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इटली का ओरोपा मरियम तीर्थ इटली का ओरोपा मरियम तीर्थ 

कार्डिनल रे: मसीह में नई शुरुआत कर, विश्वास के साक्षी बनें

ब्लैक मैडोना, इटली का ओरोपा मरियम तीर्थ, सन् 1620 से हर 100 साल में आयोजित होने वाला यह मरियम प्रतिष्ठापन अगस्त के आखिरी रविवार में होता है।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, रोमवार, 30 अगस्त 2021 (रेई) कार्डिनलमंडल के अध्यक्ष, कार्डिनल जोव्वनी बतिस्ता रे, ने रविवर को  ब्लैक मैडोना के पांचवें प्रतिष्ठापन पर्व के अवसर पर इटली के ओरोपा मरियम तीर्थ में ख्रीस्तीयाग की अगुवाई की।

इटली के उत्तरी पश्चिमी भाग में बियेल्ला आल्प्स का मरियम तीर्थ ओरोपा जो लगभग 1,200 मीटर की ऊंचाई पर है, ब्लैक मैडोना को समर्पित है। सदियों से निर्मित इसकी इमारतें अपने में राजसी हैं। यहाँ ब्लैक मैडोना के प्रतिष्ठापन का उत्सव सन् 1620 से लेकर, अगस्त महीने के आखिरी रविवार को हर 100 साल में मनाया जाता है। इस आयोजन पिछले साल 2020 में पांचवीं बार दोहराया जाना था, लेकिन महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया।

मान्यता और प्रतिबद्धता

मरियम की मूर्ति का प्रतिष्ठापन बियेल्ला के लोगों के विश्वास और इतिहास की एक गहरी निशानी है जिन्होंने 1599 के प्लेग से बचने हेतु मरियम के समक्ष एक अर्जी रखी थी। कार्डिनल रे ने अपने प्रवचन कहा,“यह ईश्वर की माता और हमारी माता के बीच पुत्रत्व सच्चे स्नेह की अभिव्यक्ति है,  जिनके हाथों में हम अपने को, पहले की तरह ही नवीन और गहन विश्वास के साथ अर्पित करते हैं।” मरियम प्रतिष्ठापन  का यह दिन हम प्रत्येक के जीवन में “एक नवीनता” लाने की चाह को अभिव्यक्त करता है, जहाँ हम “ईश्वर को प्रथम स्थान” देने और उनकी “मातृत्व की छत्रछाया में ईश्वर के दस आज्ञाओं” के अनुरूप चलने को प्रतिबद्ध होते हैं।

मरियम को समर्पित हों

बियेल्ला को लोगों की चार शताब्दीय हृदय आकांशा की याद दिलाते हुए कार्डिनल रे ने विश्वासियों का आह्वान किया कि वे ईश्वर की माता के निकट आते हुए अपने लिए साहसपूर्ण सहायता की मांग करें। इसके लिए हम एक नये सिरे से शुरू करने की आवश्यकता है जिससे हम वर्तमान समय की मुसीबतों का सामना कर सकें जो हमें घेरे रहती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल तब संभव है जब हम ख्रीस्तियों के रूप में गहरे विश्वास में बने रहते और विश्वास का साक्ष्य देते हैं। एक वास्तविक आध्यात्मिक नवीनीकरण की शुरुआत हमें “भातृत्व, एकजुटता और पारस्परिक सहायता में वृद्धि” की ओर ले जाती है।

मरियम- मातृत्व का उद्गम क्रूस के नीचे

धर्मविधि हेतु निर्धारित सुसमाचार पाठ के आधार पर कार्डिनल रे ने इस तथ्य पर जोर दिया कि येसु शिष्य योहन के हाथों में माता मरियम को सुपूर्द करने के पूर्व उन्होंने अपनी माता को शिष्य को सौंप दिया। यह हमें इस बात को स्पष्ट कराता है कि वे अपनी माता हेतु नहीं वरन मानवता हेतु अपने प्राणों की आहूति देते हैं जिसे एक माता की सुरक्षा की जरूरत है। “भद्रे यह आप का पुत्र है” अपने इन वचनों के द्वारा वे कुंवारी माता को एक नई मातृत्व प्रदान करते हैं। “अपनी माँ के हृदय को प्रेम हेतु खोलना जो सभी नर और नारियों को गले लगाता है।” इसलिए मसीह ने “हमें स्वयं को परमप्रसाद में” और मरियम को हमारी माँ के रूप में दिया है।”

मरियम की प्रेरिताई

मरियम के प्रति हमारी सच्ची भक्ति, कार्डिनल रे कहा कि हमें येसु ख्रीस्त की ओर ले जाती है, “जहाँ से हमारे लिए हर उपहार और महानता आती है।” इसलिए माता मरियम का प्रेरिताई कार्य “येसु को सारी मानवता के लिए देना और हर नर तथा नारी को ईश्वर की ओर ले जाना है।”

विश्वास में सुसमाचार के मार्गों पर चलना

कुँवारी मरियम की मध्यस्थता हमें सुसमाचार के मार्ग पर चलने को सक्षम बनाती है, “जहाँ हम आपने लिए ईश्वरीय इच्छा की खोज करते हैं” जो हमें शांति प्रदान करती है। कार्डिनल रे ने जोर देते हुए कहा कि ओरोपा का तीर्थस्थल मेल-मिलाप का एक स्थान है जहाँ असंख्य लोग पापस्वीकार संस्कार ग्रहण करते हैं।

 

30 August 2021, 16:14