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क्रिसमस समारोह मनिला के महागिरजाघर में क्रिसमस समारोह मनिला के महागिरजाघर में 

क्रिसमस सरलता एवं विनम्रता का आह्वान करता है, फिलीपींस के राजदूत

फिलीपींस में अपना पहला क्रिसमस मनाते हुए, नए प्रेरितिक राजदूत ने ख्रीस्तियों से बेथलेहम के बालक येसु का अनुसरण करते हुए सादा जीवन जीने का आग्रह किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन न्यूज

मनिला, सोमवार 28 दिसम्बर, 2020 (वाटिकन न्यूज) : एक गौशाले में येसु का जन्म सिखाता है कि "ईश्वर साधारण लोगों को चुनता है और मुझे लगता है कि हम सभी को प्रभु से साधारण विश्वास का उपहार, गरीबों के विश्वास का उपहार की कामना करनी चाहिए।"  उक्त बात फिलीपींस के नए प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष चार्ल्स जॉन ब्राउन ने कहा।

सादगी और विनम्रता

उन्होंने राजधानी मनिला में मोंटसेराट की माता मरियम गिरजाघर में क्रिसमस की पूर्व संध्या के दौरान अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर सरल साधारण और विनम्र लोगों को चुनते करते हैं और उनका चुना बेवजह नहीं होता। ईश्वर गरीबों को पसंद करते हैं क्योंकि "वे ईश्वर पर भरोसा करते हैं उनका विश्वास ठोस और वास्तविक है।"

28 सितंबर को फिलीपींस में वाटिकन के राजदूत नियुक्त किए गए महाधर्माध्यक्ष ब्राउन ने कहा, "जब हम एक निश्चित अर्थ में समृद्ध और परिष्कृत हो जाते हैं, तो हमारे पास सब कुछ के लिए ईश्वर पर तत्काल निर्भरता नहीं रहती।"

उन्होंने कहा कि "हमारे लिए यह सोचना आसान है कि हम आत्मनिर्भर हैं, हम नियंत्रण में हैं, अतः हमें ईश्वर की आवश्यकता नहीं है"। "और यह समृद्धि और परिष्कार की त्रासदी है।" महाधर्माध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईश्वर का राज्य उनका है जो अपने को दीन-हीन समझते हैं, न कि वे जो इस दुनिया की सुख-सुविधाओं में अपना भरोसा रखते हैं।

“अगर हमारे पास बैंक में रुपये हैं, उन रुपयों के होते हुए भी हमारी आत्मा को गरीब होना चाहिए। हमें उन गरीबों का अनुकरण करने की आवश्यकता है जो येसु में दृढ़ विशवास रखते हैं और अपने जीवन को सौंप देते हैं।

प्रतिबंधों के तहत क्रिसमस

दुनिया भर के अधिकांश देशों की तरह, कोविद -19 महामारी के कारण फिलीपींस में भी क्रिसमस के मौसम के उत्सवों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। क्रिसमस की पूर्व संध्या पवित्र मिस्सा के लिए लगभग 100 लोग गिरजाघर के अंदर मौजूद थे, जिनमें दूतावास के कुछ कर्मचारी भी शामिल थे।

महाधर्माधअयक्ष ब्राउन 29 नवंबर को अपने नए मिशन पर फिलीपींस पहुंचे और इटली के महाधर्माधअयक्ष गाब्रिएल जोर्दानो का स्थान ग्रहण किया, जिन्हें संत पापा फ्राँसिस ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के लिए वाटिकन का प्रेरितिक राजदूत और स्थायी पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।

61 वर्षीय अमेरिकी महाधर्माध्यक्ष ने 14 दिसंबर को मनिला में राष्ट्रपति भवन में एक आभासी समारोह में राष्ट्रपति रोड्रिगो दूतेर्ते को अपना प्रत्यय पत्र सौंपने के बाद एशिया के सबसे अधिक काथलिक आबादी वाले देश में अपनी राजनायिक मिशन की शुरुआत की।

साझा करना और दया करना

25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन, मनिला के महागिरजाघर में अपना पहला पवित्र मिस्सा समारोह का अनुष्ठान किया। उनहोंने सभी विश्वासियों को संत पापा की ओर से क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं।

अपना प्रवचन शुरु करने से पहले उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से, आपको हमारे संत पापा फ्राँसिस के क्रिसमस की बधाई देता हूँ, उनके हृदय में फिलिपींस के विश्वासियों के लिए एक बहुत ही विशेष स्थान है।"

महाधर्माध्यक्ष ने काथलिकों से अपने विश्वास को जीने और दूसरों के साथ साझा करने का आग्रह किया। "यहाँ पृथ्वी पर, हमें येसु और कलीसिया की शिक्षाओं का पालन करते हुए अपने विश्वास को जीना है। जब हम दूसरों के प्रति दयालु होते हैं तो हम खुद में और दूसरों में ईश्वर की कृपा को पोषित करते हैं।"

महाधर्माध्यक्ष ब्राउन ने बाटांगास में क्रिसमस की सुबह आए भूकंप का उल्लेख किया और विश्वासियो से वहां के निवासियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने को कहा। कोविद -19 के खिलाफ स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने हेतु पव्वीवासियों को याद दिलाया। उन्होंने महामारी के अंत के लिए भी प्रार्थना की।

महाधर्माध्यक्ष ब्राउन ने कहा, "हम कोरोना वायरस के संकट को समाप्त करने के लिए भी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं, जिसने निश्चित रूप से हमारे बातचीत करने के तरीके, प्रार्थना करने के तरीके और हमारे जीने के तरीके को प्रभावित किया है।"

28 December 2020, 15:06