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अफगानिस्तान से बाहर जाने वाले शरणार्थी अफगानिस्तान से बाहर जाने वाले शरणार्थी  (Public Domain)

असीसी का मनोभाव ˸ अफगानिस्तान, हैती एवं सृष्टि की सुरक्षा के लिए

शांति के लिए मासिक प्रार्थना को 27 अगस्त से पुनः जारी रखा जाएगा। जिसमें इस माह अफगानिस्तान, हैती एवं सृष्टि की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की जायेगी। असीसी के धर्माध्यक्ष मोनसिन्योर दोमेनिको सोर्रेनतिनो ने प्रार्थना का आह्वान किया है और धर्मप्रांतीय आयोग "असीसी का मनोभाव" इसे आगे बढ़ायेगा। इस प्रार्थना को संत पापा जॉन पौल द्वितीय की इच्छा पर सन् 1986 में आयोजित ऐतिहासिक अंतरधार्मिक सभा की यादगारी में हर माह दुहराया जाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

इटली, बृहस्पतिवार, 26 अगस्त 21 (वीएनएस)- विश्वासियों को निमंत्रण देते हुए धर्माध्यक्ष ने कहा है कि "हम पुनः अपनी प्रार्थना को अफगानिस्तान से ईश्वर की ओर उठनेवाले विलाप एवं अर्जी के साथ मिलाते हैं जो इन दिनों अनिश्चितता एवं हिंसा की भयंकर स्थिति का सामना कर रहे हैं, हम अपने हृदय को एकात्मता एवं स्वागत के लिए खोलें। हम हैती एवं विश्व के अन्य क्षेत्रों से पृथ्वी हमारे आमघर की पुकार सुनें जो आग एवं पानी जैसी विनाशकारी शक्तियों से नष्ट हो रहे हैं।"   

धर्माध्यक्ष ने कहा, "ये घटनाएँ हमें चुनौती दे रही हैं क्योंकि इनके अधिकांश हिस्से जलवायु परिवर्तन एवं देखभाल की कमी से प्रभावित हैं, व्यक्तिगत रूप से परन्तु गंभीर अपराधिक राजनीतिक एवं आर्थिक व्यवहार के कारण भी। सटेलाईट की तस्वीरें हमें एक अज्ञात ग्रह को दिखाती हैं जिसमें व्यक्ति और पूरी दुनिया की हानि के लिए गैर-जिम्मेदार हाथ वास्तविक पर्यावरणीय 'हत्या' का दोषी है। वनस्पति का विनाश जावनरों एवं निर्दोश लोगों की मौत से जुड़ी है। बहुत अधिक विनाश के सामने संत फ्रांसिस असीसी का भजन गूँजता है, जो हमें एक जोरदार निमंत्रण दे रहा है हमें याद दिला रहा है कि जो कुछ अस्तित्व में है वह भाईचारे के गहरे रिश्ते से जुड़ा है"।  

"हमें जिम्मेदारी के साथ काम करना है, हर दिन के कार्य को सम्मान और प्यार से करना है, हिंसा एवं शोषण के तर्क को तोड़ना है तथा स्वीकृति एवं शांति उत्पन्न करना है।"

धर्माध्यक्ष ने कहा, "आइये हम 27 अगस्त को असहिष्णुता की भावना को मनुष्यों के बीच समाप्त करने के लिए प्रार्थना करें।...हम एक साथ करुणावान ईश्वर से प्रार्थना करें कि वे हमें प्रकाश एवं कृपा प्रदान करें ताकि जो स्वार्थी फायदे की खोज करने के कारण अंधे हो गये हैं वे जीवन के चमत्कारों एवं सभी लोगों को भाई बहन के रूप में देख सकें और सभी सृष्ट जीव जन्तुओं की सुन्दरता की रक्षा करना सीख सकें।"

26 August 2021, 15:47