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फ्राँस में इच्छा मृत्यु के खिलाफ प्रदर्शन फ्राँस में इच्छा मृत्यु के खिलाफ प्रदर्शन  (AFP or licensors)

संसद ‘गरिमा के साथ मृत्यु विधेयक’ को अस्वीकार करे,धर्माध्यक्ष

आयरलैंड के धर्माध्यक्षों ने राजनीतिक नेताओं से तथाकथित "गरिमा के साथ मृत्यु विधेयक 2020" को अस्वीकार करने का आह्वान किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

डबलिन, सोमवार 15 फरवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : आयरिश धर्माध्यक्षों ने एक नए विधेयक के लिए अपना विरोध व्यक्त किया है जो लम्बे समय और ठीक न होने वाली बीमारी से ग्रस्त लोगों को अपनी मृत्यु का समय तय करने और नियंत्रित निगरानी वाली परिस्थितियों में अपने जीवन को समाप्त करने के लिए सहायता प्रदान करता है। तथाकथित "गरिमा के साथ मृत्यु विधेयक 2020" को पिछले साल ओरिचेटास एरियान्न (आयरिश संसद) में पेश किया गया था और वर्तमान में इसकी जांच चल रही है।

विधएयक पर एक लंबी और विस्तृत प्रस्तुतीकरण, इस हफ्ते न्याय पर ओरिचेटास कमेटी, आइरिश काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (आईसीबीसी) के जीवन के लिए बनी समिति और जैवनैतिकता के परामर्श दल को प्रस्तुत किया गया। उनका कहना है कि, हालांकि यह "आत्महत्या" शब्द का उपयोग नहीं करता है। विधेयक "अनिवार्य रूप से एक ऐसे व्यक्ति के प्रावधान के बारे में है जो अपने जीवन को समाप्त करने की औपचारिक घोषणा करने और ऐसा करने में चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए की इच्छा रखता है।" इसलिए विधेयक का प्रस्ताव "आम तौर पर आम भलाई के विपरीत जाता है, जीवन की रक्षा करना राज्य की एक विशेष जिम्मेदारी है।" जीवन के लिए बनी समिति और जैवनैतिकता के परामर्श दल राज्य को चेतावनी देते हैं कि यह "न केवल सहायता प्राप्त आत्महत्या की स्वीकृति को प्रोत्साहित करेगा, लेकिन विशेष रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों की गैर-सहमति से हत्या के खिलाफ सुरक्षा को कमजोर करता है।”

नैतिक जिम्मेदारी

जीवन के लिए बनी समिति और जैवनैतिकता के परामर्श दल का कहना है कि हमारे पड़ोसी के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अच्छे समारी के समान अपने पड़ोसी की देखभाल करें।" जीवन की सांध्य बेला में और असाध्य बीमारी में चिकित्सा पद्धति के भीतर, अच्छी उपशामक देखभाल की जाती है और गरिमापूर्ण और जीवन के शांतिपूर्ण अंत "को प्राप्त करने की सर्वोत्तम संभावना है। धर्माध्यक्षों का कहना है कि प्रस्तावित कानून "आम तौर पर असाध्य बीमार व्यक्ति के लिए पर्याप्त उपशामक देखभाल प्रदान करने के लिए देखभाल करने में विफल रहता है।"

विवेकशील आपत्ति

 प्रस्तुतीकरण द्वारा उठाया गया एक और मुद्दा कर्तव्यनिष्ठ आपत्ति है। धर्माध्यक्षों के अनुसार, विधेयक का प्रावधान "स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विवेक की स्वतंत्रता के अधिकार को स्वीकार करने में विफल रहता है जो आत्महत्या के लिए किसी भी महत्वपूर्ण सहयोग को नैतिक रूप से गलत मानते हैं।" इस प्रकार "स्वास्थ्य कर्मियों को यह निर्णय लेना गंभीर रूप से अनैतिक होगा और चंगा करने के अपने व्यवसाय के साथ पूरी तरह से असंगत होगा।”

इन सभी विचारों और संत पापा फ्राँसिस के शब्दों के प्रकाश में "वर्तमान सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ जो धीरे-धीरे मानव जीवन को अनमोल बना देता है," के प्रति जागरूकता को मिटा रहा है, आयरिश धर्माध्यक्षों की ओरिचेटास एरियान्न (आयरिश संसद) से सिफारिश हैं कि उन्हें इस विधेयक को पारित नहीं करनी चाहिए।”

15 February 2021, 14:30