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प्रेरितिक यात्रा के दौरान जापान की एक युवती संत पापा फ्राँसिस का स्वागत करती हुई प्रेरितिक यात्रा के दौरान जापान की एक युवती संत पापा फ्राँसिस का स्वागत करती हुई  (Vatican Media)

फ्राँसिस की अर्थव्यवस्था : युवा असमानता का सामना करें

वलेंटिना रोतोंदी, अर्थशास्त्र और अर्थमिति में प्रशिक्षक के साथ एक समाज शास्त्री हैं, वे "फ्राँसिस की अर्थव्यवस्था" की केंद्रीय संयोजक समिति की सदस्य भी हैं। उन्होंने इस अवसर के लिए अपने लक्ष्य एवं उम्मीदों की चर्चा की है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 19 नवम्बर 20 (वीएन)- इंतजार की घड़ी समाप्त हो चुकी है 19 नवम्बर से "फ्राँसिस की अर्थव्यवस्था" के कार्यक्रमों की शुरूआत हो रही है जो नये और अधिक न्यायपूर्ण अर्थव्यवस्था के मॉडल से संबंधित विषयों पर कार्य करेगी।

तैयारी 2019 से ही जारी थी जब संत पापा फ्राँसिस ने इस अवसर का आह्वान किया था। संत पापा ने अर्थशास्त्रियों एवं युवाओं का आह्वान किया है कि वे विभिन्न प्रकार की अर्थव्यवस्था के विचारों को सक्रिय बनायें, खासकर, ऐसी अर्थव्यवस्थाएँ जो समाज के सबसे कमजोर लोगों पर ध्यान देती हैं और जिसमें केवल भौतिक सम्पति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित नहीं किया जाता है।

फ्राँसिस की अर्थव्यवस्था सम्मेलन के प्रतिभागी, वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के कारण वर्चुवल रूप में भाग लेंगे। यह तीन दिनों का है। सम्मेलनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमुख वक्ता शामिल हैं, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस, और अर्थशास्त्री जैसे केट रावोरथ, जेफरी सैक्स, जॉन पर्किन्स, वंदना शिवा, स्टेफनो ज़मान्यी, मौरो मगत्ती, जुआन कैमिलो कर्डेनस, जेनिफर नेडेल्स्की, सिस्टर सेसिल रेनाउर्ड आदि विशेषज्ञ शामिल हैं। साथ ही कई शीर्ष व्यवसाय उद्यमी और प्रबंधक भी हैं।

सम्मेलन के लिए केंद्रीय आयोजन समिति के सदस्यों में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ता और लुगानो में एसयूपीएसआई विश्वविद्यालय की वेलेंटिना रोतोंदी भी हैं।

वलेंटिना ने वाटिकन न्यूज को बतलाया कि किस तरह वे "फ्राँसिस की अर्थव्यवस्था" से जुड़ीं तथा पहल के लिए उनकी आशा एवं लम्बी उम्मीदें क्या हैं।

वलेंटिना रोतोंदी ने अपने आवेदन की याद करते हुए कहा, "यह एक वरदान था।" उन्होंने अधिक उम्मीद और फ्राँसिस की अर्थव्यवस्था के केंद्रीय समिति में शामिल होने की आशा के बिना आवेदन किया था, जहाँ वे विश्व के अन्य युवाओं को शामिल होने में मदद कर रही हैं।   

एक अभूतपूर्व घटना

उन्होंने कहा कि यह सामाजिक विज्ञान, अर्थव्यवस्था एवं लागू अर्थव्यवस्था में पूरी तरह परिवर्तनात्‍मक और नया है। "मैं सचमुच सोचती हूँ कि यह हमारी अर्थव्यवस्था में लोगों के जीने और इस बारे में कि हम इस आर्थिक मॉडल को कैसे बदल सकते हैं, जिसका दुनिया भर के कई लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, उसके बारे हमारी सोच को बदल देगा।"

'एक बेहतर वैश्विक प्रणाली की शुरूआत हम प्रत्येक से'

उन्होंने कहा, "मैं विश्व के अन्य महत्वपूर्ण लोगों के योगदानों के बारे सुनूँगी जो अपने देशों और आम तौर पर विश्व में आर्थिक पृष्ठभूमि को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।"

वलेंटिना ने इन तीन दिनों के अवसर को "एक प्रकार का मध्य मार्ग अवसर" कहा क्योंकि यह कड़ी मेहनत की ऊँची एड़ी के जूते पर आ रही है जिसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी।

एक बहुआयामी प्रक्रिया

उन्होंने कहा कि प्रक्रिया विभिन्न स्तंभों पर आधारित है, कुछ लोग अनुसंधान और प्रकाशन में काम कर रहे हैं, कुछ लोग व्यवसाय पर और कुछ लोग अभिनव व्यवसाय एवं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सामुदायिक योजना की धारा पर कार्य कर रहे हैं।

हरेक प्रतिभागी के लिए काम मिला है और उम्मीद की जा रही है कि अगले माह इससे एक ठोस फल प्राप्त होगा। उदाहरण के लिए, अर्जेंटीना, पेरू और इटली में कुछ लोग ऐसे स्थान तैयार कर रहे हैं जहाँ बच्चे असमानता और इसका सामना अपने दैनिक जीवन में कैसे करना है उसे सीख रहे हैं।

संत पापा फ्राँसिस

वलेंटिना ने कहा कि इस सम्मेलन में संत पापा फ्राँसिस का योगदान आधारभूत है।" उनका योगदान सबसे पहले रहा है कि उन्होंने युवाओं का आह्वान किया, कि वे भविष्य की चिंता करने में अपनी बुद्धिमता, क्षमता और उत्साह पर भरोसा रखें।

 

19 November 2020, 16:44