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पोलिश-बेलारूस सीमा पर आप्रवास संकट, 19.11.2021 पोलिश-बेलारूस सीमा पर आप्रवास संकट, 19.11.2021  

पोलिश-बेलारूस सीमा पर आप्रवास संकट पौलैण्ड की कारितास का वकतव्य

पोलिश-बेलारूस सीमा पर आप्रवास संकट की पृष्ठभूमि में विश्वव्यापी काथलिक उदारता संगठन कारितास की पोलिश शाखा ने कहा है कि कलीसिया सदैव ज़रूरतमन्दों की पक्षधर रहेगी।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

पोलैण्ड, शुक्रवार, 19 नवम्बर 2021 (रेई,वाटिकन रेडियो): पोलिश-बेलारूस सीमा पर आप्रवास संकट की पृष्ठभूमि में विश्वव्यापी काथलिक उदारता संगठन कारितास की पोलिश शाखा ने कहा है कि कलीसिया सदैव ज़रूरतमन्दों की पक्षधर रहेगी। कारितास पोलैण्ड के निर्देशक काथलिक पुरोहित फादर मारसिन इत्ज़ीकी ने कहा, "जरूरतमंदों की मदद करने और हमारी सीमा और हमारे देश की सुरक्षा की रक्षा करने वालों के काम का सम्मान करने में कोई विरोधाभास नहीं है।"  

कलीसिया ज़रूरतमन्दों की पक्षधर

फादर इत्ज़ीकी ने बताया कि पोलिश-बेलारूस सीमा पर बने आप्रवास संकट के मद्देनज़र कारितास पोलैण्ड ने बियालिस्तोक महाधर्मप्रान्त की सात पल्लियों में शिविरों का निर्माण किया है। इन पल्लियों में खाद्य सामग्री, कम्बल एवं कपड़े एकत्र किये जा रहे हैं ताकि सर्दी की मार सह रहे आप्रवासियों की सहायता की जा सके।   

कारितास पोलैण्ड ने इस बात पर बल दिया कि पोलिश-बेलारूस सीमा पर उसकी गतिविधियों का उद्देश्य बीच सीमा में फँसे आप्रवासियों की मदद करना है। फादर इत्ज़ीकी ने कहा, "जब तक संकट बना रहेगा, हम उन सभी लोगों के साथ रहेंगे जिन्हें हमारी ज़रूरत है। हम संकट से प्रभावित सभी समूहों को याद करने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें आप्रवासी और शरणार्थी और साथ ही उस क्षेत्र के निवासी भी शामिल हैं।"

गिरजाघरों में आप्रवासियों के लिये चंदा

इसके अतिरिक्त, फादर इत्ज़ीकी ने बताया कि आगामी रविवार को पोलैण्ड के समस्त गिरजाघरों में आप्रवासियों, शरणार्थियों तथा सीमा पर फंसे ज़रूरतमन्दों की मदद के लिये चंदा एकत्र किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पोलैण्ड के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष स्तानिसलाव गादेस्की की अपील के बाद यह पहल शुरु की गई है। महाधर्माध्यक्ष गादेस्की ने पोलिश-बेलारूस सीमा पर हो रही मानवीय त्रासदी का खण्डन किया तथा बेलारूस की सरकार की कड़ी निन्दा की है। उन्होंने कहा, "इसीलिये मैं एक बार फिर दोहराना चाहूंगा कि इस बर्बरता  से प्रभावित लोगों को हमारी एकजुटता की जरूरत है।" 

कारितास पोलैण्ड में सेवारत फ्राँसिसकन धर्मसमाजी फादर कोरदियान श्वार्ज़ ने बताया कि विगत दो सप्ताहों से कारितास पोलैण्ड हज़ारों आप्रवासियों की सहायता में जुटी है किन्तु सरकारों द्वारा शीघ्रातिशीघ्र उपयुक्त कदम उठाये जाने की नितान्त आवश्यकता है। उन्होंने पोलैण्ड के उन सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने आप्रवासियों की मदद हेतु अपना योगदान दिया है।

19 November 2021, 12:54