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फादर स्टेन स्वामी का अंतिम संस्कार मिस्सा, मुख्य याजक मुम्बई प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर अरुण डीसूजा, फा. जो जेवियर और फा. फ्रेजर मस्करेंहास फादर स्टेन स्वामी का अंतिम संस्कार मिस्सा, मुख्य याजक मुम्बई प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर अरुण डीसूजा, फा. जो जेवियर और फा. फ्रेजर मस्करेंहास 

भारत के येसु समाजियों ने फादर स्टेन को अंतिम विदाई दी

मुंबई में मंगलवार दोपहर फादर को विदाई देने के लिए एक अंतिम संस्कार मिस्सा समारोह मनाया गया। 84 वर्षीय भारतीय जेसुइट पुरोहित स्टेन स्वामी, जिनकी पिछले दिन एक अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मुंबई, बुधवार 7 जुलाई 2021 (वाटिकन न्यूज) : फादर स्टेन स्वामी की अंतिम विदाई का मिस्सा समारोह को सेंट पीटर गिरजाघर, बांद्रा से लाइव स्ट्रीम किया गया था, जिसमें केवल 20 लोग कोविड -19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए उपस्थित थे। हालांकि, विदेशों सहित पूरे देश में हजारों लोगों ने इसे ऑनलाइन देखा।

पूर्वी भारत के झारखंड राज्य में आदिवासियों, दलितों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए काम करने वाले फादर स्टेन का सोमवार, 5 जुलाई को मुंबई के होली फामिली अस्पताल में निधन हो गया। उनका वहां कोविड-19 के लिए इलाज किया जा रहा था, वे मुंबई तलोजा सेंट्रल जेल में सलाखों के पीछे संक्रमित हुए थे।

मंगलवार को फादर स्टेन के अंतिम समारोही मिस्सा के मुखअय याजक बॉम्बे जेसुइट प्रोंविंस के प्रोविंशियल फादर अरुण डी सूजा थे। वेदी पर उनके साथ फादर जो. जेवियर शामिल हुए, जिन्होंने फादर की गिरफ्तारी के बाद कानूनी मुद्दों की व्यवस्था करने में मदद की थी। वेदी पर फादर फ्रेज़र मस्कारेनहास भी थे, जिन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट ने अस्पताल में स्टेन के परिचारक के रूप में नियुक्त किया था। जमशेदपुर जेसुइट प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर जैरी कुटिन्हा, जहां से फादर स्टेन थे, और दक्षिण एशिया के जेसुइट सम्मेलन के अध्यक्ष फादर स्टैनी डिसूजा, अंतिम संस्कार में उपस्थित होने में असमर्थ थे, लेकिन वे ऑनलाइन जुड़े हुए थे और वीडियो लिंक के माध्यम से अपना संदेश दिया।

गरीबों की पुकार सुनने वाले

फादर अरुण ने कहा कि येसु मसीह फादर स्टेन का स्वागत करते हुए कहते हैं, "मेरी तरह ही, आपने गरीबों, शोषितों, हाशिए पर पड़े लोगों की पुकार सुनी है, जिसे बाइबल 'अनाविम' कहती है।" "और मेरी तरह, आपको कीमत चुकानी पड़ी और दुनिया की शक्ति के द्वारा क्रूस पर चढ़ाया गया।" मिस्सा का पाठ संत योहन सुसमाचार से लिया गया था, जहां यीशु को कोड़े लगाने के बाद, पिलातुस द्वारा सूली पर चढ़ाए जाने के लिए सौंप दिया गया था, जो फादर स्टेन के जीवन में एक समानांतर था। हालांकि, फादर अरुण ने कहा, फादर स्टेन का काम व्यर्थ नहीं गया है, क्योंकि "प्रेम की शक्ति आज भी हमारी दुनिया में काम करती रहेगी"। "दुनिया एक बेहतर जगह होगी जो फादर स्टेन ने किया है।"

न्याय और सुलह का मिशन

अपने संदेश में फादर जैरी कुटिन्हा ने कहा कि फादर स्टेन अच्छे चरवाहे के मार्ग पर चले, गरीबों के साथ रहे और उन्हें गरिमा और सम्मान के साथ जीवन की पूर्णता देने की कोशिश की। लेकिन 84 वर्षीय जेसुइट दुस्साहसी थे और उन लोगों के खिलाफ खड़े हुए जो गरीबों और आवाजहीनों के खिलाफ थे, चाहे कलीसिया, राजनीति या कॉर्पोरेट शक्तियां।

फादर जेरी ने कहा कि फादर स्टेन 64 साल तक जेसुइट और 51 साल तक पुरोहित रहे। उन्हें एक "शहरी नक्सली" के रूप में नाम दिया गया था, जो एक हिंसक उग्रवादी विद्रोही समूह का सदस्य था, जो भूमिहीन किसानों, मजदूरों के अधिकारों और स्वदेशी समुदायों के भूमि अधिकारों के लिए लड़ने वाले आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था। इसके विपरीत  फादर स्टेन लोयोला के इग्नासियुस का एक सच्चा पुत्र था, जो बिना किसी कीमत के खुद को दे रहा था, घावों पर ध्यान दिए बिना दे रहा था, बिना आराम किए मेहनत कर रहा था और इनाम की तलाश के बिना श्रम कर रहा था। “फादर स्टेन की शहादत हमें और पूरे देश को न्याय और सुलह के मिशन में फादर स्टेन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए खुद को फिर से प्रतिबद्ध करने के लिए प्रेरित करती हैं और चुनौती देती है।" फादर जैरी ने आग्रह किया।

भला चारवाहा

वीडियो लिंक के माध्यम से पवितर मिस्सा के दौरान बोलते हुए, दक्षिण एशिया के जेसुइट सम्मेलन के अध्यक्ष फादर स्टेनी डिसूजा ने फादर स्टेन को भले चरवाहे का सच्चा अनुयायी के रुप में देखा। जो प्रत्येक भेड़ को नाम और उनके दर्द, दुखों और आकांक्षाओं से जानता है। फादर स्टेन सामने खड़ा था और अपनी भेड़ों को लुटेरों और चोरों से बचा रहा था। उन्होंने उन्हें हरी-भरी चरागाहें और बहता पानी मुहैया कराया और इसमें सबसे कमजोर और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए उनकी विशेष प्राथमिकता थी। जैसा कि संत पापा फ्राँसिस कहते हैं, "उन्होंने खुद को पूरी तरह से गरीबों और हाशिए के लोगों के साथ रखा और भेड़ की गंध को सहन किया।"

फादर स्टैनी ने कहा कि उन्होंने एक साहसी, प्रतिबद्ध और दयालु बड़े भाई को खो दिया है जिन्होंने येसु समाजियों के सुलह और न्याय के मिशन में निस्वार्थ भाव से काम किया। उन्होंने कहा, "फादर स्टेन मर नहीं सकते।" "वे गरीबों के जीवन में, न्याय और शांति के संघर्ष में उठेंगे और वे अपना काम करने के लिए विवेक और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की एक पीढ़ी को खड़ा करेंगे।"

07 July 2021, 15:21