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लेबनान के बैरूथ में सरकार विरोधी प्रदर्शन, तस्वीरः 24.06.2021 लेबनान के बैरूथ में सरकार विरोधी प्रदर्शन, तस्वीरः 24.06.2021  (ANSA)

लेबनान हेतु सन्त पापा की अपील को अमरीकी धर्माध्यक्षों का समर्थन

मध्यपूर्व के देशों में बिगड़ती आर्थिक एवं राजनैतिक स्थिति की पृष्ठभूमि में लेबनान के लिये की गई सन्त पापा फ्राँसिस की अपील का अमरीका के धर्माध्यक्षों ने समर्थन किया है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 25 जून 2021 (वाटिकन न्यूज़): मध्यपूर्व के देशों में बिगड़ती आर्थिक एवं राजनैतिक स्थिति की पृष्ठभूमि में लेबनान के लिये की गई सन्त पापा फ्राँसिस की अपील का अमरीका के धर्माध्यक्षों ने समर्थन किया है।

वाटिकन में पहली जुलाई को सन्त पापा लेबनान के ख्रीस्तीय नेताओं से मुलाकात कर उनके साथ विशिष्ट प्रार्थना एवं चिन्तन दिवस मनायेंगे। इसका उद्देश्य स्पष्ट करते हुए सन्त पापा ने कहा है कि लेबनान में व्याप्त चिन्ताजनक स्थिति हेतु समाधान खोजने तथा एकसाथ मिलकर देश में शांति एवं स्थायित्व के लिये प्रार्थना करने का यह सुअवसर होगा।

सन्त पापा फ्राँसिस की इस पहल तथा लेबनान के लोगों के लिये की गई उनकी अपील को अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षों ने समर्थन दिया है।  

अनुग्रह, दया, दिशा का क्षण

अमरीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की न्याय एवं शांति सम्बन्धी समिति के अध्यक्ष रॉकफोर्ड के  धर्माध्यक्ष डेविड मालोय ने इस सिलसिले में सोमवार को एक वकतव्य प्रकाशित किया। उन्होंने कहा कि लेबनान, "दीर्घ काल से मध्यपूर्व और विश्व के लिए एक उदाहरण रहा है" और इस समय लेबनान के लोग "कठिन दौर" का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने सभी से "प्रार्थना करने का आह्वान किया ताकि पहली जुलाई को सन्त पापा फ्राँसिस के साथ लेबनान के ईसाई नेताओं की बैठक ईश्वरीय कृपा, दया और मार्गदर्शन का सुअवसर सिद्ध हो।"

धर्माध्यक्ष मालोय ने अमरीका के समस्त काथलिक धर्मानुयायियों से भी अनुरोध किया कि वे लेबनान में सेवारत काथलिक नियर ईस्ट वेलफेर असोसिएशन, कारितास लेबनान, काथलिक राहत सेवा और एड टू द चर्च इन नीड जैसी काथलिक राहत एजन्सियों को समर्थन प्रदान करें।

अन्तरराष्ट्रीय सहायता की ज़रूरत

लेबनान के लोगों के लिये सन्त पापा फ्राँसिस की उत्कंठा के प्रति ध्यान आकर्षित कराते हुए, अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षों ने, क्रिसमस 2020 को लेबनान के लोगों को प्रेषित उनके पत्र का स्मरण दिलाया। इसमें सन्त पापा ने लिखा था कि लेबनान "सम्पूर्ण विश्व में आपसी सम्मान, सह-अस्तित्व और बहुलवाद की मीठी सुगंध ला सकता है।"

सन्त पापा ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का भी आह्वान किया था कि वह लेबनान को उसके राजनैतिक एवं आर्थिक संकट से बाहर निकलने में मदद प्रदान करे।

संकट का दौर

लम्बे समय से लेबनान आर्थिक एवं राजनातिक संकट से गुज़र रहा है, जिसमें राजनेता नई सरकार के गठन को लेकर उलझे हुए हैं। आर्थिक मोर्चे पर, वित्तिय मन्दी और महामारी के लॉकडाऊन के कारण लेबनानी पाउंड में तीव्र अवमूल्यन देखा गया है। पिछले 18 महीनों में अनौपचारिक बाज़ार में लेबनानी मुद्रा ने अपने मूल्य का लगभग 90 प्रतिशत खो दिया है और इस संकट ने विरोध की कई लहरों को प्रश्रय दिया है।  

 

25 June 2021, 11:22