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धर्मसभा यात्रा पर जर्मनी की कलीसिया धर्मसभा यात्रा पर जर्मनी की कलीसिया 

न्यूजीलैंड: धर्मसभा यात्रा पर मांगे गए काथलिकों के विचार

न्यूज़ीलैंड के धर्माध्यक्षों का कहना है कि जैसे-जैसे धर्मसभा यात्रा आगे बढ़ेगी, प्रत्येक काथलिक का विचार सुना जाएगा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वेलिंगटन (न्यूजीलैंड), शनिवार 5 जून 2021 (वाटिकन न्यूज) : इस वर्ष अक्टूबर में, संत पापा फ्राँसिस तीन वर्षों की धर्मसभा यात्रा की शुरुआत करेंगे, जिसमें तीन चरण (प्रांतीय, महाद्वीपीय, वैश्विक) के परामर्श और आत्मचिंतन होंगे।

संत पापा ने दुनिया भर के सभी काथलिक धर्मप्रांतों से कहा है कि वे 17 अक्टूबर से पल्लीवासियों के साथ परामर्श शुरू करें ताकि स्थानीय स्तर के विचार प्राप्त किए जा सकें जिसे धर्माध्यक्ष 2023 में रोम में होने वाली सोलहवीं धर्माध्यक्षीय धर्मसभा में ले जाएंगे।

काथलिक विश्वासियों के विचार

इस बात को ध्यान में रखते हुए, न्यूजीलैंड प्रत्येक काथलिक के विचारों को जानने के लिए धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की तैयारी कर रहा है।

न्यूजीलैंड काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (एनजेडसीबीसी) के अध्यक्ष कार्डिनल जॉन ड्यू ने एक बयान में कहा कि देश के छह धर्मप्रांतों में से प्रत्येक को धर्मसभा में विचार किए जाने वाले मामलों के बारे में पल्लीवासियों से परामर्श करने के लिए कहा गया है।

वेलिंगटन के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ड्यू ने कहा, "संत पापा सभी बपतिस्मा प्राप्त काथलिकों के विचार सुनना चाहते हैं। उनका मानना ​​है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में लोकधर्मियों की व्यापक भागीदारी का समय आ गया है जो पूरी कलीसिया और सभी को प्रभावित करता है।"

परामर्श के बाद

कार्डिनल ने कहा कि प्रत्येक धर्माध्यक्ष अपने धर्मप्रांत में परामर्श का नेतृत्व करने के लिए प्रतिनिधियों को नियुक्त करेंगे। "उस परामर्श के बाद, न्यूज़ीलैंड के धर्माध्यक्ष अगले वर्ष की शुरुआत में मिलेंगे और प्रतिनिधियों से स्थानीय विश्वासियों द्वारा पवित्र आत्मा से प्रेरित विचारों को सुनेंगे।" बैठक के बाद, धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ओशिनिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ के लिए एक रिपोर्ट तैयार करेगा।

इसी तरह विश्व भर के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ दस्तावेजों का मसौदा तैयार करेंगे जो रोम में धर्माध्यक्षीय धर्मसभा कार्यालय में धर्मसभा के कामकाजी दस्तावेज को तैयार करने में मदद करने के लिए भेजे जाएंगे।

धर्मसभा अतीत और भविष्य

बयान में कहा गया है कि "धर्माध्यक्षों के धर्मसभा की नियमित सभाएं रोम में आयोजित की जाती रही हैं। संत पापा पॉल छठे  ने 1965 में दूसरी वाटिकन महासभी के बाद इसे बनाया था।"

सबसे हालिया नियमित महासभा 2018 में हुई, जिसका विषय था, ‘युवा, विश्वास और बुलाहटीय समझ’। इस महासभा ने प्रेरितिक विश्वपत्र ‘क्रिस्टुस विविट’ का निर्माण किया। इसके बाद 2019 में विशेष अमेज़ॅन असेंबली हुई, जिसके परिणामस्वरूप विश्वपत्र ‘क्वेरिडा अमाज़ोनिया’ प्रकाशित हुआ।

अगली नियमित सभा अक्टूबर 2023 के लिए निर्धारित है, जिसका शीर्षक है, ‘धर्मसभा कलीसिया के लिए:समन्वय, भागीदारी और मिशन’

कार्डिनल ड्यू ने कहा, "संत पापा फ्राँसिस ने अक्सर धर्माध्यक्षों, पुरोहितों और लोकधर्मायों को कलीसिया के साझा मिशन में साथ चलने का आह्वान किया है।" "उनका मानना ​​है कि ईश्वर के लोगों को सुनना अनिवार्य है, जिसका अर्थ है कि उन्हें सुनने के लिए स्थानीय कलीसियाओं में जाना।"

कार्डिनल ड्यू ने कहा कि परामर्श के विवरण - जिन मामलों पर चर्चा की जानी है - जैसे ही रोम में हो रहे धर्माध्यक्षीय धर्मसभा में उनकी घोषणा की जाएगी, उन्हें धर्मप्रांतों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

05 June 2021, 13:48