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बच्चे को चुम्बन देते संत पापा फ्राँसिस बच्चे को चुम्बन देते संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

स्पानी जीवन दिवस ˸ मानव जीवन का महत्व

मानव जीवन का अपना महत्व है और यह शारीरिक शक्ति, जवानी, शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ नहीं है। यह व्यक्ति के लिए आधारभूत साधन है जिसके बिना उसका अस्तित्व नहीं है और न ही वह किसी दूसरी वस्तु का आनन्द ले सकता है। उक्त बात स्पेन के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के परिवार एवं जीवन की रक्षा विभाग की वेबसाईट पर कही गई है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

स्पेन, मंगलवार, 9 फरवरी 2021 (वीएनएस)-  25 मार्च 2021 को जीवन दिवस मनाया जाएगा। जिसकी विषयवस्तु होगी, "जीवन के संरक्षक।"

कहा गया है कि ऐसे समय में जब स्वास्थ्य, हाल-चाल या उपयोगिता के आधार पर व्यक्ति के जीने के महत्व को आंका जा रहा है धर्माध्यक्ष ने काथलिकों को निमंत्रण दिया है कि वे पवित्र परिवार के संरक्षक, नाजरेत के बढ़ाई, संत जोसेफ को समर्पित वर्ष में उनके आदर्शों को अपनाते हुए जीवन की रक्षा करना सीखें, "जो समस्या को अवसर में बदलना जानते थे और हमेशा ईश्वर की कृपा पहले स्थान पर रखते थे।"

धर्माध्यक्षों ने इस बात पर विचार करते हुए कि इस ऐतिहासिक क्षण में ख्रीस्तियों की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए, जो इच्छामृत्यु को विनियमित करनेवाले प्रस्तावित जैविक कानून के साथ मृत्यु की संस्कृति का सामना कर रहे हैं, उन्होंने विश्वासियों को निमंत्रण दिया है कि पराजयवाद को स्थान न दें जिसमें माना जाता है कि कोई दूसरा समाधान नहीं है अथवा पीछे लौटा नहीं जा सकता। संत जोसेफ के उदाहरणों पर उन्होंने आह्वान किया है कि सभी ख्रीस्तीय जीवन के संरक्षक बनें। जैसा कि संत पापा जॉन पौल द्वितीय कहा करते थे, "जीवन हमेशा अच्छा है क्योंकि यह ईश्वर के रहस्यात्मक एवं उदार इच्छा से मिलनेवाला उपहार है।"

उन्होंने कहा कि "हर जीवन जीने योग्य है क्योंकि इसका भाग्य सृष्टिकर्ता की योजना की गहराई में है अतः इसके मूल्य को व्यक्तिपरक मापदंड के आधार पर मापा नहीं जा सकता। जिसका अपना लक्ष्य है और उसे साधन के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।” जैसा कि कलीसिया सिखलाती है जीवन का सम्मान गर्भधारण के समय से ही किया जाना चाहिए, क्योंकि मानव ही एक ऐसा प्राणी है जिसको ईश्वर ने अपने लिए चाहा। मानव जीवन पवित्र है क्योंकि शुरू से ही इसका विशेष संबंध अपने सृष्टिकर्ता के साथ रहा है, जो उसका अंतिम लक्ष्य है। यही कारण है कि कोई भी किसी भी कारण वश, किसी निर्दोष व्यक्ति की हत्या करने का दावा नहीं कर सकता।

धर्माध्यक्षों ने उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया है जो कलीसिया से जुड़कर अथवा नागरिक के रूप में जीवन की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं, खासकर, जो लोग गर्भवती महिलाओं की मदद करते हैं और बुजूर्गों अथवा असाध्य रोग से ग्रसित लोगों की देखभाल करते हैं।

अंततः उन्होंने सभी ख्रीस्तियों को निमंत्रण दिया है वे अपने प्रशिक्षण पर ध्यान दें ताकि वे किसी भी व्यक्ति को व्याख्या दे सकें जो अपनी आशा का कारण पूछते हैं और उन कारणों पर अधिक गहराई से देख सकें जो हमें जीवन का संरक्षक बनाते हैं; प्रेरणाएँ जो कई मामलों में न केवल हमारे विश्वास से आती हैं, बल्कि वैज्ञानिक प्रमाणों से भी आती हैं।”

09 February 2021, 16:50