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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (AFP or licensors)

मिशन रविवार: आयरिश महाधर्माध्यक्ष ने मिशन के नायकों को याद किया

जैसा कि कलीसिया विश्व मिशन रविवार को चिह्नित करती है, मिसियो आयरलैंड के अध्यक्ष, महाधर्माध्यक्ष कीरन ओ'रेली, एसएमए, का कहना है कि यह दुनिया भर में "मिशन के नायकों" को याद करने का एक अवसर है। रविवारीय देवदूत प्रार्थना के दौरान संत पापा फ्राँसिस ने भी दुनिया भर के मिशनरियों को सुसमाचार के प्रति उनकी गवाही के लिए, अक्सर महान बलिदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 25 अक्टूबर 2021 (वाटिकन न्यूज) :  दुनिया भर की काथलिक कलीसिया विश्व मिशन रविवार 24 अक्टूबर को मनाती है। यह दिन उन मिशनरियों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालता है जो कठिन परिस्थितियों में जी रहे हैं और लोगों को एकजुटता व्यक्त करने और उन्हें प्रार्थना में याद करने का अवसर भी प्रदान करता है।

संत पापा फ्राँसिस ने अपने 2021 विश्व मिशन रविवार संदेश के लिए जिस विषय को चुना है वह है: ‘हमने जो देखा और सुना है, उसके बारे में हम बोल नहीं सकते’ (प्रेरितचरित 4:20)। इसमें वे कहते हैं: "एक बार जब हम ईश्वर के प्रेम की शक्ति का अनुभव कर लेते हैं तो हम जो कुछ देखा और सुना है उसका प्रचार करते हैं और उसे साझा करते हैं। येसु का अपने शिष्यों और मानवता के साथ संबंध हमें दिखाता है कि ईश्वर किस हद तक मानवता से प्यार करते हैं और हमारे सुखों और कष्टों, हमारी आशाओं और हमारी चिंताओं को अपना बनाते हैं।"

मिशन के नायक

वाटिकन रेडियो से बात करते हुए, परमधर्मपीठीय मिशन सोसायटी की आयरिश शाखा मिसियो आयरलैंड के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष कीरन ओ'रेली, एसएमए, ने कहा कि यह "हमारे लिए इस समय दिए जा रहे गवाह को स्वीकार करने के लिए एक महान आह्वान है; दुनिया के विभिन्न हिस्सों में इतने सारे ख्रीस्तीय समुदायों का गवाह है और वह गवाह इतना मजबूत है कि हम इसके बारे में बात नहीं कर सकते हैं और मुझे लगता है कि यह इस मिशन रविवार के पहलुओं में से एक है जो इतना महत्वपूर्ण है।

महाधर्माध्यक्ष कीरन ओ'रेली ने कहा कि इस दिवस ने "मिशन के नायकों" को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान किया: वे जो बड़ी कठिनाई और चुनौतियों की स्थिति में हैं और जिन्हें हमें अपने विचारों और प्रार्थनाओं में रखना चाहिए।

महामारी और मिशन

यह पूछे जाने पर कि महामारी ने हमें मिशन के बारे में क्या सिखाया है, महाधर्माध्यक्ष ओ'रेली ने कहा कि इसने "कई मायनों में दुनिया भर में मिशन को बदल दिया है, जिसमें इसने हम सभी की एक-दूसरे पर और मानव जाति पर निर्भरता को बढ़ा दिया है।"

उन्होंने आगे कहा कि सभी के प्रति अधिक मिशनरी होना महत्वपूर्ण है, चाहे वह बीमारों की देखभाल करना हो, या गरीब देशों में महामारी के आर्थिक परिणामों से निपटने के लिए यह सुनिश्चित करना कि टीकों का उचित वितरण हो।

मिशनरी शिष्य

महाधर्माध्यक्ष ने रेखांकित किया कि हम सभी मिशनरी बनने के लिए बुलाये गये हैं और संत पापा फ्राँसिस ने इस बात पर जोर दिया है कि प्रत्येक व्यक्ति "एक मिशनरी शिष्य" है। उन्होंने कहा कि  मूल रूप से मिशनरी विदेशी मिशन पर जाने वालों को कहा जाता था और इसमें आयरलैंड का बड़ा योगदान था, लेकिन अब आह्वान, विशेष रूप से द्वितीय वाटिकन महासभा के प्रकाश में, "कलीसिया की पहचान ही मिशन है, और कलीसिया के अंदर प्रत्येक व्यक्ति को एक मिशनरी शिष्य होने के लिए कहा जाता है।"

महाधर्माध्यक्ष ओ'रेली ने उल्लेख किया कि अभी भी ऐसे मिशनरी हैं जो उन जगहों पर जाते हैं जिन्होंने सुसमाचार नहीं सुना है, लेकिन "विश्वास में अच्छी तरह से स्थापित समुदायों को पुनर्जीवित करने का एक आह्वान है ताकि वे मिशनरी शिष्य और मिशनरी समुदाय बन सकें।"

25 October 2021, 16:16