्यधिक वर्षा, असाधारण मौसम की स्थिति, वर्तमान संकट के लिए जिम्मेदार हैं। स्थिति का समाधान करने के लिए, उन्होंने क्षेत्र में अतिरिक्त पानी को अवशोषित करने में मदद करने के लिए क्षेत्र के वनीकरण योजनाओं की घोषणा की।

23 November 2021, 16:08