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पृथ्वी की पुकार पृथ्वी की पुकार 

ऑस्ट्रेलियाई धर्माध्यक्षों द्वारा पृथ्वी व गरीबों की पुकार पर का

ऑस्ट्रेलिया के काथलिक धर्माध्यक्षों ने एक अधिक सुदृढ़ कलीसिया के निर्माण हेतु ऐतिहासिक प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने सामाजिक न्याय पर एक वार्षिक घोषणा जारी की है जिसका शीर्षक है, "पृथ्वी की पुकार, गरीब की पुकार।"

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

ऑस्ट्रेलिया, बृहस्पतिवार, 5 अगस्त 2021 (वीएनएस)- ऑस्ट्रेलिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सदस्य, सात "लौदातो सी लक्ष्यों" की सात साल की यात्रा शुरू कर रहे हैं। सम्मेलन के सामाजिक न्याय, मिशन और सेवा विभाग के अध्यक्ष मोनसिन्योर भिन्सेंट लोंग ने कहा, "हम एक पारिस्थितिक संकट का सामना कर रहे हैं तथा पोप फ्रांसिस चाहते हैं कि पूरी कलीसिया अधिक  तात्कालिकता की भावना से कार्य करे। ऑस्ट्रेलिया में उत्साही लोग, धर्मसमाजी संस्थाएँ, स्कूल और संगठन लम्बे समय से इस पारिस्थितिक मुद्दे पर कार्य कर रहे हैं, हम उन्हें धन्यवाद देते हैं और समस्त काथलिक कलीसिया से आग्रह करते हैं कि वे इसमें भाग लें।

धर्माध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी और टोरेस जलडमरूमध्य द्वीप के निवासियों ने पृथ्वी की देखभाल बहुत पहले से की है। बाकी हम सभी लोगों को सुनना और सीखना है कि हम सृष्टि की देखभाल हेतु किस तरह एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।  

घोषणा के अनुसार "लौदातो सी लक्ष्य" का उद्देश्य है संत पापा फ्रांसिस के 2015 में प्रकाशित विश्व पत्र का पालन करते हुए विश्वभर के समुदायों को अभिन्न पारिस्थितिकी की भावना से भरना।" अतः धर्माध्यक्षों ने काथलिकों को दुनिया में ईश्वरीय उपस्थिति को पहचानने और आश्चर्य एवं विस्मय के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए "सृष्टि की पवित्रता की खोज" करने का निमंत्रण दिया है; उन्होंने "व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से, जीवन के एक नए तरीके में व्यक्त गहन बदलाव" का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा है कि "हम नये तरह से सोचने, अनुभव करने, समझने और जीने के लिए बुलाये गये हैं। मेरी आशा है कि "पृथ्वी की पुकार, गरीबों की पुकार" ख्रीस्तीयों को  पृथ्वी एवं गरीबों की पुकार हेतु अधिक गहरे और प्रभावशाली प्रत्युत्तर के लिए प्रोत्साहित करेगा।     

विज्ञप्ति में परिवार, स्कूल, पल्ली, धर्मप्रांत और संगठनों से अपील की गई है कि वे धर्माध्यक्षों के साथ लौदातो सी कार्य-मंच में भाग लें। यह मंच, समग्र मानव विकास हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद की पहल है जो प्रतिभागियों को उनकी यात्रा में सहयोग देने के लिए विश्व भर से सुझाव एकत्रित करेगा। 

05 August 2021, 15:38