उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी
भारत, बृहस्पतिवार, 11 फरवरी 2021 (एशियान्यूज)- विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया के साथ भारत की काथलिक कलीसिया भी 11 फरवरी को विश्व रोगी दिवस मना रही है। इसी दिन लूर्द की माता मरियम का पर्व भी मनाया जाता है।
संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने 1992 में विश्व रोगी दिवस की स्थापना की थी। फादर विनोद के लिए इस दिन का विशेष अर्थ है।
एशियान्यूज के अनुसार निष्कलंक मरियम की कार्मेलाईट धर्मसमाज के सदस्य फादर विनोद को "साइकिल चलाने वाले पुरोहित" के रूप में जाना जाता है, क्योंकि वे अपने पल्लीवासियों के घर जाने के लिए साईकिल से ही यात्रा करते हैं। वे खासकर उन घरों में जाते हैं जहाँ लोग बीमार हैं।
फादर विनोद ने एशियान्यूज से कहा, "ऐसे समय में जब बुजूर्गों को भुला दिया जाता है, मैं अपनी छोटी कोशिश से उन्हें सांत्वना एवं दिलासा देने का प्रयास करता हूँ जिन्हें ध्यान दिये जाने की अति आवश्यकता है। मेरी पल्ली संत अन्ना में, मैं अपने प्रत्येक पल्ली वासी के जन्म दिवस पर उनसे मुलाकात करने जाता हूँ। इसको मैंने 2010 में शुरू किया है और उस समय से लेकर आज तक मैंने एक दिन भी नहीं खोया है।"
"उदाहरण के लिए आज कार्मेलाईट डियास का जन्म दिन है जो 87 साल की एक बुजूर्ग विधवा हैं। हर साल मैं उनके लिए एक केक एवं एक बर्थडे कार्ड लाता हूँ और हम एक साथ भोजन करते हुए बर्थडे मनाते हैं।"
उन्होंने कहा, "चूँकि कई लोग अपने बूढ़े माता पिता की देखभाल नहीं करते, मैं सोचता हूँ कि इस साधारण रूप से ध्यान देने का बड़ा महत्व है।"
फादर विनोद ने सिरो मलाबारी धर्मबहन साधवी प्रसन्नदेवी का भी स्वागत किया है जिसने 41 साल एक सन्यासी के रूप में जूनागढ़ जंगल में बिताया तथा अपने आपको चिंतन एवं प्रार्थना में समर्पित किया।
आज वे 87 साल की हो चुकी हैं और उम्र के कारण उसे स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें हैं, पर उनके कोई परिजन नहीं हैं। फादर ने कहा, "अतः भोजन और दवाई देकर मैं ही उसकी देखभाल करता हूँ। इससे वे बहुत खुश हैं।"
फादर ने बतलाया कि विश्व रोगी दिवस के अवसर पर पल्ली में एक समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित किया जाएगा जिसमें सभी बीमार लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी और उन्हें आशीष दी जायेगी।
हर साल की तरह यह स्वास्थ्य के पेशे से जुड़े लोगों एवं रोगियों की देखभाल करने वालों को सम्मान देने का अवसर है।