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तेजे का ख्रीस्तीय एकता गिरजाघर तेजे का ख्रीस्तीय एकता गिरजाघर  (©Farmer - stock.adobe.com)

यूरोपीय कलीसिया "कार्ता ओएकुमेनिका" की 20वीं वर्षगाँठ मनायेगी

यूरोप की कलीसिया कार्डिनल अंजेलो बनास्को एवं अन्य लोगों के साथ, यूरोपीय "एक्यूमेनिकल कार्ता" (ख्रीस्तीय एकता पेपर) पर हस्ताक्षर की 20वीं वर्षगाँठ मनाने की तैयारी कर रही है। वह वैश्विक ख्रीस्तीय एकता आंदोलन को आगे ले जाने के लिए ईश्वर को धन्यवाद देना चाहती है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

यूरोप, मंगलवार, 13 अप्रैल 2021 (वीएनएस)- 22 अप्रैल को यूरोपीय कलीसियाएँ "कार्ता ओएकुमेनिका"(ख्रीस्तीय एकता पेपर) पर हस्ताक्षर की 20 वर्षगाँठ मनायेगी। यूरोपीय ख्रीस्तीय एकता पेपर पर हस्ताक्षर 2001 को यूरोपीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष (सीसीईई) और यूरोपीय कलीसियाओं की समिति (सीईसी) के द्वारा की गई थी ताकि यूरोप में ख्रीस्तीय एकता वार्ता एवं नजदीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

ख्रीस्तीय एकता हेतु "कार्ता ओएकुमेनिका" का सहयोग

इस वर्षगाँठ के पूर्व सीसीईई के अध्यक्ष कार्डिनल अंजेलो बनास्को एवं सीईसी के अध्यक्ष माननीय ख्रीस्तीयन क्रिएजेर ने संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने ईश्वर को ख्रीस्तीय एकता आंदोलन द्वारा शांति एवं उपलब्धियों के लिए ईश्वर को धन्यवाद दिया है, खासकर, दैनिक जीवन में संयुक्त साक्ष्य, स्थानीय ख्रीस्तीय एकता गतिविधियों और अंतर-कलीसियाई विवाह द्वार बल्कि ईशशास्त्रीय स्तर पर भी।

बयान में कहा गया है, "कई अंतर-आस्था प्रयासों को बढ़ाया गया है, कलीसिया ने  अपने कार्यों को न्याय एवं शांतिमय विश्व को सुदृढ़ करने के लिए किया है तथा सृष्टि की देखभाल के प्रति प्रयास को बढ़ाया है।"

कार्डिनल बनास्को एवं माननीय क्रिएगेर के अनुसार कार्ता ओएकुमेनिका के संदेश ने इस विकास एवं बदलाव के लिए नई शक्ति प्रदान की है।

नई चुनौतियाँ

यूरोप की दो कलीसियाओं के नेताओं ने गौर किया है कि कलीसिया एवं समाज में मानव के पाप एवं विभाजन के कारण अब भी चुनौतियाँ हैं। अतः पुरानी और नई कलीसियाओं के बीच विभाजन को चंगा किये जाने तथा सामाजिक एवं आर्थिक असमानता में हमारे मनोभाव और संरचना में बदलाव लाने की जरूरत है।  

उन्होंने इस समय के प्रजातंत्र एवं पर्यावरण के लिए खतरे की ओर इशारा किया है जो जीवन में नवीकृत ध्यान की मांग करता है और "महाद्वीप के कुछ हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष और आतंकवादी हमलों के कारण "पश्चाताप, क्षमा और न्याय की आवश्यकता है।"

मित्रता एवं शांति हेतु नवीकृत प्रतिबद्धता

इन सच्चाइयों एवं कोविड-19 महामारी के बीच यूरोपीय कलीसिया पुष्टि देती है कि एक साथ एवं एकता की भावना से उनकी प्रतिबद्धता, ख्रीस्त हमारे मुक्तिदाता का साक्ष्य होगा।

कार्डिनल बनास्को एवं क्राएजेर ने कहा है कि ख्रीस्तीय एकता को स्वीकार करना सिर्फ मानवीय प्रयास का परिणाम नहीं है। "एकता को इस दुनिया में प्रत्यक्ष होना चाहिए।"

 

13 April 2021, 15:45