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यूएस धर्माध्यक्षों ने बिडेन का स्वागत किया:'यह समय एकता का है'

महाधर्माध्यक्ष गोमेज़ ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को बधाई दी। उन्होंने कहा, "हम स्वीकार करते हैं कि वे दिवंगत राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी के बाद काथलिक धर्म को मानने वाले दूसरे संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति बनेंगे।"

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लॉस एंजेल्स, सोमवार 9 नवम्बर 2020 (वाटिकन न्यूज) : अमेरिकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष और लॉस एंजिल्स के महाधर्माध्यक्ष जोस एच. गोमेज़ ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोसेफ आर. बिडेन को बधाई देते हुए कहा, "हम ईश्वर को स्वतंत्रता के आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देते हैं। अमेरिकी लोगों ने इस चुनाव में बात की है। अब हमारे नेताओं को राष्ट्रीय एकता की भावना में एक साथ आने, बातचीत करने और आम भलाई के लिए समझौता करने का समय है।

अमेरिकी और काथलिक के रूप में, हमारी प्राथमिकताएं और मिशन स्पष्ट हैं। हम यहाँ येसु मसीह का अनुसरण करते हैं, ताकि हम अपने जीवन में उनके प्रेम की साक्षी दे सकें और पृथ्वी पर उनके राज्य का निर्माण कर सकें। मेरा मानना है कि अमेरिकी इतिहास में इस समय, काथलिकों का शांतिदूत बनने, भाईचारे और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने तथा हमारे देश में सच्ची देशभक्ति हेतु नए सिरे से प्रार्थना करने का विशेष कर्तव्य है।

लोकतंत्र के लिए आवश्यक है कि हम सभी खुद को सदाचार और आत्म-अनुशासन के लोगों के रूप में संचालित करें। इसके लिए आवश्यक है कि हम विचारों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति का सम्मान करें और हम एक दूसरे के साथ दया और शालीनता से व्यवहार करें, भले ही हम कानून और सार्वजनिक नीति के मामलों पर असहमत हों।

हम मानते हैं कि जोसेफ आर. बिडेन जूनियर  को संयुक्त राज्य के 46 वें राष्ट्रपति चुने जाने के लिए पर्याप्त वोट मिले हैं। हम श्री बिडेन को बधाई देते हैं और स्वीकार करते हैं कि वे काथलिक धर्म को मानने वाले दूसरे संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति होंगे। पहले काथलिक राष्ट्रपति दिवंगत जॉन एफ कैनेडी थे। हम कैलिफोर्निया की सेन कमला डी. हैरिस को भी बधाई देते हैं, जो पहली महिला उपाध्यक्ष बनी हैं।

हम इस महान राष्ट्र के संरक्षिका, धन्य कुवांरी मरियम से, हमारे देश की रक्षा करने हेतु प्रार्थना करते हैं। वह हमें अमेरिका के मिशनरियों और संस्थापकों की सुंदर विशन को पूरा करने तथा एक साथ मिलकर काम करने में मदद करें। ईश्वर के अधीन एक राष्ट्र, जहां हर मानव जीवन की पवित्रता का बचाव किया जाता है और धर्म एवं अंतःकरण की स्वतंत्रता की गारंटी दी जाती है।"

09 November 2020, 15:53