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लेसबोस में संत पापा प्रवासियों से मिलते हुए लेसबोस में संत पापा प्रवासियों से मिलते हुए 

मानवीय गलियारे की बदौलत इटली में 24 शरणार्थियों का स्वागत

कारितास इतालियाना द्वारा इतालवी धर्माध्यक्षों के साथ आयोजित मानवीय गलियारे की बदौलत बुधवार को 24 प्रवासियों के रोम पहुंचने की उम्मीद है।

माग्रेट सुनीता मिंज- वाटिकन सिटी

रोम, बुधवार 23 जून 2021 (वाटिकन न्यूज) : नाइजर के 24 शरणार्थी, जो लीबिया के डटेंशन सेंटर में रह चुके हैं, 23 जून को रोम के फ्यूमिचिनो हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। कारितास इतालियाना, इतालवी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन और यूएनएचसीआर द्वारा आयोजित एक मानवीय गलियारे के माध्यम से पिछले वर्षों में कई शरणार्थियों को आगमन हआ है। ये शरणार्थी देश के विभिन्न धर्मप्रांतों में अपने दैनिक जीवन चर्या की शुरुआत करने का प्रयास करेंगे।

मानवीय गलियारे

एक प्रेस विज्ञप्ति में, कारितास इटालियाना बताते हैं कि मानवीय गलियारे इटली के लिए एक तीसरे देश से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता वाले लोगों के सुरक्षित और कानूनी हस्तांतरण की अनुमति देते हैं। वास्तव में, इतालवी सरकार के साथ स्थापित प्रोटोकॉल और काथलिक कलीसिया को दान किए गए 8×1000 के फंड के साथ-साथ कारितास इटालियाना के माध्यम से परिवारों, पल्लियों, संघों और स्कूलों के समर्थन के लिए, हाल ही में इतालवी धर्माध्यक्ष वर्षों से मध्य पूर्व और अफ्रीका से मानवीय गलियारों, पुनर्वास और मानवीय निकासी को व्यवस्थित करने में सक्षम रहे हैं। शरणार्थी छोटे समूहों में यात्रा करते हैं और अब तक एक हजार से अधिक लोगों की मदद की जा चुकी है। पूरे देश में ख्रीस्तीय समुदायों द्वारा उनकी देखभाल की जाती है, ताकि एक बड़ी एकाग्रता से बचा जा सके और "स्वागत को अधिक टिकाऊ और सफल" बनाया जा सके।

संत पापा फ्राँसिस का समर्थन

संत पापा फ्राँसिस ने अक्सर उन सभी शरणार्थियों और प्रवासियों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है जो लीबिया के  निरोध केंद्रों (डिटेंशन सेंटरों) में फंसे हुए हैं। संत पापा ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मानवीय गलियारों की सुरक्षा के माध्यम से फंसे हुए लोगों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बीमारों को जल्द से जल्द निकालने में मदद करने के लिए कहा है। इटली ने फरवरी 2016 में मानवीय गलियारों के माध्यम से लीबिया में फंसे शरणार्थियों को लेना शुरू किया।

सही परिवर्तन की आवश्यकता

हालांकि कारितास इतालियाना के निदेशक फादर फ्राँचेस्को सोद्दू ने इस अवसर पर "रणनीति और संस्कृति के एक प्रामाणिक परिवर्तन" की आवश्यकता पर बात की, इस बात पर बल दिया कि कैसे "प्रवासी प्रवाह के विषय को अब आपातकालीन परिप्रेक्ष्य से संबोधित नहीं किया जा सकता है या यूरोप और भूमध्यसागरीय तक सीमित नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसे व्यापक ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।"  प्रेस विज्ञप्ति में कारितास ने याद किया कि कैसे 2021 में भूमध्य सागर में 800 से अधिक लोग समा चुके हैं और 13,000 से अधिक ऐसे हैं जिन्हें रोका गया और लीबिया वापस भेज दिया गया है।

23 June 2021, 15:13