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महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान सांकेतिक भाषा का प्रयोग महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान सांकेतिक भाषा का प्रयोग  (ANSA)

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर इताली धर्माध्यक्षों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन

इटली के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर एक ऑनलाईन कार्यक्रम का आयोजन किया। सभा की विषयवस्तु थी, "भ्रातृत्व की भविष्यवाणी"। सभा में इस बात को पुष्ट किया गया कि विकलांग अपनी सेवा में सक्रिय भाग ले सकें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

इटली, बृहस्पतिवार, 3 दिसम्बर 20 (वीएन)- बृहस्पतिवार को जब अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाया जा रहा है, इताली काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने कलीसिया के विभिन्न संगठनों एवं विकलांग लोगों की मदद करनेवालों के बीच एक समुदाय का निर्माण करने हेतु एक ऑनलाईन कार्यक्रम जारी किया।

कार्यक्रम, इताली काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के दिव्यांग लोगों की प्रेरितिक देखभाल राष्ट्रीय सेवा विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें प्रार्थना, चिंतन एवं साक्ष्य आदि कार्यक्रम रखे गये थे।

"भ्रातृत्व की भविष्यवाणी" की शुरूआत धर्मप्रांत के चित्ता देल कास्तेल्लो में ख्रीस्तयाग के सीधे प्रसारण से हुआ जिसमें इताली सांकेतिक भाषा का प्रयोग किया गया।  

मिस्सा के बाद, सम्मेलन को दो भागों में विभाजित किया गया: एक इटली पर केंद्रित था और दूसरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, जो अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा और विभिन्न अन्य भाषाओं में प्रसारित किया गया।

आशा का चिन्ह

पहल के आयोजन समिति की प्रमुख सिस्टर बेरोनिका दोनातेल्लो के अनुसार, पहल का आयोजन कलीसिया के अगुओं की आवश्यकता के आधार पर किया गया था जो महामारी के समय में दिव्यांग लोगों के करीब रहना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, "ऐसे समय में अक्सर ऐसा होता है कि दिव्यांग लोगों को देखभाल एवं ध्यान दिये जाने की वस्तु के रूप में देखा जाता है जो सही है किन्तु पूरी तरह सही नहीं है। वे विषय और पात्र नहीं हो सकते।"

सिस्टर दोनातेल्लो ने कहा कि ऑनलाईन कार्यक्रम उन्हें एक मंच देना चाहता है ताकि वे अपने अनुभवों एवं उम्मीदों को साझा कर सकें।

महामारी के दौरान प्रेरितिक देखभाल

"भ्रातृत्व की भविष्यवाणी" कार्यक्रम में कई कलीसियाओं के धर्मगुरूओं ने अपना योगदान दिया। चेई के महासचिव धर्माध्यक्ष स्तेफनो रूस्सो और वाटिकन प्रेरितिक संग्रहालय के पुरालेखपाल कार्डिनल जोश तोलेनतिनो कालाका दी मेनदोनका ने कार्यक्रम में खास योगदान दिया।

कई दिव्यांग लोगों ने भी अपने अनुभव बांटे कि कलीसिया की प्रेरितिक देखभाल विभाग ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान किस तरह उनकी मदद की।  

03 December 2020, 16:36