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सियोल का एक वैक्सीन केंद्र सियोल का एक वैक्सीन केंद्र  (ANSA)

कोविद टीकों की समान पहुंच हेतु सियोल दवारा वाटिकन को भेंट

सभी देशों के लिए कोविद-19 टीकों के लिए समान, समय पर और सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य सियोल के महाधर्मप्रांत ने वाटिकन को 1 मिलियन डॉलर भेजा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

सियोल, शुक्रवार 04 जून 2021 (रेई) : सियोल महाधर्मप्रांत वैक्सीन-साझाकरण अपील द्वारा धन जुटा रहा है और सभी देशों के लिए कोविद-19 टीकों के लिए समान, समय पर और सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 1 जून को वाटिकन को एक मिलियन डॉलर भेजा। सियोल में एक शरीर एक आत्मा आंदोलन (ओबीओएस) के साथ 234 पल्लियों और संगठनों द्वारा धन जुटाया गया है। संत पापा से प्रोत्साहन लेते हुए, कोरिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीके) ने 8-12 मार्च को अपनी वसंत महासभा में 'वैक्सीन-साझाकरण अभियान' शुरू करने का निर्णय लिया। इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से दुनिया के गरीब देशों में कोविद-19 टीकों के सार्वभौमिक वितरण में मदद करना है।

'वैक्सीन-साझाकरण अभियान'

संत पापा फ्राँसिस और परमधर्मपीठ विश्व के धनी देशों से गरीब देशों के लोगों के लिए भी कोविड-19 के टीके उपलब्ध कराने की अपील करते रहे हैं। इस प्रयास में शामिल होने के लिए, सियोल के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल एंड्रयू येओम सू-जुंग ने भी 'वैक्सीन-साझाकरण अभियान' में भाग लेने के लिए विश्वासियों को प्रोत्साहित करते हुए एक धन जमा करने की अपील शुरू की ।

सियोल महाधर्मप्रांत के प्रवक्ता फादर मथायस यंग-यूप हूर ने कहा, "हम इस तथ्य के बारे में बहुत चिंतित हैं कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी हो गई है। सियोल में सभी विश्वासियों को पूरी उम्मीद है कि यह धन जमा करने वाला अभियान एक साथ मिलकर बाधाओं को दूर करने का एक छोटा कदम हो सकता है।”

यह अभियान इस साल 27 नवंबर तक चलेगा, जो कोरिया के पहले स्थानीय काथलिक पुरोहित और कोरिया के संरक्षक संत एंड्रयू किम ताए-गॉन के जन्म की 200वीं वर्षगांठ की जयंती के अंतिम दिन है।

एक शरीर एक आत्मा आंदोलन

प्रवक्ता फादर मथायस ने कहा कि सियोल में ‘एक शरीर एक आत्मा आंदोलन’ (ओबीओएस) एक विश्वास-आधारित संगठन है जो आशा, जीवन और प्रेम में विश्वास करती है। इसकी शुरुआत 1989 में सियोल में आयोजित44 वीं अंतर्राष्ट्रीय यूखरीस्तीय कांग्रेस के साथ हुई थी, जो हमारे दैनिक जीवन में युखारिस्त के गहन अर्थ को लागू करने के लिए तैयार करती है। 44वीं अंतर्राष्ट्रीय यूखरीस्तीय कांग्रेस और काथलिक कलीसिया की समाजिक शिक्षा से प्रेरित होकर, हम पवित्र परमप्रसाद साक्रामेंट की भावना के अनुसार एक शांतिपूर्ण दुनिया बनाने के लिए काम करते हैं। 1988 में स्वर्गीय कार्डिनल स्टीफ़न किम सू-ह्वान द्वारा संगठन की स्थापना के बाद से, हम कारितास सियोल के हिस्से के रूप में, अंतर्राष्ट्रीय विकास में सहयोग, घरेलू सामाजिक जनहित कार्य और जीवन-साझाकरण आंदोलन जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

04 June 2021, 14:27