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Vatican News
2018.09.21 प्रतीकात्मक तस्वीर 2018.09.21 प्रतीकात्मक तस्वीर  (©rparys - stock.adobe.com)

चीन ने वाटिकन-अनुमोदित धर्माध्यक्ष, पुरोहितों को किया गिरफ्तार

धर्माध्यक्ष झांग की गिरफ्तारी को कम्युनिस्ट देश में भूमिगत कलीसिया पर नए सिरे से कार्रवाई के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

हेनान, बुधवार 19 मई 2021 (उका न्यूज) : उत्तरी चीन में अधिकारियों ने वाटिकन द्वारा नियुक्त काथलिक धर्माध्यक्ष, उसके सात पुरोहितों और सेमिनरियों को गिरफ्तार किया है, जिसे कम्युनिस्ट देश में भूमिगत काथलिक कलीसिया पर नए सिरे से कार्रवाई के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

धार्मिक मामलों पर देश के दमनकारी नए नियमों का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में पुरोहितों और सेमिनारियों को हिरासत में लेने के एक दिन बाद पुलिस ने 21 मई को हेनान प्रांत के शिनजियांग धर्मप्रांत के 63 वर्षीय बिशप जोसेफ झांग वीज़ू को गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि धर्माध्यक्ष झांग की गिरफ्तारी से एक दिन पहले लगभग 100 पुलिस कर्मियों ने इमारत को घेर लिया था।  गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित तौर पर भागे अन्य सेमिनरियों की तलाशी अभियान जारी है।

1936 में वाटिकन द्वारा इसे स्थापित किए जाने के बाद से चीनी अधिकारियों ने शिनजियांग धर्मप्रांत को मान्यता नहीं दी है।

वाटिकन द्वारा धर्माध्यक्ष झांग को 1991 में गुप्त रूप से नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति को चीन में काथलिक कलीसिया के राज्य-संरेखित धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (बीसीसीसीसी) और चीनी काथलिक देशभक्ति संघ (सीसीपीए) द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था।

चीन के पुरोहितों के लिए नया नियम

चीन ने पुरोहितों के लिए नियमों का एक नया सेट लागू किया जो इसी महीने लागू हुआ। इस नियम के अनुसार सभी पुरोहितों को काथलिकों की सेवा करने के लिए राज्य के साथ पंजीकरण करना है और काथलिक अपने धर्माध्यक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से चुन सकते हैं।

 नया नियम चीन-वाटिकन समझौते की उपेक्षा करता है, जो कथित तौर पर आपसी समझौते से धर्माध्यक्षों की नियुक्ति पर सहमत हुए, वाटिकन के जनादेश के बिना काथलिक धर्माध्यक्षों की नियुक्ति करने वाले राज्य के संघर्ष को समाप्त कर दिया।

गिरफ्तारी तब हुई जब धर्मप्रांत ने एक परित्यक्त कारखाने की इमारत को सेमिनरी के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया

वाटिकन-अनुमोदित धर्माध्यक्ष की अध्यक्षता में धर्मप्रांत भूमिगत कलीसिया का हिस्सा है। स्थानीय काथलिकों का कहना है कि नियमों का उद्देश्य पुरोहितों के राज्य-अनुमोदित डेटाबेस के बाहर काम करते हुए अपने पुरोहितों को अपराधी बनाकर और गिरफ्तार करके भूमिगत कलीसिया को समाप्त करना है।

कथित तौर पर काथलिक कलीसिया को एकजुट करने के लिए सितंबर 2018 में चीन-वाटिकन समझौते पर दो साल के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। काथलिकों का कहना है कि इसे 2020 में नवीनीकृत किया गया था, लेकिन इस समझौते से भूमिगत कलीसिया का उत्पीड़न बढ़ गया है।

समझौता लागू होने के बाद से, वाटिकन ने बीजिंग द्वारा नियुक्त सात धर्माध्यक्षों को मंजूरी दे दी है, लेकिन राज्य द्वारा स्वीकृत कलीसिया ने वाटिकन द्वारा नियुक्त पांच धर्माध्यक्षों को मंजूरी दे दी है और उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक कर दिया है।

धर्माध्यक्ष झांग, जो 100,000 काथलिकों के धर्मप्रांत के प्रमुख हैं, को चीन-वाटिकन समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी राज्य द्वारा संचालित कलीसिया द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है।

26 May 2021, 15:48