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1 जुलाई को लेबनान के ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं के साथ प्रार्थना करते संत पापा फ्रांसिस 1 जुलाई को लेबनान के ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं के साथ प्रार्थना करते संत पापा फ्रांसिस  (AFP or licensors)

लेबनान के सुधार के रास्ते पर संयुक्त प्रयास की आवश्यकता, अराम प्रथम

वाटिकन न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में अर्मेनियाई लोगों के सिलिसिया के कैथोलिकोस अराम प्रथम ने लेबनान में भयावह स्थिति एवं 1 जुलाई को देश में शांति हेतु आयोजित एक दिवसीय प्रार्थना एवं चिंतन के महत्व पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

पोप फ्रांसिस एवं लेबनान के ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं ने 1 जुलाई को वाटिकन में आयोजित एक दिवसीय प्रार्थना एवं चिंतन दिवस में भाग लिया। इस दिवस का आयोजन देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए शांति एवं स्थिरता के वरदान की याचना करने हेतु की गई थी।

प्रार्थना दिवस में भाग लेने वाले ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं में से एक थे अर्मेनियाई लोगों के सिलिसिया के कैथोलिकोस अराम प्रथम। उन्होंने वाटिकन न्यूज से बातें करते हुए लेबनान की वर्तमान स्थित एवं ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता पर चर्चा की।  

एक ऐतिहासिक घटना

कैथोलिकोस ने कहा, "लेबनान के ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं की वाटिकन में सभा मेरे विचार से एक ऐतिहासिक घटना है, राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि ख्रीस्तीय-मुस्लिम सहअस्तित्व के दृष्टिकोण से।"

उन्होंने बतलाया कि ख्रीस्तीय धर्मगुरू संत पापा को बिना किसी भेदभाव के लेबनान के लोगों के दुःख, पीड़ा, उम्मीद और आकांक्षाओं के बारे सुनाने आये थे, चूँकि देश को ख्रीस्तीय–मुस्लिम सहअस्तित्व के बिना नहीं समझा जा सकता जो लेबनान के मूल एवं पहचान के आधार हैं।

सभा "लेबनान को अपने वर्तमान स्थिर, अराजक स्थिति से नए क्षितिज की ओर ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम था।"

"सुधार" के रास्ते पर

लेबनान अपने लोगों पर गंभीर परिणामों के साथ एक बढ़ते आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश का संकट, जो 2019 के अंत में तेज हुआ, दशकों के भ्रष्टाचार और गृहयुद्ध के बाद राजनीतिक वर्ग द्वारा कुप्रबंधन के कारण बढ़ा है, जिसने कर्ज जमा किया और स्थानीय उद्योगों को बहुत कम प्रोत्साहित किया था।

देश की गिरी हुए आर्थिक स्थिति के सामने कैथोलिकोस ने गौर किया कि सभा में वर्तमान स्थिति के बड़े आयामों को प्रस्तुत किया गया, ताकि सुधार की प्रक्रिया में एक साथ आगे बढ़ा जा सके।

उन्होंने कहा, "लेबनान बीमार है, यह बुरी तरह बीमार है इसलिए लेबनान को सुधार की जरूरत है।"

इस सुधार को प्राप्त करने के ठोस कदम का प्रस्ताव रखते हुए कैथोलिकोस ने नई सरकार के प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया जो लोगों की जरूरतों और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्राथमिकता के रूप में, सामाजिक आर्थिक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगी।

पोप का सामीप्य

कैथोलिकोस ने लेबनान की इस विकट परिस्थिति में लोगों के प्रति पोप फ्रांसिस के सामीप्य की सराहना की तथा कहा कि वाटिकन में यह सभा "एकात्मता एवं समर्थन की एक ठोस अभिव्यक्ति थी।"

उन्होंने कहा कि वाटिकन अपने नैतिक अधिकार द्वारा लेबनान के समर्थन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हुए, लेबनान के गंभीर महत्व और नई सरकार बनाने की अत्याधिक आवश्यकता के बारे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को याद दिला सकता है।  

इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि संत पापा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय एवं लेबनान के राजनीतिक नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे लोगों की जरूरतों को अनदेखा न करें।

कैथोलिकोस के अनुसार संत पापा के संदेश एवं सभा को संक्षेप में, इस प्रकार कहा जा सकता है ˸ लोग पीड़ित हैं अतः किसी न किसी तरह से आपको कार्य करना ही होगा, यही समय है जब हमें कदम उठाना है।"

उन्होंने सभी ख्रीस्तियों, मुस्लमानों, राजनीतिक एवं समुदाय के नेताओं को निमंत्रण दिया है कि वे एक साथ लेबनान के सुधार के लिए कार्य करें।

03 July 2021, 14:42