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मोरॉक्को से स्पेन आये आप्रवासियों की दृश्य, तस्वीरः 20.05.2021 मोरॉक्को से स्पेन आये आप्रवासियों की दृश्य, तस्वीरः 20.05.2021   (AFP or licensors)

मोरॉक्को आप्रवासियों के शोषण की धर्माध्यक्षों ने की निन्दा

स्पेन के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने मोरॉक्को के आप्रवासियों के शोषण पर गहन चिन्ता व्यक्त की है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

स्पेन, शुक्रवार, 21 मई 2021 (वाटिकन न्यूज़): स्पेन के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने मोरॉक्को के आप्रवासियों के शोषण पर गहन चिन्ता व्यक्त की है।

स्पेन तथा मोरॉक्को के बीच कूटनैतिक तनाव सघन होने के उपरान्त स्पेन के सुएता एवं मेल्लिला क्षेत्रों में आप्रवासियों की आमद पर चिन्ता व्यक्त करते हुए धर्माध्यक्षों ने कहा कि राजनैतिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिये आप्रवासियों का शोषण किया जा रहा था।  

आप्रवासियों के शोषण का निन्दा

18 मई को जारी एक वकतव्य में मैडरिड के काथलिक धर्माध्यक्ष होसे कोबो तथा दोमिनिकन धर्मसमाजी पुरोहित फादर ज़ेवियर गोम्ज़ ने कहा, "जीवन और मानव गरिमा के सर्वोच्च मूल्य की अपील करते हुए, हम याद दिलाना चाहते हैं कि कई परिवारों और नाबालिगों की निराशा और दरिद्रता का उपयोग किसी भी राज्य द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता है।"

स्पैनिश अधिकारियों को उस समय झटका लगा जब 17 मई को मोरॉक्को से डेढ़ हज़ार नाबालिगों सहित लगभग 8000 आप्रवासी स्पेन के सुएता क्षेत्र पहुँचे थे। उत्तरी अफ्रीका के समुद्री तट पर स्थित स्पानी क्षेत्र में भी लगभग86 आप्रवासी घुस आये थे। जिसके बाद, स्पानी प्रधान मंत्री पेद्रो सानखेज़ ने स्पानी सीमा पर रोक लगाने के लिये सेना को तैनात कर दिया था।

तनावों का कारण

मोरॉक्को तथा स्पेन के बीच तनाव अप्रैल माह में शुरु हो गये थे जब स्पेन ने मोरॉक्को के अलगाववादी पोलिसारियो फ्रन्ट के नेता ब्राहिम घाली को स्पेन में प्रवेश दे दिया था किन्तु इस विषय में मोरॉक्को को कोई ख़बर नहीं दी थी। स्पेन की दलील है कि घाली को मानवतावादी कारणों के लिये प्रवेश प्रदान किया गया था क्योंकि वे कोविद महामारी से ग्रस्त थे।

मोरॉक्को के अधिकारियों का कहना है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन करनेवाले घाली को स्पेन में प्रवेश दिया जाना अनुचित है, इससे मोरॉक्को को धक्का लगा है।    

 

21 May 2021, 11:58