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येसु संघ का शरणर्थी प्रेरित कार्य लोगो येसु संघ का शरणर्थी प्रेरित कार्य लोगो 

सिडनी में बेघर प्रवासियों की तादाद

कोविड- 19 के कारण दुनिया भर के लोगों के जन जीवन में गिरावट आयी है।

दिलीप संजय  एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 9 अगस्त 2021 (रेई) 2020 की कोविड महामारी में सिडनी, अस्टेलिया में प्रवासन की खोज करने वालों की आर्थिक स्थिति में गिरावट और आश्रयहीन लोगों की संख्या में बृहृद बढ़ोतरी हुई है। यह जेसुइट रिफ्यूजी द्वारा किए गए एक शोध से सामने आया है।

सौ से अधिक किये गये साक्षात्कारों में यह उभऱ कर आया कि शरण चाहने वालों में से 55 प्रतिशत लोगों को देश में आने पर, आवासीय आपातकाल से निपटना पड़ा, 9 प्रतिशत लोगों को बाहर, अपनी कार में या एक अस्थायी घर में सोना पड़ा,  जबकि 14 प्रतिशत को आपातकालीन आवास में आश्रय मिला। पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता एलिजाबेथ कॉनरॉय बताती हैं कि पारंपरिक आबादी की तुलना में शरण मांगने वाले लोगों के लिए बेघर होने के अनुभव कितने अधिक व्यापक हैं”।

वे कहती है कि "छिपी हुई आश्रय़हीन घटना और शरण चाहने वालों की गरीबी”  दो समस्याएं हैं जिनके संबंध में हमें “सार्वजनिक नीतियों” पर विचार करने की आवश्यकता है। शोध यह भी संकेत देता है कि कोविड-19 महामारी ने शरण चाहने वालों की “वित्तीय स्थिति और आवास स्थिरता” को प्रभावित किया है।

"लगभग एक तिहाई उत्तरदाताओं ने कहा कि 2019 में पहले से ही किराए (36 प्रतिशत) और बिजली तथा गैस बिल (34 प्रतिशत) के भुगतान में कठिनाई हुई थी, जो "महामारी के समय तीन महीनों में 45 प्रतिशत" को छू गई। “ये आंकड़े - जेआरएस ऑस्ट्रेलिया के एक सदस्य निषाद रेगो प्रस्तुत करते हैं – उन्हें कहा कि सिडनी में शरण चाहने वालों की एक बड़ी संख्या गरीबी रेखा में रहती थी और स्वास्थ्य आपातकाल की शुरुआत से पहले भी उनके सिर पर छत नहीं था”। उन्होंने कहा, “यह दर्शाता है कि हाल के महीनों में मेज पर भोजन रखने, किराए का भुगतान करने और दवाएँ खरीदने में और भी कठिनाइयाँ आ गई हैं”।

अतः ऑस्ट्रेलियाई सरकार को जेआरएस ने इस बात हेतु आग्रह किया है कि वे देश में सुरक्षा चाहने वालों को आर्थिक सहायता प्रदान क्योंकि वे अपने लिए सुरक्षित और स्थायी नौकरी नहीं पा सकते हैं"।

09 August 2021, 15:50