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मानव तस्करी के शिकार लोगों की देखभाल मानव तस्करी के शिकार लोगों की देखभाल 

तालिथा कुम ˸ मानव तस्करी के चक्र को तोड़ने के लिए एक देखभाल केंद्रित मॉडल

मानव तस्करी के खिलाफ वैश्विक नेटवर्क तालिथा कुम ने मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस के अवसर पर 30 जुलाई को, मानव तस्करी के खिलाफ चिंता अभियान में भाग लेने हेतु विभिन्न नेटवर्कों, साझेदारों एवं मित्रों का आह्वान किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

रोम, बृहस्पतिवार, 22 जुलाई 21 (वीएनएस)- धर्मसंघों की परमाधिकारिणियों के संघ यूआईएसजी द्वारा 2009 में स्थापित तालिथा कुम एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो 90 देशों में 50 नेटवर्कों द्वारा संचालित है। 2020 में तालिथा कुम ने विश्व स्तर पर मानव तस्करी से बचाये गये 17,000 पीड़ितों की मदद की, उन्हें सुरक्षित आवास, शिक्षा, नौकरी की अवसर, न्यायिक समर्थन, क्षतिपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल एवं मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही 1,70,000 लोगों को तालिथा कुम के द्वारा जागृति अभियान का लाभ मिला।  

देखभाल की एक यात्रा

मानव तस्करी के खिलाफ चिंता के अभियान का उद्देश्य है यह दिखलाना कि बीमार, बचे हुए लोगों तथा इसके शिकार लोगों की देखभाल मानव तस्करी से निपटने की यात्रा के हर कदम में अंतर ला सकता है। इसी अनुभव के आधार पर काथलिक धर्मबहनें जानती हैं कि दीर्घकालिक देखभाल-केंद्रित दृष्टिकोण, बचाये गये लोगों की पुन: तस्करी और बार-बार शोषण की जोखिम को कम कर सकता है।

हालांकि, वे कहती हैं कि इन दृष्टिकोणों को संस्थागत स्तर पर समग्र समर्थन की आवश्यकता होती है – जिन्हें धर्मबहनें अकेले प्रदान नहीं कर सकतीं।

तालिथा कुम की अंतरराष्ट्रीय संयोजिका सिस्टर गाब्रिएला बोत्तनी सीएमएस ने कहा, "हम सभी भली इच्छा रखनेवाले लोगों का आह्वान करती हैं कि हम एक साथ आयें तथा मानव तस्करी के प्रणालीगत कारणों का सामना करें ताकि तस्करी को देखभाल में बदला जा सके, खासकर, हम सरकारों से अपील करती हैं कि वे बचाये गये लोगों को दीर्घकालीन समर्थन प्रदान करें, विशेषकर, उन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्ति, काम के लिए अनुमति, नौकरी के अवसर, न्यायिक सुविधा, क्षतिपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल एवं मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान करें।   

धर्मबहनों की शक्ति

अपने आध्यात्मिक समर्पण से ऊर्जा प्राप्त कर तालिथा कुम की धर्मबहनों ने केवल मानव तस्करी के जाल से छुड़ाने, रास्ता पाने एवं स्वतंत्रता और प्रतिष्ठा के साथ नया जीवन पुनः शुरू करने हेतु लाखों लोगों की मदद की हैं।

यूआईएसजी की कार्यकारी सचिव सिस्टर पत्रिसिया मूर्री ने कहा, "तालिथा कुम न केवल विश्व के कमजोर और हाशिये पर जीवन यापन करनेवाले लोगों को सशक्त करने के लिए है बल्कि उन प्रणालियों को भी नष्ट करने के लिए है जो उनके उत्पीड़न और शोषण को बल प्रदान करती हैं।"

22 July 2021, 15:19