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कार्डिनल राईनार्ड मार्क्स सन्त पापा फ्राँसिस के साथ वाटिकन में, फाईल तस्वीर कार्डिनल राईनार्ड मार्क्स सन्त पापा फ्राँसिस के साथ वाटिकन में, फाईल तस्वीर  (AFP or licensors)

इस्तीफे के इनकार के बाद कार्डिनल मार्क्स का प्रत्युत्तर

जर्मनी में म्यूनिक-फ्राईजिंग के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल राईनार्ड मार्क्स ने सन्त पापा फ्राँसिस द्वारा उनके इस्तीफे के इनकार के बाद दस जून को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सन्त पापा से कहा है कि आज्ञाकारिता के भाव में वे सन्त पापा का निर्णय स्वीकार करता हैं, जैसा कि उन्होंने उनसे प्रतिज्ञा की थी।"

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

म्यूनिक-फ्राईजिंग, शुक्रवार, 11 जून 2021 (रेई, वाटिकन रेडियो): जर्मनी में म्यूनिक-फ्राईजिंग के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल राईनार्ड मार्क्स ने सन्त पापा फ्राँसिस द्वारा उनके इस्तीफे के इनकार के बाद दस जून को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सन्त पापा से कहा है कि "सरलतापूर्वक अपनी दिनचर्या पर वापस लौट जाना न तो मेरे लिये और न ही महाधर्मप्रान्त के लिये हितकर होगा।"

ग़ौरतलब है कि म्यूनिक-फ्राईजिंग महाधर्मप्रान्त में अतीत के कुछेक पुरोहितों पर लगे यौन दुराचार के बाद कार्डिनल मार्क्स ने, विगत 21 मई को, सन्त पापा फ्राँसिस के समक्ष अपना त्याग पत्र प्रस्तुत कर दिया था जिसका बहिष्कार कर सन्त पापा ने कार्डिनल से पुनः अपने काम पर लौटने का आग्रह किया था। सन्त पापा का कहना था कि मुश्किलों के आगे किसी को भी झुकना नहीं चाहिये बल्कि मुश्किलों का सामना करना चाहिये।

कार्डिनल का उत्तर

सन्त पापा फ्राँसिस के पत्र के जवाब में कार्डिनल मार्क्स ने दस जून को उक्त विज्ञप्ति जारी की। इसमें कार्डिनल लिखते हैं, "सन्त पापा फ्राँसिस के तात्कालिक उत्तर ने मुझे आश्चर्यचकित कर दिया है, मैं इतनी जल्दी सन्त पापा के उत्तर की अपेक्षा नहीं कर रहा था और न ही इस फैसले की कि मुझे महाधर्मप्रान्त के कार्यभार को भी जारी रखना होगा। सन्त पापा के भाई सुलभ एवं विस्तृत उत्तर ने मेरा हृदयस्पर्श किया है, इसलिये आज्ञाकारिता के भाव में मैं उनका निर्णय स्वीकार करता हूँ, जैसा कि मैंने उनसे प्रतिज्ञा की थी।"

 

महान चुनौती

कार्डिनल ने आगे लिखा, "हालांकि, मेरे लिये तथा म्यूनिक-फ्राईजिंग महाधर्मप्रान्त के लिये इसका अर्थ है कि हमें एक साथ मिलकर चिन्तन करना होगा तथा विफलताओं के सन्दर्भ में, सुसमाचार का साक्ष्य प्रदान करने हेतु नये रास्तों की तलाश करनी होगी।"    

उन्होंने कहा, "धर्माध्यक्ष का कार्य धर्मप्रान्त के लोगों के साथ मिलकर कलीसियाई समुदाय के नवीनीकरण का प्रयास होता है, जिसके लिये मैं कृतसंकल्प हूँ। तथापि, उन्होंने लिखा, यह उपयुक्त ही है कि जो कुछ हुआ उसकी ज़िम्मेदारी मैं लूँ तथा पीड़ितों की देखभाल एवं उनके पुनर्वास का पूरा ध्यान रखूँ।"  

कार्डिनल राईनार्ड मार्क्स ने अन्त में लिखा, "सन्त पापा फ्राँसिस का यह निर्णय मेरे लिये एक महान चुनौती का प्रतिनिधित्व करता है। अस्तु, सरलतापूर्वक अपनी कार्यसूची पर लौट जाना न तो मेरे लिये और न ही महाधर्मप्रान्त के लिये ठीक होगा।"

11 June 2021, 11:44