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दादा-दादी दिवस हेतु पोप के संदेश का धर्माध्यक्षों ने किया स्वागत

आयरिश काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के विवाह एवं परिवार विभाग के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष डेनिस नल्टी ने दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए प्रथम विश्व दिवस हेतु संत पापा के संदेश का गर्मजोशी से स्वागत किया है तथा पल्लियों को प्रोत्साहन दिया है कि वे इस अवसर को मनायें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

आयरलैंड, बृहस्पतिवार, 24 जून 2021 (वीएनएस)- दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए विश्व दिवस हेतु संत पापा के संदेश का स्वागत करते हुए धर्माध्यक्ष ने कहा कि इसमें पोप ने हमें स्मरण दिलाया है कि इस महामारी के समय में पूरी कलीसिया को, दादा-दादी और बुजूर्गों के करीब रहना है।

धर्माध्यक्ष डेनिस ने कहा, "एक समाज के रूप में हमने कई चुनौतियों के सामने उनकी आत्मसंयम और व्यावहारिकता से बहुत कुछ सीखा है।"

गुमनाम नायक

धर्माध्यक्ष डेनिस ने दादा-दादी एवं बुजूर्गों, जिसमें पुरोहित एवं धर्मबहनें भी शामिल हैं, "महामारी के गुमनाम नायक" कहा। दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए प्रथम विश्व दिवस को 25 जुलाई को मनाया जाएगा, जिसकी विषयवस्तु होगी, "मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ।" (मती. 28,20)

प्रोत्साहित करने का मिशन

धर्माध्यक्ष ने गौर किया कि अपने पूरे परमाध्यक्षीय काल में संत पापा फ्रांसिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे उनके उपहारों को महत्व दें।

उन्होंने कहा कि विश्व दिवस के लिए चुनी गई विषयवस्तु में पोप ने सामीप्य की प्रतिज्ञा पर प्रकाश डाला है जिसको पीढियाँ आपसे में बांटते हैं।

"न केवल हमारे युवा लोग बुजूर्गों के जीवन में उपस्थिति रहने के लिए बुलाये जाते हैं बल्कि दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए भी एक मिशन है कि वे युवाओं को विश्वास की यात्रा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन दें।"

वे सदा हमारे साथ हैं

संत पापा के संदेश की याद करते हुए किलदेर एवं लेग्हलिन के धर्माध्यक्षों ने भी गौर किया है कि संत पापा ने आश्वासन दिया है कि वे उन लोगों के करीब हैं जो पिछले महीनों में एकाकीपन महसूस किया, और कहा है कि अंधकारपूर्ण समय में भी प्रभु ने अपने दूत को भेजकर हमें सांत्वना प्रदान की तथा एहसास दिलाया कि वे सदा हमारे साथ हैं।

पल्लीवासियों को प्रोत्साहन

अपने संदेश के अंत में धर्माध्यक्ष नल्टी ने प्रकाश डाला कि "दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए विश्व दिवस को इस साल पहली बार मनाया जा रहा है जो संत पापा के प्रेरितिक प्रबोधन आमोरिस लेतित्सिया (प्रेम का आनन्द) की प्रकाशना के, पाँच साल पूरा होने के उपलक्ष्य में परिवार पर विशेष वर्ष का हिस्सा है।

धर्माध्यक्ष ने देश के हर धर्मप्रांत के पल्लियों को निमंत्रण दिया है कि वे दादा-दादी एवं बुजूर्गों के दिवस को मनायें और बुजूर्ग पुरोहितों एवं धर्मबहनों को भी न भूलें, जिन्होंने अपने परिवारों एवं समुदायों को समर्पित सेवा द्वारा अपना जीवन अर्पित किया है।

उन्होंने पल्लीवासियों को प्रोत्साहन दिया कि उनका स्थानीय नर्सिंग केर होम को भी इस वार्षिक समारोह में शामिल किया जाए।

 

24 June 2021, 15:19