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2021.04.21 सीएएन की धार्मिक स्वतंत्रता पर रिपोर्ट 2021.04.21 सीएएन की धार्मिक स्वतंत्रता पर रिपोर्ट 

सीएएन द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता के खतरे की चेतावनी

अंतर्राष्ट्रीय प्रेरितिक सहायता संगठन ‘एड टू द चर्च इन नीड’ कहता है कि धार्मिक स्वतंत्रता का हर तीन देशों में से एक में गंभीर रूप से उल्लंघन किया जाता है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रोम, बुधवार 21 अप्रैल 2021 (वाटिकन न्यूज) : परमधर्मपीठीय संगठन ‘एड टू द चर्च इन नीड’ (सीएएन) ने विश्व में धार्मिक स्वतंत्रता के मूलभूत अधिकार के लिए दुनिया भर में गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए, अपनी 15 वीं वार्षिक रिपोर्ट जारी की है।

धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान नहीं

रिपोर्ट में पाया गया कि दुनिया भर के प्रत्येक तीन देशों में से एक में (31.6%) धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान नहीं किया गया है। उन स्थानों में 95% लोगों की स्थिति बदतर हो गई है और 26 देशों में, लोग धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। नौ देशों - बुर्किना फासो, कैमरून, चाड, कोमोरोस, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, माली, मोज़ाम्बिक, मलेशिया और श्रीलंका - पहली बार सूची में दिखाये गये हैं।

कट्टरता का खतरा

एक प्रेस विज्ञप्ति में सीएएन ने रिपोर्ट में कुछ मुख्य निष्कर्षों पर ध्यान आकर्षित कराया है, जिसमें अफ्रीकी महाद्वीप के कट्टरपंथीकरण शामिल हैं, खासकर उप-सहारा अफ्रीका और पूर्वी अफ्रीका में। रिपोर्ट में सभी अफ्रीकी देशों में 42%  "बड़े पैमाने पर हत्याओं जैसे अत्याचार" के साथ-साथ "जिहादी समूहों की उपस्थिति में वृद्धि" को नोट किया गया है।

हालाँकि, यह रिपोर्ट "कट्टरपंथी इस्लामी नेटवर्क" के खतरे के साथ, "एक तथाकथित  अंतरमहाद्वीपीय ख़लिफ़ा का अधिकार क्षेत्र" बनाने के उद्देश्य से वैश्विक कट्टरपंथीकरण की चेतावनी भी देती है।

धार्मिक स्वतंत्रता पर आधुनिक हमले

धार्मिक स्वतंत्रता पर पारंपरिक हमलों के अलावा, सीएएन आधुनिक प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग की "एक नई प्रवृत्ति" का भी वर्णन करता है – जिसमें विश्वासियों के खिलाफ नियंत्रण और भेदभाव को बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी, जन निगरानी और कृत्रिम बुद्धि शामिल है। रिपोर्ट में चीन को उस देश के रूप में दिखाया गया है जहां यह सबसे स्पष्ट है।चिंता के विषय में वे देश भी शामिल हैं जहाँ किसी के धर्म को बदलने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं, यहाँ तक कि मृत्युदंड भी शामिल है और धार्मिक अल्पसंख्यकों के सदस्यों के खिलाफ अपहरण, बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन सहित यौन हिंसा का उपयोग किया जाता है।

‘विनम्र उत्पीड़न’ बढ़ रहा है

रिपोर्ट में पश्चिमी देशों में संत पापा फ्राँसिस द्वारा "विनम्र उत्पीड़न" कहे जाने वाले उत्पीड़न में वृद्धि की भी घोषणा की गई है। जो बताता है कि गिरजाघरों, प्रार्थनागृहों या मस्जिदों में व्यक्ति की स्वतंत्रता और धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार के साथ नए सांस्कृतिक मानदंड और मूल्य गहरे संघर्ष में आते हैं।

धार्मिक स्वतंत्रता और महामारी

अंत में, धार्मिक स्वतंत्रता पर सीएएन की रिपोर्ट ने कोविद -19 महामारी के धार्मिक स्वतंत्रता पर पड़ने वाले प्रभाव को संबोधित किया, यह देखते हुए कि कुछ देशों ने धर्मनिरपेक्ष गतिविधियों की तुलना में धार्मिक गतिविधियों को सीमित कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ देशों में, धार्मिक अल्पसंख्यकों के मानवीय सहायता को रोक दिया गया है और कुछ स्थानों पर, महामारी का उपयोग "कथित तौर पर महामारी फैलाने / पैदा करने के लिए कुछ धार्मिक समूहों को कलंकित करने के रूप में किया गया है।"

21 April 2021, 14:22