खोज

Vatican News
लेबनान की राजधानी बेरूत में संत जॉर्ज मरोनाईट गिरजाघर लेबनान की राजधानी बेरूत में संत जॉर्ज मरोनाईट गिरजाघर  (AFP or licensors)

कार्डिनल सांद्री ने लेबनान के लिए प्रार्थना की

पूर्वी कलीसियाओं के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष कार्डिनल सांद्री ने लेबनान के संकट में संत मरोन की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

लेबनान, बृहस्पतिवार, 11 फरवरी 21 (वीएनएस)- मरोनाईट कलीसिया के संरक्षक संत मरोन के पर्व दिवस पर 9 फरवरी को कार्डिनल लेओनार्दो सांद्री ने रोम के परमधर्मपीठी मरोनाईट कॉलेज में आयोजित एक धर्मविधिक समारोह में भाग लिया। समारोह जिसका संचालन मरोनाईट कलीसिया के प्राधिधर्माध्यक्ष रफिक एल वार्का ने की, उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित करते हुए लेबनान की उत्तेजक स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट किया, जहाँ 4 अगस्त को बेरूत में दो बम धमाके हुए थे।

धमाके बाद एकात्मता

अपने सम्बोधन में कार्डिनल सांद्री ने रेखांकित किया कि आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संकट के बावजूद जिनका सामना देश आपदा के पहले से ही कर रहा है लेबनान के लोगों ने महान एकात्मता प्रकट की है, प्रभावित लोगों की मदद करने, मलबा हटाने, बेघर हुए लोगों को शरण देने तथा भोजन एवं कपड़े प्रदान करने हेतु उन्होंने कठिन काम किया है।  

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदायों की सहायता की भी याद की खासकर, विश्वभर की कलीसिया एवं वाटिकन की। उन्होंने कहा, "शब्दों और उदार कार्यों दोनों के द्वारा स्वयं संत पापा फ्राँसिस ने तथा परमधर्मपीठ पहली पक्ति पर रहे हैं।" उन्होंने लेबनान के लिए संत पापा की कई अपीलों की याद की। जिसमें उन्होंने लेबनान की मदद करने का आग्रह किया है कि वह अपने पैरों पर वापस खड़ा हो सके।

जीवित कलीसिया की निशानी

कार्डिनल सांद्री ने गौर किया कि ये सभी भाव जीवित कलीसिया के चिन्ह हैं जो विश्व की सड़कों पर जीना चाहती है जहाँ भली इच्छा रखनेवाले सभी स्त्री और पुरूष, बेटे और बेटियाँ भले समारी के उदाहरण पर चलते हैं जिसको संत पापा फ्राँसिस ने अपने प्रेरितिक विश्व पत्र फ्रत्तेली तूत्ती में इंगित किया है। उन्होंने यह भी गौर किया कि लेबनान में विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं जिसके द्वारा देश भाईचारा का संदेश दे रहा है।  

कलीसिया, लेबनान और लेबनानी प्रवासी संत मरोन को समर्पित

मरोनाईट कलीसिया के इतिहास की याद करते हुए जिसे अपने विश्वास को जीवित रखने के लिए कई विपत्तियोँ का सामना करना पड़ा है, कार्डिनल ने कलीसिया को, लेबनान एवं लेबनानी प्रवासियों को संत मरोन को समर्पित किया। उन्होंने उनकी मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना की कि महामारी से बढ़ी हुई पीड़ा का अंत हो और वे लेबनान के नेताओं को आलोकित करें ताकि वे अपने व्यक्तिगत रूचि को छोड़कर, देश के हित में कार्य कर सकें।

महामारी के कारण राजनीतिक एवं आर्थिक संकट

लेबनान इस समय एक खराब राजनीतिक एवं आर्थिक संकट से गुजर रहा है, 1990 में नागरिक युद्ध समाप्त होने के बाद से गरीबी बढ़ी हुई है जो कोरोना वायरस महामारी के कारण बदतर हो गई है, फिर भी यह सीरिया के युद्धग्रस्त क्षेत्र के 1.5 मिलियन आप्रवासियों को शरण दी हुई है। पक्षपातपूर्ण हितों के कारण, राजनीतिक नेताओं को नई सरकार पर अंतिम समझौता करना बाकी है, बेरुत के बंदरगाह पर जुड़वां विस्फोट के छह महीने बाद, जिसके कारण हस्सन दियब का इस्तीफा हुआ। सोमवार को, मरोनाईट प्राधिधर्माध्यक्ष कार्डिनल बेशारा राई ने पक्षपात को ख़त्म करने, देश की संप्रभुता की रक्षा करने और स्थिरता की गारंटी देने के लिए संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में एक "अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन" की अपील की।

11 February 2021, 15:12