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कायन्थयार का सेक्रेड हार्ट गिरजाघऱ कायन्थयार का सेक्रेड हार्ट गिरजाघऱ  

फिलीपीन और मिलान धर्मप्रांत ने म्यांमार के लिए की प्रार्थना

इस सप्ताह के अंत में फिलीपींस और उत्तरी इटली के मिलान महाधर्मप्रांत में म्यांमार में हिंसा तथा रक्तपात की समाप्ति और शांति, लोकतंत्र और न्याय की वापसी के लिए प्रार्थना का आयोजन किया जा रहा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मिलान, शनिवार 29 मई 2021 (वाटिकन न्यूज) : फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीपी) द्वारा शुरु की गई एक नई पहल में पूरे देश के काथलिकों से म्यांमार में लोगों और कलीसिया के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया गया है। सीबीसीपी अध्यक्ष, दावो के महाधर्माध्यक्ष रोमुलो वालेस ने 26 मई को प्रेषित एक पत्र में लिखा, "30 मई, अगला रविवार, पवित्र त्रित्व महापर्व और बीसीसी [मूल ख्रीस्तीय समुदाय] रविवार के रूप में रखा गया है, हम अपनी पल्लियों के सभी गिरिजाघरों में पवित्र मिस्सा के दौरान म्यांमार के लिए, विशेष रूप से म्यांमार के पीड़ित लोगों के लिए प्रार्थना करेंगे।"

विदित हो कि1 फरवरी को सैन्य तख्तापलट के साथ सत्ता पर कब्जा करने के बाद से म्यांमार में उथल-पुथल मची हुई है, जिसमें आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को हटा दिया गया है। तब से, विरोध और सविनय अवज्ञा अभियान ने देश को हिला कर रख दिया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रूर कार्रवाई में, सुरक्षा बलों ने अब तक कम से कम 830 लोगों को मार डाला है।

सेना का लक्ष्य गिरजाघर

इस संकट ने म्यांमार की सेना और कुछ सशस्त्र जातीय संगठनों के बीच पुराने संघर्षों को फिर से प्रज्वलित कर दिया है। ख्रीस्तीय मुख्य रूप से बौद्ध देश में अल्पसंख्यक हैं, वे 54 मिलियन आबादी का 6.2 प्रतिशत है। काचिन, चिन, करेन और काया जातीय समूहों के कब्जे वाले क्षेत्र, जो दशकों से सेना के हाथों उत्पीड़न और उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं, वे ज्यादातर ख्रीस्तीय हैं। म्यांमार का अनुमानित एक-तिहाई क्षेत्र - ज्यादातर सीमावर्ती क्षेत्र - वर्तमान में 20-सशस्त्र विद्रोही संगठनों द्वारा नियंत्रित हैं।

इन संघर्षों में फंसे कई नागरिकों ने देश के बाहर शरण मांगी है, अन्य देश के भीतर विस्थापित हुए हैं, उनमें से बड़ी संख्या में ख्रीस्तीय संस्थानों में आश्रय की तलाश है। लेकिन यहां तक ​​कि गिरजाघर को भी, जिन्हें नागरिकों के लिए सुरक्षित समझा था, सेना ने नहीं बख्शा है।

यांगून के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स बो ने देश के पूर्व में लोइकाव के पास कायन्थयार में सेक्रेड हार्ट गिरजाघऱ में रविवार रात सेना द्वारा की गई गोलाबारी में 4 लोगों की मौत और 8 से अधिक घायल होने के बाद पूजा स्थलों पर हमलों को समाप्त करने का आह्वान किया। 25 मई को म्यांमार के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीएम) के अध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स बो ने, एक अपील में, गिरजाघर में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देश की "महान मानवीय त्रासदी" को "रोकने की जरूरत है।"

कार्डिनल बो की अपील का जवाब

 महाधर्माध्यक्ष वालेस ने अपने पत्र में लिखा, "पूजा स्थल घर में एकत्रित लोगों के खिलाफ की गई हिंसा के इस विशेष भयानक कृत्य के बारे में कार्डिनल बो का यह संदेश म्यांमार के लोगों की चल रही पीड़ा का स्पष्ट और दर्दनाक वर्णन करता है।" “हम समाचारों में म्यांमार के लोगों की बहुत दुखद पीड़ा का अवगत हो रहे हैं। हमारे लोगों के लिए हर दिन हिंसा और दुख का दिन है।" महाधर्माध्यक्ष वालेस ने कहा कि फिलीपीन के धर्माध्यक्षों ने म्यांमार में काथोलिकों को उनकी प्रार्थना का आश्वासन देते हुए समर्थन पत्र भेजा है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कम से कम 60 परिवारों के 300 से अधिक लोगों ने कायाह राज्य के कायन्थयार में सेक्रेड हार्ट गिरजाघर में शरण ली थी, क्योंकि सेना और एक स्थानीय तख्तापलट विरोधी समूह के बीच लड़ाई हुई थी, जिसे करेनी पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के रूप में जाना जाता है। जब गिरजाघर के अधिकारी बमबारी के बाद गिरजाघर का निरीक्षण करने आए तो वे सभी जंगल में भाग गए थे।

उका न्यूज के अनुसार, काया राज्य के डेमोसो शहर में संत जोसेफ गिरजाघऱ भी 26 मई को सैन्य तोपखाने की आग की चपेट में आ गया था। गिरजाघर क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन कोई मौत नहीं हुई थी।

मिलान महाधर्मप्रांत

इस बीच, उत्तरी इटली में मिलान का महाधर्मप्रांत म्यांमार में शांति के लिए शनिवार, 29 मई को एक अंतरधार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। मिलान के स्थानीय समय दोपहर 12:30 बजे (10:30 यूटीसी) मौन प्रार्थना और ध्यान की पहल में भाग लेने के लिए बौद्ध भिक्षुओं, परिवारों और ख्रीस्तियों को आमंत्रित किया गया है। महाधर्माध्यक्ष मारियो डेलपिनी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मिलान महाधर्मप्रांत के यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।

विश्व कलीसियाओं की एकता

संत पापा फ्राँसिस ने अशांत राष्ट्र में संवाद, शांति और लोकतंत्र की वापसी के लिए कई अपीलें की हैं। उनकी नवीनतम पहल रोम में रहने वाले म्यांमार के  ख्रीस्तियों के लिए रविवार, 16 मई को स्वर्गारोहण पर संत पेत्रुस महागिरजाघऱ में पवित्र मिस्सा का अनष्ठान किया था। "एक बार जब पक्षपातपूर्ण लाभ और सत्ता की प्यास हावी हो जाती है, तो अनिवार्य रूप से संघर्ष और विभाजन शुरु हो जाते हैं," संत पापा ने अपने प्रवचन में कहा।

उन्होंने कहा, "प्रिय भाइयों और बहनों, आज मैं प्रभु की वेदी पर आपके लोगों के कष्टों को रखना चाहता हूँ और प्रार्थना में आपके साथ शामिल होना चाहता हूँ, ईश्वर सभी के दिलों को शांति में बदल दें।"

दुनिया भर के कई धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों ने म्यांमार के लोगों और कलीसिया के साथ एकजुटता व्यक्त की है।

29 May 2021, 13:35