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इंडोनेशिया में बुधवार को मौतों की संख्या 1 लाख पहुँच गई इंडोनेशिया में बुधवार को मौतों की संख्या 1 लाख पहुँच गई   (AFP or licensors)

इंडोनेशिया के उर्सुलाइन स्कूलों ने मोबाइल टीकाकरण अभियान शुरू किया

जकार्ता के कार्डिनल इग्नासियुस सुहारयो ने मंगलवार को 8 वाहनों को आशीष दी जिनका प्रयोग गरीब समुदायों को और इंडोनेशिया की राजधानी के आसपास वैक्सिन प्रदान करने के लिए किया जाएगा।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

इंडोनेशिया, बृहस्पतिवार, 5 अगस्त 2021 (वीएनएस)- इंडोनेशिया में जब कोविड-19 से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और देश की स्वास्थ्य सुविधाएँ कमजोर पड़ रही है, तब काथलिक धर्मप्रांत ने एक मोबाईल वैक्सिन पहल जारी की है जिसके द्वारा हाशिये पर जीवन यापन करनेवाले समुदायों तक पहुँचा जा सकेगा। 

"करुणा के कार्य"

मोबाईल कोविड-19 टीकाकरण के इस पहल का नाम है – सेर्वियम टीकाकरण सेवा (एसवीएस)। रेडियो वेरितास एशिया की रिपोर्ट अनुसार इस पहल को जकार्ता में उर्सुलाईन धर्मबहनों द्वारा संचालित तीन काथलिक स्कूलों में जारी किया जा रहा है। कार्डिनल इग्नासियुस सुहार्यो ने 3 अगस्त को इस सेवा का उद्घाटन किया तथा वाहनों पर आशीष दी जिसका प्रयोग हाशिये पर जीवन यापन करनेवाले लोगों के बीच किया जाएगा। 

कार्डिनल ने वाहन पर आशीष देते हुए कहा, "ये वाहन करूणा के कार्यों एवं जरूरतमंद लोगों के बीच प्रेम बांटने का ठोस साक्ष्य हैं।"

दूसरों के साथ हाथ मिलाना

इस अवसर पर मौजूद इंडोनेशिया की महिला सशक्तिकरण और बाल सुरक्षा मंत्री, आई गुस्ती आयु बिनतांग दारमावती ने कहा, "यह टीकाकरण एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है, जिसका अर्थ है कि इस आंदोलन को मिलकर किया जाना चाहिए।"

अभियान के शुभारंभ के दौरान उन्होंने कहा, "यह 100 प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने हेतु केंद्र सरकार, स्थानीय सरकार और सामुदायिक संस्थानों के तालमेल का प्रमाण है।"

जकार्ता के राज्यपाल अनीस बसवेदन ने भी इस पहल के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। संत उर्सुला स्कूल में उद्घाटन के मौके पर अनीस ने कहा, "हम सभी को धन्यवाद देते हैं।" उन्होंने कहा, "जकार्ता में घनी आबादी वाले इलाके हैं। मोबाइल टीकाकरण कारें रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकती हैं।"

एसवीएस समिति के प्रमुख एंजेला बसिरोएन ने कहा कि सेवा के लिए निर्धारित 8 वाहन जकार्ता के आसपास लोगों, विशेष रूप से 12-17 वर्ष की आयु के लोगों और कमजोर समुदायों का टीकाकरण करने के लिए जाएंगे।

उसने कहा, "हमारा लक्ष्य हाशिए पर रहनेवाला समुदाय है, लेकिन हम स्कूलों में भी जाते हैं। प्रत्येक कार टीकों की 100 से 200 खुराक ले जा सकती है। इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों के निवासियों तक पहुंचना है जहां कोविड-19 के मामले अधिक हैं और गरीब समुदाय हैं।"

सेवा हेतु उर्सुलाईन धर्मबहनों का आदर्शवाक्य

उर्सुलाइन बहनें, जो विशेष रूप से शिक्षा के लिए समर्पित हैं, 1856 में इंडोनेशिया पहुंचीं। "सर्वियम", दुनिया भर के सभी उर्सुलाइन स्कूलों का आदर्श वाक्य है, जो एक लैटिन शब्द है और इसका अर्थ है "मैं सेवा करूंगी"। यह सेंट एंजेला मेरीसी की शिक्षाओं से प्रेरित है, जिन्होंने 1535 में इटली में उर्सुलाइन ऑर्डर की स्थापना की थी।

"सर्वियम  टीकाकरण सेवा" टीकाकरण केंद्र का विस्तार है जो संत उर्सुला स्कूलों के छात्र और पूर्व छात्र हैं। जकार्ता में उर्सुला, थ्रेसिया और मारिया ने 20 मार्च को कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए देश की लड़ाई में सरकार की मदद करने के लिए शुरुआत की। स्वयंसेवक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी पहल में शामिल हुए। प्रारंभ में, सर्वियम टीकाकरण केंद्र 10 जून तक चालू होने वाला था।

इंडोनेशिया की महामारी उछाल

इंडोनेशिया ने बुधवार को 100,000 पुष्ट मौतों को पार कर लिया, डेल्टा वारियेंट के कारण देश गंभीर स्थिति से जूझ रहा है।

काथलिक कलीसिया द्वारा मदद

इंडोनेशिया में काथलिक कलीसिया वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई में मदद करने के तरीकों की तलाश कर रहा है, कई संस्थान मरीजों के इलाज या अलगाव के लिए अपनी कुछ सुविधाएं दे रहे हैं और उन लोगों तक पहुंच रहे हैं जो बंदी के प्रभाव से प्रभावित हैं।

जकार्ता महाधर्मप्रांत ने अपने समादी प्रेरितिक केंद्र को एक आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया है। संत कैरोलस अस्पताल जिसका प्रबंधन चार्ल्स बोर्रोमो धर्मबहनों करती हैं और उस क्षेत्र में एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी इस सुविधा को चलाने में मदद कर रहे हैं।

05 August 2021, 14:56