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जनगणना से अनिर्दिष्ट आप्रवासियों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन जनगणना से अनिर्दिष्ट आप्रवासियों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन  (AFP or licensors)

जनगणना से अनिर्दिष्ट आप्रवासियों को हटाने का विरोध, धर्माध्यक्ष

यूएससीसीबी के प्रवास आयोग के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष मार्टिन डोरसनविले ने ट्रम्प प्रशासन द्वारा जनगणना से अनिर्दिष्ट (गैर-दस्तावेजी) आप्रवासियों को बाहर करने की योजना के विरोध में एक बयान जारी किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

न्यूयॉर्क, बुधवार 02 दिसम्बर 2020 (वाटिकन न्यूज) : संयुक्त राज्य अमेरिका के धर्माध्यक्षों ने डोनाल्ड ट्रम्प की योजना के विरोध में नए सिरे से गैर-दस्तावेजी आप्रवासियों को शामिल नहीं करने के लिए विरोध किया है, जो प्रतिनिधि सभा में सीटों के आवंटन का निर्धारण करेंगे। 21 जुलाई को राष्ट्रपति ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया जिसमें 2020 की जनगणना द्वारा उत्पादित राज्य-जनसंख्या के योगों से गैर-दस्तावेजी आप्रवासियों को बाहर करने का निर्देश दिया गया और प्रतिनिधि सभा कांग्रेस के निचले सदन में सीटों के चयन के लिए और इलेक्टोरल कॉलेज में वोटों की संख्या का निर्धारण के लिए उपयोग किया गया। न्यूयॉर्क और 21 राज्यों के गठबंधन और स्थानीय सरकारों ने इस मुद्दे को सर्वोच्च न्यायालय में लाया है, जिसमें तर्क दिया गया कि गैर-दस्तावेजी आप्रवासियों का बहिष्करण असंवैधानिक है।

मानव परिवार के सदस्य

अमेरिकी धर्माध्यक्ष इस विचार का समर्थन करते हैं और राष्ट्रपति ट्रम्प को जुलाई में किये गये ज्ञापन वापस लेने की अपील की। 16 नवंबर को, संयुक्त राज्य काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (यूएससीसीबी) ने अन्य काथलिक संगठनों के साथ मिलकर मामले पर एक संक्षिप्त एमिकुस क्यूरिया (अदालत का दोस्त) दर्ज किया। संक्षिप्त तर्क यह है कि गैर-दस्तावेजी व्यक्तियों को जनगणना से अलग करने से यह संदेश जाता है कि वे मानव परिवार के समान सदस्य नहीं हैं। यह संदेश प्रत्येक व्यक्ति की अंतर्निहित गरिमा के विपरीत है और संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान और जनगणना अधिनियम का भी उल्लंघन करता है।

मानवीय गरिमा सबसे पवित्र

न्यायालय ने 30 नवंबर को ट्रम्प बनाम न्यूयॉर्क मामले पर अपनी पहली सुनवाई की। सुनवाई पर टिप्पणी करते हुए,  यूएससीसीबी के प्रवास आयोग के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष मार्टिन डोरसनविले ने दोहराया: "गैर-दस्तावेजी आप्रवासियों को अस्वीकार करना जिन राज्यों में वे कांग्रेस में अपना सही प्रतिनिधित्व करते हैं और मनुष्य के रूप में लोगों को अदृश्य महसूस कराना, संविधान के विरोध में है।”

यूएससीसीबी की वेबसाइट पर प्रकाशित अपने बयान में धर्माध्यक्ष डोरसनविले ने कहा, "कलीसिया की शिक्षा स्पष्ट है: कानूनी प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना मानव गरिमा सबसे पवित्र है।" इस कारण से, उन्होंने निष्कर्ष निकाला, "हम एक बार फिर से जनगणना में सभी व्यक्तियों की गणना करने की आवश्यकता की पुष्टि करते हैं, साथ ही कांग्रेस के प्रतिनिधियों की नियुक्ति में भी।"

02 December 2020, 14:32