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परमाणु हथियार परमाणु हथियार  (©Scanrail - stock.adobe.com)

परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर करने का आग्रह

परमाणु हथियारों के निषेध पर संयुक्त राष्ट्र संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए नार्वे के सभी धर्मों ने सरकार से मांग की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाशिंगटन डीसी, बुधवार 20 जनवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : शांति के लिए नॉर्वे के धर्मों ने परमाणु हथियारों के निषेध पर संयुक्त राष्ट्र संधि में नार्वे सरकार से आग्रह किया है, जो पहली बार विकास, परीक्षण, उत्पादन, संग्रहण, स्थानांतरण, उपयोग और परमाणु हथियारों के उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध स्थापित करने का प्रयास करता है साथ ही पीड़ितों सहायता और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए दायित्व लेता है। इस संधि को 7 जुलाई 2017 को अपनाया गया था और यह 22 जनवरी को लागू होगी। अब तक, यह 51 देशों द्वारा अनुमोदित किया गया है। नॉर्वे ने हालांकि, टीपीएनडब्ल्यू पर हस्ताक्षर करने का लगातार विरोध किया, यह तर्क देते हुए कि एनएटीओ(नाटो) में अपनी सदस्यता के लिए इसको संघर्ष करना पड़ेगा।

संधि में शामिल न होने का अफसोस

कलीसियाओं की विश्व परिषद की वेबसाइट के अनुसार, शांति के लिए धर्मो के नॉर्वेजियन नेताओं ने "गहरा खेद" व्यक्त किया है कि देश संधि में शामिल नहीं हुआ है, यह याद दिलाते हुए: "परमाणु हथियारों के उपयोग से एक भयावह जन उन्मूलन के खतरा ने1970 में जापान के क्योटो में शांति के लिए धर्मों के पहले विश्व सम्मेलन के लिए 400 से अधिक धार्मिक नेताओं को एक साथ लाया था।”।

"शांति के लिए धर्मों के नॉर्वेजियन प्रतिनिधियों के रूप में, हम गहराई से आश्वस्त हैं कि परमाणु हथियारों का अस्तित्व और उपयोग हमारे धार्मिक मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के साथ मौलिक रूप से संघर्ष में है।" "मानवता के नाम पर, हम परमाणु हथियारों के उपयोग को स्वीकार नहीं कर सकते हैं।"

परमाणु हथियारों के उपयोग अस्वीकार्य

नॉर्वे के शांति नेताओं के अनुसार, जब तक परमाणु हथियार मौजूद हैं, तब तक खतरा है कि उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए वे दावा करते हैं कि "परमाणु हथियारों के उपयोग के लिए नार्वे का मौजूदा समर्थन जो मानवीय गरिमा का उल्लंघन करता है, अस्वीकार्य है, वहाँ तनाव अंतरराष्ट्रीय कानून, नैतिक सिद्धांतों, नाटो में नॉर्वे की सदस्यता और परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि का अनुसमर्थन के बीच कोई निर्णायक संघर्ष नहीं है।

यह देखते हुए कि विश्व स्तर पर परमाणु हथियारों पर उपयोग किए जाने वाले वार्षिक खर्चों का अनुमान कम से कम 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, अपील यह भी कहती है कि: “हमारे संसाधनों का अधिक उपयोग मानव विकास और सृष्टि की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए, न कि हथियारों में निवेश के लिए, जो दुनिया की मानव आबादी को खतम कर सकता है।”

20 January 2021, 15:00