उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार 7 जनवरी 2021 (रेई)- संत पापा पीयुस 9वें द्वारा स्थापित विश्व मिशनरी बाल दिवस का उद्देश्य है- बच्चों को विश्व में अपने समकालीनों के बीच, उनकी जरूरतों में ईश्वर के प्यार को बांटने के लिए प्रोत्साहित करना तथा परमधर्मपीठीय मिशनरी बाल सोसाईटी पर ध्यान देना। इंगलैंड एवं वेल्स में इसे मिशन एक साथ या मिस्सियो की बाल शाखा भी कहा जाता है।
मिशन की शुरूआत
मिशन एक साथ की शुरूआत 1843 में फ्रेंच धर्माध्यक्ष चार्ल्स दी फोरबिन जॉनशन ने की थी जिन्होंने बच्चों से एक दिन की प्रार्थना एवं एक माह में एक रूपये की मांग की थी ताकि दूसरे देशों के गरीब बच्चों को मदद दी जा सके। तेरेसा मार्टिन फ्राँस में इसी की एक युवा समर्थक थी जो बाद में लिस्यु की संत तेरेसा कहलायी। वे मिशन की संरक्षिका मानी जाती हैं।
परमधर्मपीठीय मिशनरी बाल सोसाईटी की महासचिव सिस्टर रोबेर्ता कहती हैं, "सदियों से बच्चे ध्यान पानेवाले बने रहे, अब वे ही सहयोग दे रहे हैं। इस तरह पवित्र बालकपन, मिशनरी भावना से बच्चों को शिक्षा देना और दूसरों की जरूरतों पर ध्यान देना शुरू किया।"
संत पापा फ्राँसिस का ट्वीट संदेश
विश्व मिशनरी बाल दिवस के अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने एक ट्वीट प्रेषित कर बच्चों को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने 6 जनवरी के ट्वीट संदेश में लिखा, "आज हम विश्व मिशनरी बाल दिवस मना रहे हैं। मैं सभी बच्चों और लड़के लड़कियों को धन्यवाद देता हूँ जो इससे जुड़े हैं। मैं आप सभी को प्रोत्साहन देता हूँ कि आप येसु के एक सहर्ष साक्षी बनें, अपने साथियों के बीच हमेशा भ्रातृत्व लाने की कोशिश करें।
176 वर्षों से परमधर्मपीठीय मिशनरी बाल सोसाईटी, दुनिया भर से मदद हेतु आग्रह स्वीकार करता है। शिक्षा के साथ-साथ सोसाईटी, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण एवं सामान्य हित के क्षेत्रों में अपना योगदान देता है।