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माली की मिशनरी धर्मबहन ग्लोरिया सिसिलिया नारवेज अर्गोती  माली की मिशनरी धर्मबहन ग्लोरिया सिसिलिया नारवेज अर्गोती  

माली में अपहरण के दौरान विश्वास ने बचने में मदद दी, सिस्टर ग्लोरिया

माली में 9 अकटूबर को अपहरण से रिहा होने के बाद कोलोम्बिया की मिशनरी धर्मबहन ग्लोरिया सिसिलिया नारवेज अर्गोती ने वाटिकन न्यूज को बतलाया कि वे कैद में कैसी थीं और किस तरह विश्वास और प्रार्थना ने उनका साथ दिया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

माली, मंगलवार, 26 अक्तूबर 2021 (वीएनएस)- कोलोम्बिया की मिशनरी धर्मबहन ग्लोरिया जो कथित इस्लामिक स्टेट के आतंकियों द्वारा अपहरण किये जाने के करीब पाँच सालों बाद रिहा हुईं कहा कि विश्वास और प्रार्थना ने ही उन्हें अग्नि परीक्षा से बचाया।

सिस्टर ग्लोरिया जो फ्राँसिसकन सिस्टर्स ऑफ मेरी इम्माकुलेट धर्मसमाज की धर्मबहन हैं, उनका अपहरण 7 फरवरी 2017 को हुआ था। परमधर्मपीठ एवं कोलोम्बिया के धर्माध्यक्षों के महीनों के प्रयास के बाद 9 अक्टूबर 2021 को उन्हें रिहा कर दिया गया।  

वाटिकन न्यूज से बातें करते हुए सिस्टर ग्लोरिया ने अपना अनुभव साझा किया तथा उन्होंने ईश्वर, कलीसिया, पोप फ्राँसिस और इटली के अधिकारियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उन्हें रिहा होने में मदद दी। उनके कैद के दौरान कोलोम्बिया की कलीसिया और धर्मसमाज ने उनके लिए लगातार प्रार्थना की तथा उनकी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा।  

अपहरणकर्ताओं के साथ अच्छा संबंध

सिस्टर ग्लोरिया ने वाटिकन न्यूज के पत्रकार फादर मानुएल कुबियस को बतलाया कि आपसी सम्मान के कारण अपहरणकर्ताओं के साथ उनका अच्छा मानवीय संबंध रहा, हालांकि, उन्हें लगा कि धर्म और काथलिक विश्वास के कारण उनके साथ एक अजनबी की तरह व्यवहार किया गया। "उन्होंने हमेशा दोहराया कि इस्लाम ही सच्चा धर्म है। मैंने उन्हें सम्मान के साथ बोलने दिया किन्तु महसूस किया कि मेरे काथलिक एवं एक धर्मबहन होने के लिए वे मेरी उपेक्षा करते थे।"

हमेशा ईश्वर पर भरोसा   

 उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन के लिए भयभीत नहीं थीं क्योंकि ईश्वर पर भरोसा रखती थी। "मैंने अपने आप से कहा, 'क्या होगा, क्या होगा'।" प्रार्थना करना एवं स्तोत्र के पाठ ने उन्हें बहुत मदद दिया और उन्हें सुरक्षा का भाव प्रदान किया। उन्होंने कहा कि रिहा होने के बाद उनका सबसे पहला विचार था पूरे हृदय से ईश्वर को धन्यवाद देना।  

माली में फ्रांसिसकन धर्मबहनों की प्रेरिताई

फ्राँसिसकन धर्मसमाज द्वारा अपहरण के दौरान किये गये कार्यों के बारे बोलते हुए सिस्टर ग्लोरिया ने बतलाया कि वे माली के कारांगासो जिला में लोगों के लिए एक स्वास्थ्य केंद्र चलाती हैं, और एक अनाथालय देखती हैं जिसमें दर्जनों बच्चे हैं जिनकी माताएं बच्चों को जन्म देते समय मर गई हैं। फ्रांसिसन बहनें छोटे व्यवसायों, विशेष रूप से महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों के लिए माइक्रो-क्रेडिट का भी काम करती हैं ताकि उनके परिवारों के भरण-पोषण में सहयोग दे सकें।  

माली में बढ़ती असुरक्षा

पिछले वर्षों में माली में कलीसिया की मिशनरी गतिविधि, साहेल क्षेत्र के अन्य देशों की तरह, जिहादी विद्रोह के कारण बढ़ती असुरक्षा से बाधित हुई है। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों ने सहारा के किनारे अर्ध-शुष्क क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा दी है, जिससे जातीय संघर्षों को बढ़ावा मिला है और पूरे समुदायों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर किया है। ठीक एक साल पहले, सोसाइटी ऑफ अफ्रीकन मिशन के सदस्य, इताली काथलिक मिशनरी फादर पियेरलुइजी मेकाल्ली को नाइजर में एक जिहादी समूह द्वारा अपहरण किए जाने के दो साल बाद रिहा कर दिये गये थे।

 

26 October 2021, 17:03