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द. अफ्रीका में बुरुंडी के शरणार्थी मुशिना शर्णार्थी कैंप में द. अफ्रीका में बुरुंडी के शरणार्थी मुशिना शर्णार्थी कैंप में  (AFP or licensors)

अंतरराष्ट्रीय कारितास द्वारा बुरुंडी विस्थापितों की सहायता

"विकास शांति का नया नाम है," इस दृढ़ विश्वास से प्रेरित अंतरराष्ट्रीय कारितास ने बुरुंडी के शरणार्थियों के लिए एक सहायता कार्यक्रम स्थापित किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रुवांडा, शनिवार 14 नवम्बर 2020 (वाटिकन न्यूज) : अंतरराष्ट्रीय कारितास ने महामा शिविर, रवांडा में बुरुंडी शरणार्थियों का समर्थन करने के लिए तीन साल का कार्यक्रम शुरू किया है,जहां वे अपने परिवारों की देखभाल करने के लिए पर्याप्त पैसा कमा सकते हैं और एक सम्मानजनक जीवन का आनंद ले सकते हैं।

कारितास  ने कहा कि 2020 के गर्मियों के दौरान शुरू किए गए 380,000 यूरो का कार्यक्रम, महिलाओं को छोटे व्यवसायों को लॉन्च करने और लोगों को खेती करने के लिए उपकरण और बीज प्रदान करने में मदद करने के साथ-साथ बुजुर्गों की देखभाल करने,उनकी सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है।

साथ ही, कार्यक्रम शिविर समुदाय को शांति निर्माण प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मध्यस्थों को प्रशिक्षण दे रहा है और शरणार्थियों और मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोगों के मानवाधिकारों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सहायता प्रदान कर रहा है।

संघर्ष द्वारा विस्थापित

2015 के बाद से, देश के संविधान का उल्लंघन करते हुए, पियरे नर्कुन्निज़ा को तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किए जाने के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के कारण शुरु हुए संघर्ष में सैकड़ों बुरुंडियों ने अपना देश छोड़ दिया है।

कई बुरुंडीवासी पड़ोसी देश रवांडा,  कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, तंजानिया और युगांडा भाग गए। कुछ को वापस लाया जा रहा है और कई लोग अपने देश और घर से दूर विषम परिस्थितियों में अपने परिवारों की देखभाल कर रहे हैं।

पुनर्निर्माण जीवन

 कारितास रुवांडा स्टाफ के सदस्य नगाराम्बे वैंसन ने बताया कि बहुत कम वित्तीय सहायता भी महिलाओं को समर्थन प्रदान करती है।

आठ बच्चों की माँ, कीरंगवा एमलाइन की कहानी इस तरह के विकास का एक उदाहरण है, जो बकरी का मांस बेचने के व्यवसाय शुरु करने के लिए ऋण प्राप्त करती है, बुरुंडी में एक विक्रेता होने के छह महीने के भीतर, उसका व्यवसाय बढ़ गया और वह एक गाय खरीदने में सक्षम हो गई, जिसका दूध उसके बच्चे पीते थे, साथ ही उसने सामानों के परिवहन के लिए एक मोटरबाइक खरीदी। हालांकि, कोविद -19 महामारी के दौरान उसका व्यवसाय ठप हो गया और इस कठिन समय से गुजरने के लिए उसे समर्थन की आवश्यकता है।

समर्थन की अपील

कीरंगवा जैसे कई अन्य लोगों को कारितास ने दाताओं की उदारता से प्राप्त यूरो से विस्थापित व्यक्ति को अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद की है।

"विकास शांति का नया नाम है," संत पापा पॉल छठे के शब्दों से प्रेरित होकर कारितास लोगों को विस्थापितों का समर्थन करने की अपील करता है। उनका कहना है कि उनका बहुमूल्य योगदान "हमारे भाइयों और ज़रूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक भूमिका निभा सकता है।"

"महामारी के इस समय में, एकजुटता केवल एक विकल्प नहीं है, बल्कि सबसे अधिक संघर्ष करने वालों के लिए आशा और अवसर प्रदान करने का सबसे अच्छा तरीका है।"

14 November 2020, 13:53